बड़ा फैसला:राजधानी में रात 10 बजे के बाद का बैन हटा दुकानें खुल सकेंगी, अनुमति से आयोजन भी

रायपुर5 महीने पहले
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  • अंबेडकर अस्पताल में कोरोना वार्ड खाली, मरीज भी रोज 2-3 ही

राजधानी में पिछले लगभग एक माह से कोरोना संक्रमण काबू में रहने तथा पिछले 15 दिन से रोजाना 2-3 मरीज ही निकलने की वजह से प्रशासन ने बुधवार को शहर के लोगों तथा कारोबारियों को बड़ी राहत दी है। शहर में रात 10 बजे के बाद दुकानें खुलने से लेकर लोगों के आने-जाने पर लगा बैन हटा लिया गया है। अर्थात अब रात 10 बजे के बाद भी दुकानें, चौपाटियां खुली रह सकेंगी। यही नहीं, अनुमति के साथ रात 10 बजे के बाद आयोजन भी हो सकेंगे। माना जा रहा है कि गणेशोत्सव और उसके बाद लगातार त्योहारों को ध्यान में रखकर यह राहत दी गई है, क्योंकि रायपुर में गणेशोत्सव में अधिकांश आबादी रात में ही निकलती है।

राजधानी में इस साल 9 अप्रैल को लॉकडाउन लगा था और उसी समय बाजारों के खुलने-बंद होने का समय तय कर दिया गया था। शुरुआत में बाजार दोपहर 3 फिर शाम 5 उसके बाद 7, 8 और आखिर में रात 10 बजे तक दुकानें खोलने की अनुमति दी गई थी। तय समय के बाद खुली दुकानों से जुर्माना वसूल किया जा रहा था, चालान भी हो रहे थे। करीब 6 महीने बाद यह प्रतिबंध हटा लिया गया है। इसके साथ ही माना जा सकता है कि रायपुर में अब कोरोना गाइडलाइन से संबंधित कोई भी सख्त नियम लागू नहीं रह गया है। कलेक्टर सौरभ कुमार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्रशासन ने 16 जुलाई को आदेश जारी कर दुकानदारों को रात 10 बजे तक ही दुकानों को खोलने की छूट दी थी। अब इस प्रतिबंध को विलोपित कर दिया गया है।

अब सतर्क रहना जरूरी

वयस्क

  • वैक्सीन लगवा लें, ताकि आवाजाही में प्रोटेक्शन रहे।
  • भीड़भाड़ में मास्क जरूर पहनें
  • बाहर दो गज की दूरी रखें, हाथ को हमेशा साफ करते रहें।
  • सर्दी-बुखार की स्थिति में कोरोना टेस्ट जरूर करवाएं। डॉ. आरके पंडा, सदस्य, कोरोना कोर कमेटी

बच्चे

  • दूसरी फैमिली के साथ बच्चों को मिलवाते वक्त दूरी रखें।
  • बच्चे सुरक्षित अंतर पर रहें इसका ख्याल रखें।
  • सैनिटाइजर से बच्चों के हाथ साफ करवाते रहें।
  • बच्चे मास्क पहनकर बाहर निकलें। डॉ. निलय मोझरकर, इंचार्ज, पीडियाट्रिक अस्पताल

व्यापारी संगठन खुश
कलेक्टर के इस फैसले का छत्तीसगढ़ चैंबर, कैट, व्यापार मंडल, छत्तीसगढ़ विप्र चैंबर समेत सभी व्यापारी संगठनों ने खुले दिल से स्वागत किया है। चैंबर अध्यक्ष अमर पारवानी, कैट अध्यक्ष जितेंद्र दोशी, विप्र चैंबर अध्यक्ष श्याम शर्मा और व्यापार मंडल के अध्यक्ष योगेश अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन के इस फैसले से कारोबार में और तेजी आएगी। इसके अलावा लोगों को भी बड़ी राहत मिली है। आने वाले समय में गणेश चतुर्थी समेत कई बड़े त्योहार हैं।
इसके बाद शादियों का भी सीजन है। ऐसे में रात के कारोबार से कई सेक्टर में तेजी आएगी, शहर में रौनक भी बढ़ेगी

किसी भी काम से आ-जा सकेंगे
कलेक्टर ने दुकानों को खोलने के साथ ही आना-जाना भी फ्री कर दिया है। यानी रात 10 बजे के बाद एक साथ बैठने या घूमने की अनुमति नहीं थी। इसके अलावा बिना किसी इमरजेंसी के रात में घूमने पर वैधानिक कार्यवाही भी हो सकती थी। लेकिन इस प्रतिबंध को भी हटा दिया गया है। बिना इमरजेंसी के भी लोग रात में घूम सकते हैं। वे कहीं भी आना-जाना कर सकते हैं। एक शहर से दूसरे शहरों में भी जा सकते हैं। हालांकि लोगों से अपील की गई है कि वे बेवजह न घूमें।

रात को अनुमति से कार्यक्रम
राजधानी में अब रात 10 बजे के बाद सार्वजनिक कार्यक्रम भी हो सकेंगे, लेकिन प्रशासन की अनुमति के साथ। शादी समारोह साथ ही किसी भी तरह के सार्वजनिक कार्यक्रम रात में भी हो सकेंगे। अफसरों ने तय कर दिया है कि इसके लिए पहले से अनुमति लेनी होगी। अनुमति के साथ जो नियम और शर्तें तय की जाएंगी उसे मानना होगा। इस तरह के सार्वजनिक कार्यक्रमों में गाइडलाइन का उल्लंघन तो कार्रवाई तय है।

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