कोरोना से बड़ी अफवाह की महामारी:छत्तीसगढ़ में कोरोना टीकाकरण को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म, शुरुआती तेजी के बाद ठंढी पड़ी रफ्तार

रायपुर7 महीने पहले
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छत्तीसगढ़ में टीकाकरण अभियान धीमा पड़ा हुआ है। प्रदेश के पास अभी एक दिन में औसतन 4 लाख टीका लगाने की क्षमता है। लेकिन, पूरी क्षमता से काम नहीं हो पा रहा है। अप्रैल के पहले सप्ताह में टीकाकरण केंद्रों पर औसतन 2.80 लाख टीके रोज लगे। पिछले सप्ताह यह औसत 60 हजार तक पहुंच गया। सामने आया है कि लोगों में महामारी से ज्यादा टीकाकरण के प्रति फैली अफवाहों का डर है।

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया, अभी 45 साल से अधिक के 10 लाख लोगों को टीके की दोनों डोज लगना शेष है, लेकिन लोगों का बूथ पर आना कम हो गया है। इसकी वजह से क्षमता के मुताबिक काम नहीं हो पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता डॉ. सुभाष मिश्रा का कहना है कि कोरोना, खासकर उसकी दूसरी खुराक को लेकर कुछ अफवाहें फैल गई हैं। लोगों को लग रहा है कि वैक्सीन लगाने के बाद वे बीमार हो गए। डॉ. मिश्रा का कहना है, केंद्रों पर पहुंचने वाले लोगों में आई कमी इस अफवाह का परिणाम हो सकता है। यह केवल अफवाहें ही हैं। टीका पूरी तरह सुरक्षित है। यह बीमारी को रोकने में मददगार है।

53.24 लाख को लग चुका टीका

प्रदेश में अभी तक 53,24,444 को कोरोना का टीका लगा है। इसमें मात्र 6,02,963 लोगों को ही टीके की दोनों डोज लगी है। इस अंतर के पीछे अफवाहों काे बताया जा रहा है। कुछ डॉक्टरों का कहना था, शुरुआत में पहले और दूसरे डोज के बीच का अंतर चार सप्ताह था। बाद में उसे 6 से 8 सप्ताह कर दिया गया। इसकी वजह से भी यह गैप दिख रहा है।

टीकाकरण की बढ़ती रफ्तार अब धीमी पड़ती दिख रही है
टीकाकरण की बढ़ती रफ्तार अब धीमी पड़ती दिख रही है

18+ के 1.20 करोड़ के लिए मुफ्त टीका

राज्य सरकार का अनुमान है कि छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ 86 लाख की आबादी में से एक करोड़ 20 लाख लोग 18 वर्ष के 45 वर्ष तक के हैं। इस आयु वर्ग के लिए सरकार ने मुफ्त टीकाकरण की घोषणा की है। अनुमान है कि इस पर एक हजार करोड़ रुपए से अधिक का खर्च आएगा। इसके लिए कांग्रेस विधायकों के अपनी पूरी विधायक निधि समर्पित की है। शासन के अतिरिक्त खर्च में कटौती की कोशिश भी की जा रही है।

वैक्सीनेशन के लिए केंद्र के जवाब का इंतजार

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अभी प्रधानमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर राज्य और केंद्र सरकारों के लिए एक ही दाम पर वैक्सीन उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने केंद्र से यह भी चाहा है कि वह योजना का खुलासा करे कि वह रोज कितनी वैक्सीन उन्हें दे पाएंगे, ताकि वैक्सीनेशन अभियान की योजना को अंतिम रूप दिया जा सके। स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता डॉ. सुभाष मिश्रा ने कहा, अभी तक केंद्र सरकार ने कोई गाइडलाइन नहीं भेजी है। हमारी तैयारी जारी है। जैसे ही गाइडलाइन आएगी उसके मुताबिक व्यवस्था बना ली जाएगी।

एक-दो दिन में वैक्सीन कंपनी को ऑर्डर जाएगा

18+ के लोगों के मुफ्त टीकाकरण का अधिकांश खर्च राज्य सरकार को ही उठाना है। ऐसे में सरकार अभी दरों में कुछ छूट पाने की कोशिश में है। केंद्र और उत्पादक कंपनियों से इस संबंध में बातचीत जारी है। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया है कि एक-दो दिनों में कोवीशील्ड वैक्सीन 50 लाख डोज के लिए सीरम इंस्टीस्च्यूट को पहला आर्डर भेजा जा सकता है।

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