रिश्तों का खून:बढ़ता ट्रेंड; पिछले 6 महीनों में 17 जिलों में 338 हत्याएं हुईं, जिनमें 116 मर्डर रिश्तेदार ने किए

रायपुरएक वर्ष पहलेलेखक: दिग्विजय कुमार
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भास्कर ने प्रदेश में मर्डर मिस्ट्री का अध्ययन किया, तो पता चला कि आपसी कलह, प्रेम प्रसंग और पारिवारिक वजहों से हत्याएं हो रही हैं। - Dainik Bhaskar
भास्कर ने प्रदेश में मर्डर मिस्ट्री का अध्ययन किया, तो पता चला कि आपसी कलह, प्रेम प्रसंग और पारिवारिक वजहों से हत्याएं हो रही हैं।

सरगुजा में तीन दिन पहले प्रेम प्रसंग पर ट्रिपल मर्डर की घटना ने प्रदेश का ध्यान खींचा। छत्तीसगढ़ में इस तरह का मर्डर एक नए तरह के ट्रेंड को दर्शा रहा है। भास्कर ने प्रदेश में मर्डर मिस्ट्री का अध्ययन किया, तो पता चला कि आपसी कलह, प्रेम प्रसंग और पारिवारिक वजहों से हत्याएं हो रही हैं। 17 जिलों में पिछले छह महीने में 338 हत्याएं हुईं, जिनमें 116 मर्डर यानी 34 प्रतिशत रिश्तेदारों ने किए।

ऐसा नहीं है कि ये हत्याएं कम पढ़े-लिखे लोगों के बीच हैं, बल्कि संभ्रांत परिवारों के बीच भी ऐसी घटनाएं देखी गईं हैं। इतनी छोटी-छोटी वजहों से हत्याएं हुईं हैं, जिन्हें सुनकर ही आश्चर्य होगा। 3 सितंबर को बिलासपुर के तिफरा में सावित्री बाई ने पति बलराम सिंह को मार डाला। 4 सितंबर को दुर्ग के पोटियाकला में तीरथ पटेल ने 12 वर्ष की बेटी को जिंदा जला दिया।

6 सितंबर को राजिम में काम करने को कहने पर मानव निषाद ने मां यशोदा निषाद की हत्या कर दी। 9 सितंबर को कवर्धा के घानीखुंटा गांव में कैलाश वर्मा ने मोटरसाइकिल चलाने से मना करने पर अपने पिता प्रभु लाल वर्मा को मार डाला। यह तो चंद उदाहरण हैं पारिवारिक रिश्तों की बुनियाद में 'दीमक' लग जाने के। वरना ऐसे वारदातों की फेहरिस्त काफी लंबी है।

मार्च-अप्रैल से लेकर सितंबर में अब तक राज्य के 17 जिलों कोरबा, बिलासपुर, बालोद, सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, दुर्ग-भिलाई, बस्तर, कवर्धा, जशपुर, धमतरी, कांकेर, नारायणपुर दंतेवाड़ा, रायपुर और बीजापुर में 338 हत्याएं हुई। इनमें से 116 ऐसे मामले थे जिसमें परिजनों ने ही अपने ‘खून के रिश्ते' का खून कर डाला। इसके पीछे वजह इतनी छोटी-छोटी कि सहसा विश्वास नहीं होता कि अपनों का खून बहाने में पति, पत्नी, पिता, बहन, भाई, चाचा और भतीजा से लेकर मामा तक शामिल हैं।

ऐसा नहीं है कि इन हत्याओं को अंजाम देने वाले नशेड़ी या कम पढ़े-लिखे ही होते हैं। अपनों का खून बहाने में समाज के रसूखदार लोग भी पीछे नहीं है। इसी वर्ष अप्रैल में उरगा के भैसमा गांव में अविभाजित मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री रहे स्व. प्यारेलाल कंवर के बेटे हरीश कंवर, हरीश की पत्नी सुमित्रा कंवर और चार साल की बेटी आशी की धारदार हथियार हत्या कर दी गई थी। हत्या के पीछे जमीन-संपत्ति संबंधी विवाद सामने आया। पूरी साजिश हरीश की भाभी धनकुंवर ने अपने भाई परमेश्वर, भाई के दाेस्त, पति हरभजन व नाबालिग बेटी के साथ मिलकर रची थी।

ऐसे कारणों से हत्याएं कि सोच में पड़ जाएं

  • सूरजपुर: पत्नी शराब पीती थी इसलिए उसे मार डाला
  • कोरिया: फोन में महिला की फोटो देखी, पति की हत्या
  • बलरामपुर: पति को काम करने कहा, पत्नी की हत्या

केस स्टडी; जानिए किन कारणों से हुए मर्डर

शराब से पति दुखी था, पत्नी शराब प्रेमी
सूरजपुर में ओमनाथ सिंह ने 22 अप्रैल को पत्नी अनीता सिंह की हत्या कर दी। पकड़े जाने पर ओम नाथ ने बताया कि वह पत्नी की शराब पीने की लत से परेशान था।

घर चलाने के लिए पत्नी ने काम करने कहा
बलरामपुर के सुरसा बीचपारा में रामधनी ने अपनी पत्नी की इसलिए हत्या कर दी थी क्योंकि वह परिवार चलाने के लिए उसे काम करने को कहती थी।

8000 के लिए पिता और भाई की हत्या
काेरिया के जोलगी गांव में धनजीत ने महज 8 हजार रुपए के लिए अपने पिता चरका राम और बड़े भाई गुलाल की हत्या कर दी। उसे पैसे मिलने वाले थे लेकिन एक दिन भी नहीं रुका।

हत्या से पहले फोटो के बारे में पूछा तक नहीं
कोरिया में अनुराधा राजवाड़े ने सो रहे पति भूपेंद्र को मार डाला। उसकी मोबाइल में किसी दूसरी महिला की तस्वीर थी। हत्या से पहले उसने पति से फोटो के बारे में पूछा तक नहीं।

हत्या के कारण

  • प्रेम प्रसंग- अवैध संबंध
  • शक
  • जमीन विवाद
  • दहेज
  • रुपए का लेन-देन
  • शराब पीने की लत
  • पति-पत्नी के झगड़े
  • काम करने को कहा जाना।

कोरोना का लोगों के दिमाग पर बुरा असर: मनोवैज्ञानिक

  • लॉकडाउन का लोगों के शरीर, दिमाग व मन पर बुरा असर पड़ा है। डिप्रेशन बढ़ा है। साधारण सी बात पर तेजी से गुस्सा आता है। फिर वह भूल जाता है कि सामने वाला उसका रिश्तेदार है। इसलिए पारिवारिक सदस्य अपराध कर रहे हैं। - डॉ. राजेश तिवारी, मनोवैज्ञानिक बिलासपुर

अध्ययन कर रहे हैं, प्रेम त्रिकोण और संपत्ति विवाद बड़े कारण

  • हम 2016, 2017 और 2018 में हुई हत्याओं का अध्ययन कर रहे हैं कि वे किस ट्रेंड पर हैं। इस दौरान ज्यादातर हत्याएं प्रेम त्रिकोण, दोस्ती, संपत्ति विवाद को लेकर सामने आई हैं। प्रदेश में संगठित अपराध का ट्रेंड नहीं है। - डीएम अवस्थी, डीजीपी, छत्तीसगढ़
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