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छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी:बीजापुर-नारायणपुर जिलों में बाढ़ का खतरा; सुकमा, दंतेवाड़ा, कोंडागांव, बस्तर, महासमुंद में अलर्ट

रायपुर7 महीने पहले
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छत्तीसगढ़ में हैवी बारिश का रेड अलर्ट जारी हुआ है। यह अलर्ट बस्तर संभाग के बीजापुर और नारायणपुर जिलों के लिए है। इसके साथ ही पिछले एक सप्ताह से भारी बरसात से जूझ रहे बीजापुर जिले में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बस्तर संभाग के ही सुकमा, दंतेवाड़ा, कोण्डागांव, बस्तर और रायपुर संभाग के महासमुंद में भी भारी से अति भारी बरसात का आरेंज अलर्ट है।

मौसम विभाग की ओर से सोमवार शाम नई चेतावनी जारी की गई। इसके मुताबिक अगले 24 घंटों में बीजापुर और नारायणपुर जिलों में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ अति भारी से चरम भारी (Extreme Heavy) बरसात की संभावना है। इन स्थानों पर वज्रपात की भी संभावना जताई जा रही है। इस रेड अलर्ट के जरिए मौसम विभाग ने राहत आयुक्त को अति सतर्कता बरतने और आवश्यक कार्रवाई की सिफारिश की है।

वहीं सुकमा, दंतेवाड़ा, कोण्डागांव, बस्तर और महासमुंद जिलों में आरेंज अलर्ट के जरिए एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी बरसात की संभावना जताई गई है। रायपुर, बलौदा बाजार, गरियाबंद, धमतरी, राजनांदगांव और कांकेर जिलों में गरज-चमक के साथ भारी वर्षा और व्रजपात की संभावना जताई जा रही है। इन जिलों के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।

दो दिन पहले नाले का जलस्तर बढ़ने से राशन का चावल ले जा रहा एक ट्रक बह गया।
दो दिन पहले नाले का जलस्तर बढ़ने से राशन का चावल ले जा रहा एक ट्रक बह गया।

बीजापुर जिले में दोगुना पानी बरस चुका

बस्तर संभाग का बीजापुर जिला बाढ़ की चपेट में आ चुका है। वहां सामान्य से दो गुना पानी बरस चुका है। सामान्य तौर पर एक जून से 11 जुलाई तक बीजापुर में 338.2 मिमी औसत बरसात होती है। इस बार 704.4 मिमी बरसात अब तक हो चुकी है। यह सामान्य से 108% अधिक है। सोमवार को ही बीजापुर के चारो केंद्रों पर भारी बरसात दर्ज हुई है। कांकेर के पखांजुर, भानुप्रतापपुर और बस्तर के तोकपाल में भी भारी बरसात दर्ज हुई है।

इस मौसमी तंत्र की वजह से भारी बरसात का योग

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक एक निम्न दाब का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में ओडिशा के ऊपर स्थित है। इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। मानसून द्रोणिका जैसलमेर, कोटा, गुना, जबलपुर, पेंड्रा रोड, बलांगीर, निम्न दाब का केंद्र होते हुए दक्षिण-पूर्व की ओर पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। इसके प्रभाव से 12 जुलाई को प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने तथा गरज-चमक के साथ छीटें पड़ने की संभावना है। प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी से अति भारी वर्षा भी होने की संभावना है।

रायपुर में घने बादलों के बाद भी बरसात कम हो रही है। अब तक यहां सामान्य से 45% कम पानी बरसा है।
रायपुर में घने बादलों के बाद भी बरसात कम हो रही है। अब तक यहां सामान्य से 45% कम पानी बरसा है।

प्रदेश में अब तक 293 मिमी पानी बरस चुका

छत्तीसगढ़ में एक जून से 11 जुलाई तक सामान्य औसत बरसात 320.6 मिलीमीटर है। 11 जुलाई तक प्रदेश में 293.4 मिलीमीटर पानी बरस चुका है। इसका मतलब है कि अब बरसात में सामान्य से केवल 8% ही कमी रह गई है। बीजापुर में सामान्य से बहुत अधिक पानी बरसा है। तीन जिलों जांजगीर-चांपा, कबीरधाम और मुंगेली में सामान्य से अधिक बरसात है। वहीं 14 जिलों में बरसात सामान्य है।

अब भी पानी की कमी से जूझ रहे हैं 10 जिले

करीब 18 जिलों में सामान्य या सामान्य से अधिक पानी बरसने के बाद भी 10 जिले बरसात की कमी से जूझ रहे हैं। इनमें जशपुर, बलरापुर और सरगुजा की स्थिति गंभीर है। जशपुर में अभी तक केवल 129 मिलीमीटर बरसात हो पाई है। वहां सामान्य औसत 424.1 मिमी का है। यानी वहां 70% कम पानी गिरा है। बलरामपुर में 62% और सरगुजा में 60% कम पानी बरसा है। बेमेतरा, दंतेवाड़ा, कोरबा, कोरिया, रायगढ़, रायपुर और सूरजपुर जिलों में भी सामान्य से कम पानी बरसा है।

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