धरना:घरों के सामने धरने पर बैठे भाजपाई, पूछा - डीएमएफ के 2000 व सेस के 400 करोड़ कहां रखे हैं

रायपुर7 महीने पहले
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कोरोना से मौत, अस्पतालों में अव्यवस्था, दवाइयों की कालाबाजारी के मुद्दे पर शनिवार को राज्य सरकार के खिलाफ प्रदेशभर के भाजपा नेता व कार्यकर्ता अपने घरों के सामने धरने पर बैठे। भाजपा ने सरकार से सवाल पूछा है कि डीएमएफ के 2000 करोड़ और शराब सेस के 400 करोड़ को खजाने में जमा है, वह लोगों के कब काम आएगा। भाजपा ने यह भी पूछा है कि सरकार ने हाईकोर्ट में हलफनामा दिया है कि अस्पतालों में दो हजार बेड, 400 वेंटिलेटर और 800 से ज्यादा ऑक्सीजन बेड खाली हैं तो वे कहां हैं?

कोरोना की वजह से सड़क पर धरना-आंदोलन के बजाय भाजपा के नेता अपने ही घरों के सामने सांकेतिक रूप से धरने पर बैठे। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक सहित सभी नेता व कार्यकर्ताओं ने कोरोना के मुद्दे पर सरकार को असफल बताया।

अपने निवास पर पत्रकारों से चर्चा में डॉ. रमन ने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने बैठकर सकारात्मक रूप से विपक्ष की जिम्मेदारी निभाने का फैसला लिया। वरिष्ठ नेता जिलों में कलेक्टर से लेकर चीफ सेक्रेटरी से मिले। सांसद-विधायक निधि से मदद दी।

कुछ सुझाव भी रखे, लेकिन जब कोई हल नहीं निकला तो राज्यपाल से मिले। राज्यपाल ने भी चिंता व्यक्त की। सर्वदलीय बैठक में भी जो बातें रखी गईं, उन सुझावों को भी सरकार नहीं मान रही। सरकार के पोर्टल में दिखता है कि 937 वेंटिलेटर काम कर रहे हैं, लेकिन जानकारी जुटाने पर पता चलता है कि सिर्फ 497 ही काम कर रहे हैं। रमन से संकट के समय में काम कर रहे अधिकारी-कर्मचारी, डॉक्टर, नर्स, पैरा मेडिकल स्टाफ को एक दिन का अतिरिक्त वेतन देने की मांग की है।
लॉकडाउन का समय बढ़ाने से लाभ नहीं
राजधानी में डॉ. रमन के साथ सांसद सुनील सोनी, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर, राजेश मूणत, जिलाध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी, संजय श्रीवास्तव, सच्चिदानंद उपासने सहित प्रमुख नेता धरने पर बैठे। संगठन महामंत्री पवन साय, राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह मौलश्री विहार स्थित रमन के निवास पर धरने पर बैठे। नेताओं ने लॉकडाउन बढ़ाने के बजाय जांच की संख्या बढ़ाने और अस्पतालों में बिस्तर की संख्या बढ़ाने की मांग की है। प्रवक्ता श्रीवास्तव ने कलेक्टर को पत्र लिखकर व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

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