अनिला भेंडिया का इंटरव्‍यू:बोलीं- शराबबंदी अचानक नहीं की जा सकती, सीएम कह चुके हैं कि अगर पंचायत लिखकर दे तो वहां शराब बंद की जाएगी

रायपुर3 महीने पहलेलेखक: अश्विनी पाण्डेय
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अनिला भेंडिया, महिला एवं बाल विकास व समाज कल्याण मंत्री, छत्‍तीसगढ़ - Dainik Bhaskar
अनिला भेंडिया, महिला एवं बाल विकास व समाज कल्याण मंत्री, छत्‍तीसगढ़

प्रदेश में भाजपा शराबबंदी को महिलाओं से जोड़ते हुए बड़ा मुद्दा बना रही है। नवंबर में इस मुद्दे पर बिलासपुर में महतारी हुंकारी रैली भी होने जा रही है। ऐसे में प्रदेश की एक मात्र महिला मंत्री अनिला भेंडिया का कहना है कि महिलाओं को हम आत्मनिर्भर बना रहे हैं। हमारी सरकार शराबबंदी के लिए प्रयास कर रही है। सीएम ने निर्देश दिए हैं कि अगर कोई ग्राम पंचायत लिखकर देता है कि उसके एरिया में शराबभट्‌टी न हो, तो उसे तुरंत हटाया जाएगा। कई शराब की दुकानों को बंद भी किया गया है।

भाजपा शराबबंदी को लेकर हुंकार रैली करने जा रही है, इसका जवाब कैसे देंगी?
शराबबंदी अचानक नहीं की जा सकती, सीएम कह चुके हैं कि अगर पंचायत लिखकर दे तो वहां शराब बंद की जाएगी

भाजपा महिलाओं को लेकर बिलासपुर में हुंकार रैली निकालने जा रही है, आप महिलाओं के लिए क्या कर रही है?
-हमारा उद्देश्य है कि राज्य में महिलाएं आत्मनिर्भर बनें। इसके लिए हम वनवासी क्षेत्रों तक में उन्हें शिक्षा से जोड़ रहे हैं। गौठानों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। अब तक 82 हजार महिलाएं रोजगार से जुड़ चुकी हैं।

आदिवासी आरक्षण के कम होने में आप किसे दोषी मानती है?
-भाजपा सरकार ने समय पर कोर्ट में दस्तावेज प्रस्तुत किए होते तो यह स्थिति नहीं होती। संविधान में आदिवासियों को 32 फीसदी आरक्षण मिला है, तो यह हमारा हक है। सीएम आश्वास्त कर चुके हैं कि आदिवासियों को उनका हक मिलेगा।

महिला बाल विकास में ऐसा क्या काम हुआ जो भाजपा सरकार नहीं कर पाई?
-कुपोषण में कमी आई है। दाई-दीदी क्लिनिक योजना, हाट बाजार जैसी योजनाओं से महिलाएं लाभान्वित हो रही है। रेडी टू ईट सप्लाई में अब मशीनों के माध्यम से खाना बनाया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मृत्यु पर 50 हजार और रिटायर होने पर भी 50 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। पहले रिटायरमेंट पर 10 हजार मिलते थे।

दिव्यागों के लिए क्या कर रही हैं?
-दिव्यागों के कृत्रिम अंग के लिए माना में बड़ा सेंटर चल रहा है। बालौद में भी एक नया सेंटर खोला गया है। दिव्यांगों के यूडीआई कार्ड बनाने में हमारा प्रदेश देश में अव्वल है। दिव्यांगजनों को बाकी प्रदेशों में 4 प्रतिशत आरक्षण मिलता है, जबकि हमारे प्रदेश में 7 प्रतिशत है।

महिला वोट बैंक के लिए क्या रणनीति है?
-महिलाओं का वोट वैसे भी कांग्रेस को ही अधिक जाता है। भाजपा ने एपीएल राशन कार्ड बंद कर दिए थे। हमने महिलाओं के नाम से शुरू किए। गढ़ कलेवा हो या गौठान हर जगह महिलाएं ही आगे आ रही हैं। इस समय महंगाई से महिलाएं बहुत परेशान हैं, ऐसे में वोट प्रतिशत और बढ़ेगा।

भाजपा में जातिगत बदलाव किए जा रहे हैं, क्या जाति की राजनीति सफल हो पाएगी?
-भाजपा जाति को लेकर लड़वाती है। हम लोग धर्मनिरपेक्ष राजनीति में विश्वास करते हैं।

भाजपा शराबबंदी को महिलाओं से जोड़कर बड़ा मुद्दा बना रही है। इस पर आपकी सरकार क्या कर रही है?
-भाजपा 15 साल तक सत्ता में रही, तब शराबबंदी क्यों नहीं लागू की। काेरोना काल के दौरान कुछ दिन शराब बंद हुई थी, तो कुछ लोग हॉस्पिटलाइज हो गए थे। शराबबंदी को लेकर अचानक निर्णय नहीं लिया जा सकता। अचानक से शराबबंदी के दुष्परिणाम राज्यों में देखने को मिल रहे हैं। शराबबंदी के लिए कमेटी भी बनी है, उसकी रिपोर्ट आने के बाद निर्णय लिया जाएगा। हम जिलों में नशामुक्ति केंद्र खोल रहे हैं। जब लोग नशे से दूर होंगे, तो स्वत: शराबबंदी हो जाएगी।

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