कैसे होगा 18+ का वैक्सीनेशन?:छत्तीसगढ़ में 1 तारीख से टीके पर संशय; पीएम मोदी को सीएम भूपेश ने लिखा पत्र, कोवैक्सीन आएगी जुलाई में

रायपुर6 महीने पहले
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  • 18 साल से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण एक मई से शुरू नहीं हो पाएगा
  • वैक्सीन निर्माता कंपनियों ने समय से पहले राज्यों को टीका सप्लाई करने से मना किया

18 साल से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण एक मई से शुरू नहीं हो पाएगा। वैक्सीन निर्माता कंपनियों ने समय से पहले राज्यों को टीका सप्लाई करने से मना कर दिया है। छत्तीसगढ़ को भारत बायोटैक की कोवैक्सीन मई के अंत में तो कोविशिल्ड जून-जुलाई से पहले नहीं मिल पाएगी।

इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर राज्यों में को वैक्सीन का आवंटन जनसंख्या तथा पॉजिटिविटी रेश्यो के आधार पर करने का आग्रह किया है। दरअसल केन्द्र सरकार द्वारा एक मई से पूरे देश में 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को टीका लगाए जाने की घोषणा की है। इसके लिए टीके की व्यवस्था राज्य सरकारों को करना है। छत्तीसगढ़ सरकार ने भी वैक्सीन निर्माता कंपनियां भारत बायोटैक और सीरम इंस्टीट्यूट को 25-25 लाख टीके सप्लाई का ऑर्डर दिया है।लेकिन दोनों ही कंपनियों ने राज्य सरकार द्वारा दी गई तिथि में टीकों की सप्लाई से इंकार कर दिया है।

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया कि भारत बायोटैक की ओर से कहा गया है कि वो मई के अंत में टीके की सप्लाई शुरू कर पाएंगे। उनके द्वारा तीन शेड्यूल दिया गया है जिसमें मई में 3 लाख, जून में 10 लाख तथा जुलाई में 12 लाख टीके देने की बात कही गई है। जबकि सीरम द्वारा जून-जुलाई से पहले सप्लाई नहीं कर पाने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि डेढ़ लाख टीकों से वह टीकाकरण का काम शुरू नहीं कर पाएंगे क्योंकि इतना तो राज्य सरकार एक दिन में ही लगा देगी। इसलिए जब तक पर्याप्त टीका नहीं आ जाता तब तक इसे शुरू कर पाने काे लेकर संशय है।

पीएम से भूपेश बोले-अन्य कंपनियों से भी बनवाएं वैक्सीन, टैक्स भी हटाएं

इधर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चिट्‌ठी लिखकर कहा कि राज्य सरकार ने 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को 1 मई से नि:शुल्क टीका लगाने का फैसला किया है। इसके लिए सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक को 25-25 लाख डोज वैक्सीन का ऑर्डर भी दे दिया। प्रदेश में 18 से 44 साल की उम्र के लगभग 1 करोड़ 30 लाख लोग हैं, जिन्हें कुल 2 करोड़ 60 लाख डोज लगनी है। छत्तीसगढ़ में हम प्रतिदिन 3 लाख डोज़ वैक्सीन लगाने की क्षमता रखते हैं।

इसलिये वैक्सीन की उपलब्धता, मूल्य आदि के संबंध में अत्यावश्यक जानकारियों के लिये प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक को पत्र लिखा गया था। लेकिन भारत बायोटेक ने सिर्फ 25 लाख डोज उपलब्ध कराने के लिये 3 महीने का समय मांगा है। ऐसे में आवश्यक डोज मिलने में पूरा साल निकल जाएगा। जबकि हम छत्तीसगढ़ में रोजाना 3 लाख डोज लगाने की क्षमता रखते हैं। सीएम भूपेश ने दोहराया कि एक वैक्सीन एक दाम की नीति लाई जाए और वैक्सीन से सारे टैक्स हटाने का आग्रह भी किया है। उन्होंने अन्य कंपनियों में भी वैक्सीन का उत्पादन करवाने की बात फिर दोहराई। सीएम ने चिंता जताई है कि वैक्सीन उपलब्ध करवाने में विलंब होगा तो वैक्सीनेशन निरर्थक साबित होगा।

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