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  • The First Center Is Likely To Open In The Capital From July; Government Diagnostic Centers In 14 Cities Including Raipur, Low Test Rate And Report In 12 Hours

टेंडर जारी:राजधानी में जुलाई से पहला सेंटर खुलने की संभावना; रायपुर समेत 14 शहरों में सरकारी डायग्नोस्टिक सेंटर, जांच का रेट कम और रिपोर्ट भी 12 घंटे में

रायपुर8 दिन पहले
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कोरोना काल के अनुभवों को ध्यान में रखकर सरकार प्रदेश में पहली बार 14 शहरों में सरकारी सिटी पैथालाॅजी-डायग्नोस्टिक सेंटर खोलने जा रही है। इन सेंटरों में इस सेंटर में ब्लड-यूूरीन के अलावा मलेरिया, टाइफाइड, टीबी आदि बीमारियों के साथ ही एक्सरे, सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआईआर को मिलाकर 425 जांचें एक साथ करवाई जा सकेंगी।

हर रिपोर्ट मोबाइल पर 12 घंटे के भीतर भेज दी जाएगी। रायपुर में पहला सेंटर जुलाई में खुलने की संभावना है। इसके एक माह के भीतर बीरगांव, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कोरबा, रिसाली, भिलाई, भिलाई-चरौदा, जगदलपुर, धमतरी, चिरमिरी, अंबिकापुर, रायगढ़ में सिटी डायग्नोस्टिक सेंटर खोले जाएंगे। सभी निगम मुख्यालयों में सेंटर खोलने के लिए राज्य सरकार ने सूडा को नोडल विभाग बनाया है। जिलों के कलेक्टर सेंटर चलाने वाली समिति के अध्यक्ष होंगे। इसमें संचालन करने वाले निगम, स्वास्थ्य, प्रशासन समेत कई विभागों के अफसर सदस्य होंगे। सेंटर चलाने के लिए सभी निगम मुख्यालयों से टेंडर जारी हो गए हैं।

रायपुर का पहला सेंटर गांधी मैदान में स्थित कांजी हाउस कांप्लेक्स और दूसरा मंगलम अग्रसेन चौक में खुलेगा। इसके संचालन का ठेका एल-वन पाने वाली कंपनी को दिया जाएगा। यह तय है कि अभी प्राइवेट लैब में जो फीस ली जाती है उसका 50 फीसदी ही रकम आम लोगों को इन सेंटरों में जांच के लिए देना होगा। रायपुर का पहला सेंटर जुलाई के आखिर तक खुल जाएगा।

ब्लड, यूरीन, शुगर, सीटी-एमआरआई समेत 400 जांच भी

  • हाईटेक क्वालिटी वाले रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी खुलेंगे। निजी लैब से फीस आधी होगी।
  • जांच के लिए प्राइवेट लैब का ही सहारा नहीं होगा। राज्य के बाहर दूसरे शहरों में भी नहीं जाना होगा।
  • लैब का संचालन पीपीपी मोड में होगा। जांच करने वाले डॉक्टर भी सीनियर और अनुभव वाले होंगे।
  • जिस कंपनी को लैब संचालन का टेंडर मिलेगा, उसके पास एनएबीएल का सर्टिफिकेट अनिवार्य है।
  • इससे सेंटर में जांच कराने वाले लोगों को हाईटेक मशीन से उच्च गुणवत्ता वाली रिपोर्ट प्राप्त होगी।
  • सरकारी सेंटरों में मलेरिया, लिपिड प्रोफाइल, टाइफाइड, टीबी आदि सभी बीमारियों की जांच होगी।
  • लोगों की सुविधा के लिए घरों से भी सैंपल कलेक्ट किए जाएंगे और रिपोर्ट भी मोबाइल पर मिलेगी।
  • सेंटर में लैब जांच के अलावा एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआईआर व अल्ट्रासोनोग्राफी भी हो सकेगी।

हर सेंटर में क्वालिटी पर होगा फोकस
पहले चरण में 14 नगर निगमों यानी प्रमुख शहरों में सिटी डायग्नोस्टिक सेंटर खोले जा रहे हैं। इसमें लोगों को कम से कम फीस में हर तरह के टेस्ट करवाने की सुविधा होगी। हर सेंटर हाई क्वालिटी होगा, और रिपोर्ट भी उच्च गुणवत्ता वाली रहेगी। -सौमिल रंजन चौबे, एसीईओ सूडा

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