किराना सामान के लिए लोग भटक रहे लोग:होम डिलीवरी करने से पीछे हटे दुकानदार, ठेलों में बेच रहे अंडे

रायपुर9 महीने पहले
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कई मौहल्लों में भटकने के बाद मिल रहा किराना सामान। ऐसी तस्वीरे नजर आ रही है। - Dainik Bhaskar
कई मौहल्लों में भटकने के बाद मिल रहा किराना सामान। ऐसी तस्वीरे नजर आ रही है।

लॉकडाउन में किराना सामान की डिलीवरी को लेकर भले ही कलेक्टर ने थोड़ी ढील दी है, लेकिन इस राहत का लोगों को कोई फायदा नहीं हो रहा है। किराना सामान के लिए लोग भटक रहे हैं। किराना कारोबारियों को ठेले, ई-रिक्शा, मिनी डोर, ऑटो में सामान बेचने की अनुमति दी गई है, लेकिन कारोबारी इस तरह की बिक्री से बच रहे हैं।

वार्डों में घूम रहे कुछ ठेलों में सिर्फ बेकरी के सामान केक, बिस्किट, अंडा. डबलरोटी, टोस्ट, बच्चों के खाने-पीने के सामान बिक रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि दुकान का सामान ठेले या गाड़ियों में डालकर उसे घूम-घूमकर बेचना मुनासिब नहीं है। इसके अलावा तय समय के बाद फिर से बाकी सामान दुकान या घर में रखना पड़ता है। इससे काम ज्यादा हो गया है। एक ठेले या गाड़ी में सभी तरह के सामान नहीं रखे जा सकते हैं। इसलिए मोहल्लों में किराना सामान वाली गाड़ियां दिखाई ही नहीं दे रही है। यही वजह है कि लोग खासतौर पर महिलाएं किराना सामान के लिए कई मोहल्लों में घूमकर परेशान हो रही हैं।

लोगों को राहत देने के लिए 10 जोन की ओर से अलग-अलग दुकानदारों की वार्डवाइज लिस्ट जारी की गई है। निगम अफसरों का दावा है कि यह दुकानदार किराना सामान की होम डिलीवरी करेंगे। लेकिन जिन दुकानदारों के नंबर दिए गए हैं वे आम या लोगों की पहचान के नहीं हैं। बताया जा रहा है कि बड़े कारोबारियों के बजाय चिल्हर दुकानदारों के नाम जारी किए गए हैं। इनके पास सभी तरह का किराना सामान भी मौजूद नहीं है। इसलिए इन नंबरों पर लोगों के फोन भी नहीं जा रहे हैं। इसके अलावा लोगों की यह भी शिकायत है कि जो नंबर जारी किए गए हैं उसमें किराना कारोबारी फोन तक नहीं उठा रहे हैं।

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