चोरी की वारदात:टैक्सी ड्राइवर ने प्रोफेसर को घर में ताला लगाते देखा, एक घंटे बाद लगाई सेंध

रायपुर6 महीने पहले
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आरोपी पहले भी आईएएस अधिकारी के बंगले में चोरी मामले में जा चुका है जेल। - Dainik Bhaskar
आरोपी पहले भी आईएएस अधिकारी के बंगले में चोरी मामले में जा चुका है जेल।

अमलीडीह हैप्पी कॉलोनी में असिस्टेंट प्रोफेसर के सूने मकान में चोरी करने वाला टैक्सी ड्राइवर और उसका साथी पकड़े गए। पुलिस उनके पास से चोरों के जेवर और 60 हजार कैश बरामद कर लिया है। टैक्सी ड्राइवर 21 नवंबर को सवारी छोड़ने हैप्पी कालोनी गया था। वहां उसने प्रोफेसर को मकान में ताला लगाते देखा। परिवार वाले भी उनके साथ जा रहे थे। चोर ने कुछ देर रेकी की फिर एक घंटे बाद अपने साथी को लेकर आया और सूने मकान में सेंध लगा दी थी। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे के फुटेज के आधार पर टैक्सी ड्राइवर वह उसके साथी को पकड़ लिया।

पुलिस को हालांकि चोरी किए जेवर का आधा ही मिला है। कैश भी 2 लाख चोरी हुआ था। पुलिस केवल 60 हजार ही जब्त कर सकी। पुलिस अफसरों के अनुसार अखिलेश बगोलिया (28) टैक्सी चलाता है। वह 21 नवंबर को सवारी लेकर कॉलोनी गया था। वहां से लौटते समय उसने देखा कि दौरान देखा कि प्रोफेसर अपने परिवार के साथ बाहर जा रहे हैं।

सबके पास सूटकेस और बैग है। मकान में कोई नहीं है, इसलिए वे ताला लगा रहे थे। अखिलेश ने उसी समय चोरी की प्लानिंग की। वह घर लौटा और अपने परिचित नारायण यादव को बुलाया। उसके साथ चोरी की प्लानिंग की। साथ चलने के एवज में उसे 15 हजार देने का झांसा दिया। उसके बाद अखिलेश ने अपने साथी नारायण की बाइक की नंबर प्लेट निकाली। अपना और अपने साथी का मोबाइल घर पर छोड़कर चोरी करने चला गया।

दोनों हैप्पी कॉलोनी पहुंचे। अखिलेश ने नारायण को निगरानी के लिए बाहर खड़ा कर दिया। उससे कहा कि जैसे ही उसे कोई खतरा महसूस हो वह इशारा कर दे। उसके बाद अखिलेश ताला तोड़कर भीतर घुसा। उसने आलमारी का लॉकर उखाड़ दिया। वहीं चाबी रखी थी। उसने जल्दबाजी की वजह से लॉकर वहां नहीं खोला।

उसे अपने पास रख लिया। मकान में कैमरा लगा था। उसने टेबल पर रखा लैपटाप और डीवीआर निकालकर रख लिया। उसके बाद दोनों वहां से निकल गए। दोनों चंदखुरी पहुंचे। वहां लॉकर खोलकर जेवर निकाला फिर लॉकर को तालाब में फेंक दिया। लैपटॉप और डीवीआर को तोड़कर तालाब में डाल दिया।

आरोपी ने नारायण को वहीं पैसा दिया। फिर घर चला गया। लॉकर में 2 लाख कैश और 8 लाख का जेवर था। रिपोर्ट होने के बाद पुलिस और साइबर सेल की टीम ने जांच शुरू की। मंगलवार को आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस आरोपी से 60 हजार कैश और 3 लाख का जेवर ही जब्त कर पाई है। आरोपी की कार, मोपेड और चोरी में उपयोग की गई बाइक भी जब्त कर ली गयी है।
सीसीटीवी फुटेज से इसलिए फंसा
अखिलेश ने करीब दो साल पहले शंकरनगर स्थित एक आईएएस के मकान में चोरी की थी। वारदत के बाद वह पकड़ा गया। इस वजह से पुलिस के पास उसका रिकार्ड था। पुलिस को तहकीकात के दौरान एक दो जगह संदिग्धों के फुटेज मिले। उसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने शक के आधार पर अखिलेश को पूछताछ के लिए बुलाया और उसका भांडा फूट गया।

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