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भास्कर पड़ताल:प्रदेश में कोरोना का खतरा इस बार दक्षिण से, सरहद पर बढ़ रहे मामले; आंध्र के ईस्ट-वेस्ट गोदावरी से बस्तर में आ सकते हैं नए मामले

रायपुर3 महीने पहलेलेखक: अमिताभ अरुण दुबे/ पीलूराम साहू
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प्रदेश में महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और मध्यप्रदेश की सीमा से सटे जिलों में कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं। बीजापुर, सुकमा, बस्तर, जांजगीर चांपा और दंतेवाड़ा में एक्टिव मरीजों की संख्या पिछले तीन हफ्तों से कम नहीं हो रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से इन जिलों में कोरोना के केस बढ़ने की वजह की पड़ताल के लिए एक टीम का गठन भी किया गया है।

जो स्थिति का विश्लेषण कर रही है। भास्कर टीम ने छत्तीसगढ़ की सीमा को छूते पड़ोसी राज्यों में बीते एक हफ्ते में कोरोना की स्थिति की पड़ताल की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के करीबी आंध्रप्रदेश के दो जिलों ईस्ट और वेस्ट गोदावरी में कोरोना संक्रमण तेजी से फैला है। ईस्ट गोदावरी में एक हफ्ते में रोजाना 595 की औसत से 4 जुलाई तक 4171 केस मिले हैं और एक्टिव मरीज 6 हजार से अधिक हो चुके हैं।

वेस्ट गोदावरी में रोजाना 385 के औसत से मरीज मिल रहे हैं। यहां पिछले सात दिनों में 2695 पॉजिटिव मिले हैं और सक्रिय मरीज 37 सौ से अधिक हो गए हैं। महाराष्ट्र की सीमा को छूने वाले छत्तीसगढ़ के चार जिलों बीजापुर, नारायणपुर, कांकेर और राजनांदगांव में से बीजापुर में सबसे अधिक केस पिछले तीन हफ्तों से लगातार मिल रहे हैं। पूरे प्रदेश में बीजापुर में सबसे अधिक एक्टिव मरीज है जिनकी संख्या 600 से अधिक है। हालांकि बीजापुर की सीमा से लगे गढ़चिरौली जिले में पिछले एक हफ्ते में हर दिन 22 के औसत से कोरोना मरीज मिल रहे हैं।

गढ़चिरौली में इस अवधि में 154 नए मरीज मिले हैं। जबकि वहां कोरोना के एक्टिव पेशेंट 188 हैं। हालांकि कांकेर, नारायणपुर और राजनांदगांव की सीमा से सटे महाराष्ट्र के गोंदिया में पिछले सात दिन में करीब पांच मरीज के औसत से केवल 30 ही नए केस मिले हैं। यहां एक्टिव मरीजों की संख्या भी 113 है। इसी तरह का रिफ्लेक्शन यहां भी देखा जा रहा है। कांकेर में सक्रिय मरीजों की संख्या 152 है। जबकि राजनांदगांव में 55 और नारायणपुर में 85 एक्टिव केस हैं।

ओडिशा के मलकानगिरी और काेरापुट में बढ़े मरीजों से बस्तर-कोंडागांव में अलर्ट : प्रदेश के बस्तर, सुकमा, कोंडागांव, महासमुंद, गरियाबंद, रायगढ़ व जशपुर जिले ओडिशा से लगे हुए हैं। ओडिशा के मलकानगिरी व कोरापुट जिले में पिछले हफ्तेभर से 50 से ज्यादा मरीज मिल रहे हैं। इससे इन जिलों से लगे सुकमा के अलावा बस्तर व कोंडागांव जिलों में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

हालांकि कोरापुट जिले में में अब तक 18381 व मलकानगिरी में 10871 मरीज मिले हैं, लेकिन जिस तरह पिछले तीन हफ्ते में मामले बढ़े रहे हैं, इससे वहां डेल्ट प्लस वैरिएंट का असर होने की अाशंका है। देश में देखें तो मरीजों के मामले में छत्तीसगढ़ 7 वें और ओडिशा 11वें स्थान पर है। ओडिशा में अब तक 9.25 लाख मरीज मिल चुके हैं, जबकि प्रदेश में मरीजों की संख्या 9.96 लाख के आसपास है।

