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घरेलू विवाद में युवक की हत्या:युवक का शव बोरी में जलते देख लोगों को शक, पुलिस के पहुंचने पर हत्या का खुलासा

रायपुर6 दिन पहले
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श्मशानघाट में दोनों आरोपी। - Dainik Bhaskar
श्मशानघाट में दोनों आरोपी।
  • मारवाड़ी श्मशानघाट के मैनेजर की मिलीभगत से जला रहे थे चिता, 3 गिरफ्तार

छेरीखेड़ी में मंगलवार रात 1.30 बजे घरेलू विवाद में एक युवक की हत्या कर दी गई। युवक के ममेरे भाई और जीजा ने जमकर पिटाई की और फिर गला घोट दिया। युवक का शव कार में रखकर निकल गए। वहां नागपुरा गांव पहुंचे। रातभर शव कार में रखा रहा। जीजा-साला जाकर सो गए। रविवार सुबह मारवाड़ी श्मशान के मैनेजर से अंतिम संस्कार के लिए बातचीत की। सुबह 10.30 बजे कार से श्मशान घाट पहुंचे।

वहां पर मैनेजर ने पहले से अंतिम संस्कार की व्यवस्था कर रखी थी। आरोपियों ने बोरी के साथ ही शव को चिता पर रख दिया और दाह संस्कार कर दिया। शव आधा जल गया था। तभी आसपास के लोगों को बोरी में शव देखकर शक हुआ तो पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस श्मशान घाट पहुंची। चिता को पानी डालकर बुझाया।

जीजा, साले और मैनेजर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और शव को मरचूरी भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार हत्या में कुछ और लोग शामिल हो सकते हैं। टीआई अश्वनी राठौर ने बताया कि छेरीखेड़ी में वेदकरण साहू (34) का मकान है। उनका संयुक्त परिवार है। बुआ और उनका बेटा कमलेश साहू (25) भी साथ रहते हैं। कई साल पहले कमलेश को उसके पिता ने छोड़ दिया था।

विवाद इतना बढ़ गया कि कर दी हत्या, रातभर कार में रखा शव

आपसी विवाद के बाद से मृतक छेरीखेड़ी में अपने मामा के घर पर रहता था। उसका आए दिन घर पर विवाद होता था। इसी वजह से दो माह पहले उसकी पत्नी मायके चली गई। शनिवार रात भी घर में विवाद हुआ। वेदकरण ने अपने जीजा टीकाराम साहू (36) को बुलाया। दोनों ने समझाने की कोशिश की लेकिन विवाद और बढ़ गया। वेदकरण और टीकाराम ने कमलेश की जमकर पिटाई की। गला घोटकर उसकी हत्या भी कर दी। इसके बाद दोनों आनन-फानन में शव कार में भरकर निकल गए। टीकाराम शव लेकर अपने गांव नागपुरा आया।

टीकाराम का परिचित रवि साहू मारवाड़ी श्मशान घाट में मैनेजर है। टीकाराम ने उसे बताया कि उसके साले की मौत हो गई है। अंतिम संस्कार करना है। टीकाराम और वेदकरण दोनों कार से सुबह शव लेकर मारवाड़ी श्मशान पहुंचे। बोरी के साथ ही शव को चिता में डाल दिए। फिर जलाने लगे। आसपास वालों ने देखा कि चिता में बोरी जल रही है।

श्मशान में पहुंचकर उन्होंने आरोपियों से पूछा कि किसे जला रहे हो। आरोपियों ने बताया कि उनका भाई है, सीढ़ियों से गिर गया था जिससे उसकी मौत हो गई। उसका अंतिम संस्कार कर रहे हैं। लोगों को शक हुआ तो पुलिस को सूचना दी। कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने चिता को बुझा दिया और शव को निकाला। शव आधा जल गया था। जब सख्ती से पूछताछ की गई तो दोनों ने हत्या की बात कबूल कर ली।

छिपाना चाहते थे हत्या की बात
पुलिस के अनुसार आरोपी शव को ठिकाना लगाना चाहते थे। पहले उसे कहीं फेंकने की योजना बनाई। फिर गुपचुप तरीके से अंतिम संस्कार की प्लानिंग की। आरोपी इसीलिए मारवाड़ी श्मशान घाट आए थे। आरोपी हत्या की बात को छिपाना चाहते थे।
परिवार में अलग-अलग बयान
कुछ लोगों का कहना था कि विवाद के दौरान गिर गया था। कुछ का कहना था कि उसे वेदकरण और टीकाराम अपने साथ समझाने के लिए ले गए थे। पुलिस को शक है कि हत्या में घर के कुछ और लोगों का हाथ है। विवाद के पीछे कई तरह की वजह सामने आई है। प्रॉपर्टी को लेकर भी मृतक और आरोपियों के बीच विवाद चल रहा था।