रेत खनन का अवैध कारोबार:खाली ट्रैक्टर नदी किनारे पहुंचाओ ‌सिर्फ 500 में रेत भरकर ले जाओ; कलेक्टरों का दावा- लगातार कार्रवाई

रायपुरएक महीने पहलेलेखक: असगर खान
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घाटों में हर 10 मिनट में रेत से लोड ट्रैक्टर जाते हुए दिखे - Dainik Bhaskar
घाटों में हर 10 मिनट में रेत से लोड ट्रैक्टर जाते हुए दिखे

बरसात शुरू होते ही यानी 15 जून से 15 अक्टूबर तक रायपुर समेत सभी जिला प्रशासनों ने नदियों के किनारे से रेत खनन पर प्रतिबंध लगा दिया। भास्कर टीम ने सोमवार और मंगलवार को रायपुर, गरियाबंद और धमतरी में रेत खदानों की पड़ताल की तो पाया कि प्रतिबंध कहीं भी नहीं लगा है।

जहां नदियां लबालब हैं, वहां किनारे जमा की गई रेत खोदी जा रही है। खुले सीजन में यह काम ट्रक से हो रहा है, लेकिन अभी नदी किनारों से रेत खोदकर ले जाने में सबसे बड़ी भूमिका ट्रैक्टर ट्रालियों की है, वह भी बिना नंबर के।

करमंदी घाट पर मौजूद लोगों ने खाली पहुंचे ट्रैक्टर को मैनुवल तरीके से 500 रुपए में भरने का सौदा किया। यह भी बताया कि चार-पांच किमी आगे जाकर यही रेत 2000 से 2200 रुपए में बिक भी जाएगी। भास्कर टीम ने रायपुर जिले में महानदी किनारे के तीन रेत घाटों करमंदी, कागदेही और हरदीडीह का जायजा लिया।

तीनों ही घाटों में हर 10 मिनट में रेत से लोड ट्रैक्टर जाते हुए दिखे। इसी टीम ने दो ट्रैक्टर वालों से रेत खरीदने की बात की। ट्रैक्टर वाले दो-दो हजार में तैयार हो गए और साथ में ही करमंदी घाट पहुंचे। रास्ता भी ज्यादा लंबा नहीं था। चपरीद से घाट जाने का कच्चा रास्ता करीब डेढ़ किमी है।

कीचड़ की वजह से यहां ट्रैक्टर और हाईवा ही जा सकते हैं। इस रास्ते से घाट किनारे पहुंचे तो वहां का मंजर ही अलग था। दो दर्जन से ज्यादा लोग ट्रैक्टरों में खुलेआम रेत लोड कर रहे थे। ये लोग 15 से 30 मिनट में सिर्फ 500 रुपए में ट्रैक्टर लोड कर देते हैं।

फिर लोड ट्राली को तीन ट्रैक्टरों के जरिए बांधकर नदी के ऊपर पहुंचा दिया जाता है। जो ट्रैक्टर अवैध रेत भरकर निकले थे, उनमें से एक समोदा के पास एक साइट पर रेत गिराकर अाया। लोगों ने बताया कि वहां सरकारी काम चल रहा है। कुछ ट्रैक्टर चपरीद से आगे कागदेही के खाली मैदान में रेत डंप कर रहे थे। इसे 2 हजार से 22 सौ रुपए में बेचेंगे।

हाईवा के लिए अलग स्टाॅक
करमंदी रेत घाट से थोड़ी दूर पर ही में रेत के पहाड़ नजर आए। वहां मशीनें लगी थीं, जो हाईवा में रेत लोड कर रही थीं। मशीन वाले ने बताया कि 2000 रुपए में हाइवा लोड कर देते हैं। ठेकेदार से बात कर लो, शहर तक 10 हजार रुपए में गाड़ी दे देंगे। पिट पास वगैरह का मामला संभाल लेंगे। हमसे खरीदोगे तो कम पड़ेगा। शहर से लेंगे तो एक गाड़ी 12 हजार से ऊपर मिलेगी।

रेट अब भी बहुत ज्यादा
बाजार में रेत बहुत महंगी है। घाटों की नीलामी के बाद प्रशासन ने एक हाइवा (600 फीट) रेत की कीमत 5000 से 6500 रुपए तय की है, पर यह 12 हजार रुपए में ज्यादा में ही बिक रही है। बारीक रेत के लिए तो 16 हजार रुपए तक वसूले जा रहे हैं। रायपुर में लोकल सप्लायर एक ट्रैक्टर रेत 2000 से 2500 रुपए में बेच रहे हैं।

धमतरी, गरियाबंद में भी यही हाल
भास्कर टीम रायपुर के अलावा धमतरी और गरियाबंद के भी रेत घाटों में पहुंची। धमतरी के नारी में दो रेत घाट हैं। यह भी खुलेआम रेत खनन हो रहा है। अभी नदी में पानी आने की वजह से वहां गाड़ियां फंस रही हैं। इस वजह से रेत खनन वाले पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं।

इसी तरह परखंदा, बारना, बरंगाडीह, कमरौद और कुरुद में भी रेत खनन चल रहा है। यहां प्रशासन की टीम जांच करने तक नहीं पहुंचती। यही हाल गरियाबंद का है। वहां पैरी नदी में पानी भरने की वजह से दूर जाकर रेत निकाली जा रही है। पाडुंका के आगे पैरी नदी से ट्रैक्टर से रेत निकाली जा रही है। गरियाबंद से पहले बारना, मालगांव में भी पुल के नीचे से नदी में जाने का रास्ता बनाया गया है। यह भी ट्रैक्टर में अवैध रेत खनन हो रहा है।

कलेक्टरों का दावा- लगातार कार्रवाई

दो दिन में एक दर्जन ट्रैक्टर और जेसीबी मशीनें जब्त की हैं। रेत घाटों की जांच लगातार कर रहे हैं।
-पीएस एल्मा, कलेक्टर-धमतरी

खनिज अफसर घाटों की जांच कर रहे हैं। अगर आपके के पास सूचना है तो भेजें, कार्रवाई करेंगे।
-प्रभात मलिक, कलेक्टर-गरियाबंद

जहां रेत खनन हो रहा है, वहां टीम भेजकर कार्रवाई करेंगे। नियमों के खिलाफ काम नहीं होने देंगे।
-डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे, कलेक्टर