सीएम ने दिया विधायक वोरा के सवाल का जबाव:बोले- नक्सली घटनाओं के लिए अब तक 6 न्यायिक आयोग, 4 में जांच जारी

रायपुरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

विधानसभा के शीतकालीन सत्र में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि राज्य बनने के बाद से प्रदेश में नक्सली घटनाओं की जांच के लिए अब तक 6 न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया है। इसमें ताड़मेटला-चिंतलनार मुठभेड़, बासागुड़ा- सारकेगुड़ा मुठभेड़, एडसमेटा, जीरमघाटी, भीमा मंडावी मृत्यु तथा मदनवाड़ा जांच आयोग शामिल हैं।

इनमें से बासागुड़ा-सारकेगुड़ा और एडसमेटा घटनाओं की जांच पूरी हो चुकी है जबकि शेष चार में जांच अभी भी जारी है। कांग्रेस विधायक अरुण वोरा ने जानना चाहा था कि प्रदेश में नक्सली घटनाओं की जांच के लिए कितने न्यायिक आयोग का गठन कब-कब किया गया था तथा कितने की रिपोर्ट सरकार को प्राप्त हुई है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्थन में हड़ताल करेंगे ननकी
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका की वेतनवृद्धि की मांग के समर्थन में मंगलवार को भाजपा विधायक व पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर विधानसभा परिसर स्थित गांधी प्रतिमा के पास भूख हड़ताल पर बैठेंगे। इस संबंध में उन्होंने विधानसभा स्पीकर डॉ. चरणदास महंत और सीएम भूपेश बघेल को पत्र के जरिए सूचना भेजी है।

पूर्व गृहमंत्री ने लिखा है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच का सात दिवसीय धरना चल रहा है। सोमवार को वे भी धरना में शामिल हुए। इस दौरान उन्हें पता चला कि सीएम ने 35 महीने में जन घोषणा पत्र के 36 में से 25 वादों को पूरा करने का दावा किया है। इसमें 21 नंबर पर आंगनबाड़ी मध्याह्न भोजन वेतन वृद्धि का उल्लेख है, जबकि यह वादा पूरा नहीं हुआ है। इसके विरोध में ही गांधी प्रतिमा के पास भूख हड़ताल पर बैठेंगे।

नेता प्रतिपक्ष के लिए नए कक्ष का किया लोकार्पण

सत्र की शुरुआत के पहले विधानसभा के समिति कक्ष में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक हुई। इसमें विधानसभा अध्यक्ष के साथ सीएम भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, संसदीय कार्यमंत्री रविंद्र चौबे, पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह आदि शामिल हुए। सीएम ने विधानसभा परिसर में नेता प्रतिपक्ष के नए कक्ष का लोकार्पण भी किया। सीएम समेत सभी सदस्यों ने स्पीकर डॉ. चरणदास महंत को जन्मदिन की बधाई दी।

देवव्रत, युद्धवीर सहित 6 सदस्यों और रावत को दी श्रद्धांजलि

विधानसभा के शीतकालीन सत्र का पहले दिन की कार्यवाही दिवंगत नेताओं तथा सीडीएस रावत को श्रद्धांजलि देने के बाद मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। औपचारिक शुरुआत के बाद स्पीकर महंत ने खैरागढ़ विधायक देवव्रत सिंह, पूर्व सांसद गोंदिल प्रसाद अनुरागी, पूर्व मंत्री राजिंदर पाल सिंह भाटिया, पूर्व संसदीय सचिव युद्धवीर सिंह जूदेव, अविभाजित एमपी में मंत्री रहे मूलचंद खंडेलवाल और विधायक रहे मनुराम कच्छ के निधन का उल्लेख किया।

उन्होंने 8 अक्टूबर को हेलिकॉप्टर दुर्घटना में शहीद हुए देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 11 अन्य सैन्य कर्मियों की सेवाओं का उल्लेख करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। सीएम भूपेश बघेल ने भी दिवंगत विधायक देवव्रत सिंह समेत सभी नेताओं के साथ ही जनरल बिपिन रावत को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, रमन सिंह, टीएस सिंहदेव, अजय चंद्राकर, रेणु जोगी, केशव चंद्रा, मोहम्मद अकबर ने भी दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। जोगी कांग्रेस के विधायक धर्मजीत सिंह व कांग्रेस के देवेंद्र यादव इस बार सत्र में अनुपस्थित रहेंगे।

सरकार ने तीन साल में लिया 51335 करोड़ कर्ज, 5 हजार करोड़ हर साल ब्याज

छत्तीसगढ़ सरकार सरकार ने पिछले तीन साल में 51 हजार करोड़ से अधिक का कर्ज लिया है। अब सरकार पर ऋण भार अनुमानित राजस्व आय का 106% हो गया है। मतलब, जितनी आय संभावित है उससे कहीं अधिक कर्ज है। बजट 2021-22 के मुताबिक प्रदेश में 79 हजार 325 करोड़ रुपए की कुल राजस्व प्राप्तियां अनुमानित हैं। कर्ज की यह मात्रा छत्तीसगढ़ के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 22% होता है।

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, अजय चंद्राकर के अलग -अलग सवाल के लिखित उत्तर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि दिसम्बर- 18 से 24 नवम्बर-21 तक सरकार ने 51 हजार 335 करोड़ रुपए का कर्ज लिया है। यह कर्ज आरबीआई, नाबार्ड से लिया गया और केंद्र सरकार ने उपलब्ध कराया है। हालात ऐसे हैं कि सरकार को हर साल करीब 5 हजार करोड़ रुपए से अधिक का केवल ब्याज चुकाना पड़ रहा है।

बघेल के अनुसार दिसम्बर-18 से मार्च-19 तक ब्याज के रूप में विभिन्न वित्तीय संस्थाओं को 1771 करोड़ 94 लाख रुपए का भुगतान किया। वहीं 590 करोड़ 64 लाख रुपए मूलधन के दिए। अप्रैल-19 से मार्च-20 तक ब्याज के तौर पर 4 हजार 970 करोड़ 34 लाख रुपए का भुगतान हुआ। वहीं 2 हजार 36 करोड़ 36 लाख रुपए मूलधन के तौर पर देने पड़े।​