मप्र-झारखंड-उप्र की सीमा से लगे जिलों में खतरा कम

प्रदेश की सीमा से लगे बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर और शहडोल को मिलाकर कुल मरीजों की संख्या क्रमश: 4 से 10 हजार तक ही है। पिछले साल मार्च से अब तक का ट्रेंड ऐसा रहा है कि वहां ज्यादा मरीज कभी नहीं आए। यहां गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, राजनांदगांव, कवर्धा, मुंगेली, चिरमिरी, कोरिया व सूरजपुर जिले मध्यप्रदेश की सीमा से लगे हैं।

इनके पड़ोसी जिलों में शहडोल में अब तक 10079 केस, अनुपपुर में 9229 केस, बालाघाट में 9083, मंडला में 5184 व डिंडौरी में 4620 मरीज ही मिले हैं। अभी प्रदेश के केवल तीन जिले बीजापुर में 7,715, सुकमा में 7,371 व नारायणपुर में 3,885 केस मिले हैं और यही पड़ोसी जिलों से कम मरीज वाले हैं। इसी तरह, प्रदेश में बलरामपुर जिला झारखंड व उत्तरप्रदेश तथा जशपुर जिला झारखंड की सीमा से लगे जिले हैं। अभी तक ऐसा कोई ट्रेंड देखने में नहीं मिला कि उत्तरप्रदेश या झारखंड से प्रदेश में कोरोना का संक्रमण फैला हो। इस तरह, तीनों राज्यों से प्रदेश में संक्रमण फैलने की आशंका फिलहाल कम है।

नागपुर से रायपुर का कांटेक्ट अधिक, वहां एक हफ्ते में सवा दो सौ मामले
महाराष्ट्र के नागपुर जिले में प्रदेश के लोगों की सबसे ज्यादा आवाजाही होती है। पहली और दूसरी लहर में जब जब नागपुर में केस बढ़े हैं राजधानी रायपुर समेत दुर्ग, राजनांदगांव में केस बढ़ने का ट्रेंड रहा है। नागपुर में पिछले सात दिन में 222 नए मामले सामने आए हैं। अभी वहां मरीज कम हैं, राजनांदगांव, दुर्ग और रायपुर में ज्यादा केस नहीं देखे जा रहे हैं। नागपुर में सक्रिय मरीजों की संख्या 3 हजार से अधिक है।

तेलंगाना की जिलेवार स्थिति अभी केंद्रीय मंत्रालय की ओर से नहीं दी जा रही है। तेलंगाना में सक्रिय मरीजों की संख्या 11964 से अधिक है। एक हफ्ते में यहां 5 हजार से अधिक केस मिले हैं। औसत 726 रहा है। बीजापुर और सुकमा दोनों ही जिलों की सीमाएं इस राज्य से लगी हुई हैं।

पड़ोसी राज्यों पर हम रख रहे हैं पैनी नजर

  • जिन राज्यों से प्रदेश के जिलों की सीमा सीधे मिलती है। वहां पैनी नजर है। क्योंकि ऐसा अक्सर देखा गया है कि पड़ोस के राज्यों में जब केस बढ़ते हैं तो उसका असर हमारे नजदीकी जिलों पर भी पड़ता है। बीजापुर में केस बढ़ने में आंध्र प्रदेश से आवाजाही एक वजह हो सकती है।- डॉ. सुभाष मिश्रा, डायरेक्टर एपिडेमिक कंट्रोल

महाराष्ट्र, तेलंगाना आध्र से फैलने का ट्रेंड

  • प्रदेश में कोरोना का संक्रमण महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश या तेलंगाना से फैलने का ट्रेंड रहा है। मध्यप्रदेश व ओडिशा से लौटे लोगों में ऐसे गिनती के केस हैं। डेल्टा प्लस वैरिएंट से खतरा तो है, लेकिन यह सीमावर्ती राज्यों के जिन जिलों में फैला है, वह राज्य की सीमा से दूर हैं।-डॉ. आरके पंडा, एचओडी-पल्मोनरी मेडिसिन मेडिकल कॉलेज
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