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गोबर की कमी:बारिश में बह गया गोबर तो अधिकारी किसानों से दान मांग रहे, विभाग के अफसर परेशान

रायपुर7 दिन पहलेलेखक: श्रीशंकर शुक्ला
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विभाग ने ग्रामीण कृषि विस्तारक और पंचायत सचिव को नोटिस जारी गोबर की कमी को दूर करने कहा है। - Dainik Bhaskar
विभाग ने ग्रामीण कृषि विस्तारक और पंचायत सचिव को नोटिस जारी गोबर की कमी को दूर करने कहा है।

रायपुर के गोठानों में गोबर खरीदी को लेकर अफसर इन दिनों काफी परेशान हैं। सरकारी कागजों में जितनी गोबर की खरीदी हुई है, उसकी तुलना में खाद तैयार नहीं हुआ। कारण है कि गोबर बारिश में या तो बह गया या फिर कड़ी धूप में सूख गया। अब गोबर की कमी से विभाग के अफसर परेशान हैं। विभाग ने ग्रामीण कृषि विस्तारक और पंचायत सचिव को नोटिस जारी गोबर की कमी को दूर करने कहा है। अब अधिकारी अपना काम-धाम छोड़कर गोबर ढूंढने में जुट गए हैं। वे कहीं आवारा पशुओं के गोबर इकट्ठे करवा रहे हैं, तो कहीं स्थानीय किसानों से गोबर दान में मांग रहे हैं।

8 हजार क्विंटल गोबर का अंतर मिला तो चौंक गए
जिले में कुल 326 गोठान हैं। 320 गोठानों में गोबर की खरीदी हो रही है। 20 जुलाई 2020 से अक्टूबर 2022 तक कुल 8 लाख 77 हजार 790 किलो गोबर की खरीदी हुई। इसमें करीब 8 हजार क्विंटल गोबर की मात्रा कम पाई गई है। 100 किलो गोबर से 40 किलो खाद बनाने का मानक रखा है, जिसमें ज्यादातर गोठानों में 30 प्रतिशत खाद ही बन पा रही है।

एक ही जगह 3000 क्विंटल से ज्यादा कमी
जिला पंचायत सदस्य राकेश यादव ने गोबर खरीदी की जानकारी मांगी। पता चला कि अब तक 7749 क्विंटल गोबर की खरीदी हुई है, जिसमें तैयार वर्मी कंपोस्ट 591 तथा सुपर कंपोस्ट की मात्रा 1020 क्विंटल है। अन्य उत्पाद की मात्रा 900 क्विंटल है। 3332 क्विंटल गोबर शेष होना था, लेकिन वर्तमान में 255 क्विंटल गोबर उपलब्ध है। तब जिले के आंकड़े मिले।

गोबर की पूर्ति की जा रही...
कुछ जगह गोबर कम मिला है। संबंधितों को नोटिस जारी कर गोबर की पूर्ति करने का निर्देश दिया है। कुछ जगहों से नोटिस का जवाब आया है, जिसमें पानी में बहने की बात सामने आई है। -रवि मित्तल, सीईओ जिला पंचायत

बहुत सारे गोठानों में गोबर की कमीं की बात सामने आई है। इसकी वजह है कि बारिश में गोबर बह गए हैं, या फिर धूप में सूखने की वजह से ऐसी स्थिति बनी है। -आरके कश्यप, डिप्टी डायरेक्टर कृषि

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