विरोध प्रदर्शन:पुलिस परिवार वालों का दोपहर को आंदोलन समाप्त पर शाम को अभनपुर के पास फिर बैठ गए सड़क पर

रायपुरएक महीने पहले
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बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाकों में पदस्थ सहायक आरक्षकों के परिवार वालों ने मंगलवार को फिर नया रायपुर में प्रदर्शन किया। महिलाएं छोटे छोटे बच्चों को लेकर सड़क पर धरना देकर बैठ गईं। इसकी सूचना मिलने के बाद डीजीपी अशोक जुनेजा ने उन्हें बुलवाया और मांगों के संबंध में आश्वासन दिया।

उस समय प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त किया। शाम को बस्तर लौटते समय अभनपुर के पास वे चक्का जाम कर सड़क पर बैठ गए। अपनी मांगों को दोहराते हुए वे लिखित आश्वासन की मांग करने लगे। देर रात तक उनका धरना चल रहा था। प्रदर्शनकारी गृहमंत्री को भी स्पॉट पर बुलाने की मांग करने लगे। रायपुर-धमतरी रोड पर धरना देने से थोड़ी ही देकर जाम लग गया। इसकी सूचना मिलते ही आला अफसर फोर्स लेकर पहुंचे। उन्होंने काफी देर तक प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे सड़क से हटने को राजी नहीं हुए।

छोटे बच्चे और महिलाएं होने के कारण पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया। इसके पूर्व मंगलवार को सुबह प्रदर्शनकारी चीचा के पास सड़क पर बैठ गए थे। इसकी खबर मिलने पर डीजीपी ने उन्हें बुलाकर पुलिस मुख्यालय में उनकी समस्या सुनी। उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों के संबंध में सरकार से चर्चा की जाएगी। डीजीपी से चर्चा के बाद उन्होंने धरना समाप्त कर दिया। उसके बाद डीजीपी जुनेजा ने मुख्यालय में ही पूरे प्रदर्शन के लिए पहुंचे पुलिस परिवार के सदस्यों के लिए भोजन की व्यवस्था करवायी। वहां से भी बस्तर के लिए रवाना हो गए। अभनपुर के पास अचानक उन्होंने फिर धरना शुरू कर दिया। पुलिस परिवार के सदस्य सोमवार को भी नवा रायपुर जाने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें रास्ते में गिरफ्तार कर स्प्रे शाला मैदान को अस्थायी जेल बनाकर उन्हें वहां बंद कर दिया था। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। उसी के बाद मंगलवार को प्रदर्शनकारी फिर नवा रायपुर पहुंच गए।

पुलिस परिवार वालों का आंदोलन इसलिए

  • सहायक आरक्षक को आरक्षक पद पर प्रमोशन
  • अभी अस्थायी नौकरी, उन्हें स्थायी नौकरी दी जाए
  • वेतन बढ़ाकर आरक्षकों के समान किया जाए
  • अनुकंपा नियुक्ति का भी प्रावधान किया जाए
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