रायपुर में प्री-मानसून बौछारें पड़ी ही नहीं:रायपुर में प्री-मानसून वर्षा का 10 साल में 200 मिमी का औसत है लेकिन अब तक केवल 3 मिमी पानी ही बरसा है

रायपुर6 महीने पहलेलेखक: पीलूराम साहू
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छत्तीसगढ़ के कई जिलों में औसत से भी कम हुई प्री-मानसून बारिश - Dainik Bhaskar
छत्तीसगढ़ के कई जिलों में औसत से भी कम हुई प्री-मानसून बारिश

जून का आधा महीना गुजरने वाला है लेकिन रायपुर सहित कई ऐसे जिले हैं जहां प्री-मानसून बारिश जैसे हुई ही नहीं है। रायपुर में प्री-मानसून वर्षा का 10 साल में 200 मिमी का औसत है, लेकिन अब तक केवल 3 मिमी पानी ही बरसा है। धमतरी में भी केवल 25 मिमी पानी गिरा है। दुर्ग में 59 और बालोद में 45 मिमी बारिश ही हुई है।

केवल कवर्धा में सबसे ज्यादा 105 मिमी बारिश हुई है। जहां तक गर्मी का सवाल है, रायपुर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्से में पारा 40 डिग्री से ऊपर चल रहा है और कुछ जगह लू जैसे हालात हैं। मौसम विभाग के पिछले 10 साल के रिकार्ड के अनुसार रायपुर में जून में 200 मिमी बारिश होने का औसत है। 2013 में सबसे ज्यादा 285.7 मिमी वर्षा हुई थी। 2015 में 268.1 मिमी पानी गिरा था।

पिछले साल 205 मिमी बारिश हो गई थी। उसकी तुलना में इस साल आधे महीने में महज 3 मिमी बारिश चिंताजनक है। राजधानी में शनिवार की बारिश के बाद रविवार को मौसम खुशगवार रहा, लेकिन सोमवार को फिर तापमान 39 डिग्री को पार कर गया। मंगलवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री का पार गया, जो सामान्य से 5 डिग्री ज्यादा है। माना में भी लू चली। वहां का अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री रहा। प्रदेश में सर्वाधिक तापमान बिलासपुर का 42.4 डिग्री रहा, वहां लू जैसे हालात रहे।

खाड़ी शांत, इसलिए लेट
बंगाल की खाड़ी में कोई सिस्टम नहीं बनने के कारण प्रदेश में मानसून में देरी हो रही है। मौसम विज्ञान केंद्र लालपुर के मौसम विज्ञानी बीके चिंदालोरे के अनुसार 3-4 दिन में मानसून आ सकता है।

हालांकि खाड़ी में कोई सिस्टम नहीं बना है। महाराष्ट्र, गुजरात के कुछ भागों में मानसून पहुंच चुका है। जबकि सिस्टम न बनने के कारण पांडिचेरी में मानसून अटका हुआ है।

बस्तर में अंधड़-बारिश, पेड़ आईटीबीपी कैंप पर गिरा, सात जवान घायल
बस्तर के कई हिस्से में अंधड़ के साथ बारिश हुई। एक-दो जगह ओले भी गिरे। इस दौरान आईटीबीपी नेलवाड़ कैंप में पेड़ गिरा, जिससे बैरक ध्वस्त हो गया और 7 जवान घायल हो गए। वहीं, रायपुर में भी बूंदाबांदी हुई।

मौसम विशेषज्ञों ने गुरुवार को कई जगह बारिश की चेतावनी दी है। उन्होंने बताया कि खाड़ी में सिस्टम नहीं है, अभी नमी अरब सागर से आ रही है। गुरुवार की बारिश-हवा की दिशा के आंकलन के बाद मानसून की घोषणा की जाएगी।

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