गूगल से मिले नंबर ने लगाई 1.6 लाख की चपत:महिला ने पॉलिसी का प्रीमियम जमा नहीं किया, सर्चिंग में मिले कस्टमर केयर नंबर पर कॉल किया तो लेट फीस का डर दिखाकर की ठगी

रायपुर8 महीने पहले
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इस मामले में तेलीबांधा थाना पुलिस जांच कर रही है। - Dainik Bhaskar
इस मामले में तेलीबांधा थाना पुलिस जांच कर रही है।

रायपुर के श्याम नगर में रहने वाली एक महिला के साथ 1 लाख 60 हजार रुपए की ठगी हो गई। वारदात नामी इंश्योरेंस कंपनी मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के नाम पर हुई। शिकायत पर तेलीबांधा थाने की पुलिस ने एक ठग कॉलर के खिलाफ केस दर्ज किया है। अब साइबर सेल की मदद से पुलिस आरोपी का पता लगाने की कोशिश कर रही है। पीड़िता ने उन खातों की जानकारी भी पुलिस को दी है जिसमें ठग ने रुपए जमा करवाए।

श्याम नगर इलाके में रहने वाली किरणदीप कौर ने पुलिस को बताया कि उसने साल 2015 में अपने नाम से मैक्स लाइफ इंश्योरेंस से पॉलिसी खरीदी थी। इस पॉलिसी का प्रीमियम एकाउंट से आटो डेबिट होता था। 4 प्रिमियम जमा करने के बाद अपनी कुछ निजी परेशानियों के चलते वो प्रीमियम जमा नहीं कर पाई थी। जून महीने में प्रीमियम जमा करने के लिए अपने मोबाइल से गूगल पर मैक्स लाइफ कस्टमर केयर का नंबर सर्च किया। जिसके बाद उसे एक नंबर मिला। इस 9717208187 नंबर पर महिला ने संपर्क किया, तो कॉल रिसीव करने वाले ने खुद को कंपनी का स्टाफ बताया।

लेट फीस का डर दिखाकर पॉलिसी एक्टिवेट करने मांगे 75 हजार रुपए
शातिर ठग ने लेट फीस का डर बताया और बचने के लिए पॉलिसी एक्टिवेट करने का झांसा देकर 75 हजार 200 रुपए मांगे। महिला के राजी होते ही ठग ने उसे अकाउंट नंबर 309009373413 और IFSC कोड RATN0000204 दिया। महिला ने अपने एक्सिस बैंक के खाते से 21 जून को रुपए जमा कर दिए। इसके बाद डिटेल मांगी, पर नहीं मिली। फिर आरोपी ने CVC कोड जनरेट करने के लिए 68,650 रुपए पंजाब नेशनल बैंक के खाता नंबर 4613000100065516 में जमा करवा लिए। इसके बाद तीन दिनों तक फोन बंद हो गया।

टैक्स के नाम पर 3 दिन बाद 16 हजार मांगे
महिला लगातार उस पर कॉल करती रही। तीन दिनों के बाद ठग का कॉल आया और कहा कि आपकी पॉलिसी के मामले में इंक्वायरी चल रही है ऑडिट किया जा रहा है। इसके बाद फिर से उसने 16,240 रुपए टैक्स के नाम पर जमा करने को कहा। महिला ने ये रुपए भी दे दिए। इसके बाद फिर से 14 हजार रुपए की डिमांड की गई। महिला को रुपए कोई जानकारी नहीं मिल रही थी। दूसरी तरफ पैसा जमा करवाने की डिमांड ठग किए जा रहा था। महिला ने मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के दफ्तर जाकर बात की तो ठगी का पता चला। अब महिला ने सभी ट्रांजेक्शन की जानकारी पुलिस को देकर शिकायत की है।

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