मध्यस्थों का किया सम्मान:जवान को उसके घर छोड़ने जाएंगे मध्यस्थ, सीएम ने किया सम्मान

रायपुर7 महीने पहले
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नक्सलियों के कब्जे से छूटे कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मिन्हास को छोड़ने के लिए मध्यस्थ उनके घर जाएंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मन्हास की माता जी को उन्होंने उसकी सकुशल वापसी का वचन दिया था। मुझे संतोष है कि सभी के सहयोग से यह वचन पूरा हुआ। सीएम ने कहा कि टीम के सदस्यों ने एक जिम्मेदार नागरिक का दायित्व निभाया और साहस के साथ अपना काम पूरा किया।

इस काम की जितनी भी सराहना की जाए कम है। मुख्यमंत्री ने इस काम में सहयोग देने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया और मध्यस्थों द्वारा समाज में शांति स्थापना के लिए किए जा रहे काम की प्रशंसा की। बता दें कि वरिष्ठ अफसरों को जवान को रिहा कराने के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए कहा था। इस दौरान सीएम लगातार बस्तर पुलिस के संपर्क में थे।

मध्यस्थों का किया सम्मान
इससे पहले सीएम बघेल ने मध्यस्थ टीम के सदस्यों पद्मश्री धर्मपाल सैनी, जय रूद्र करे, तेलम बोरैया, सुखमती हप्का और कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मन्हास और दो पत्रकारों गणेश मिश्रा और मुकेश चंद्राकर का सीएम हाउस में शॉल- श्रीफल देकर सम्मान किया। इस अवसर पर गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, और आबकारी मंत्री कवासी लखमा भी मौजूद थे। बता दें कि मध्यस्थ टीम के सदस्य पद्मश्री धरमपाल सैनी, माता रूखमणी आश्रम डिमरापाल, बस्तर के संस्थापक हैं। जयरूद्र करे भी इसी आश्रम से जुड़े हुए हैं। तेलम बौरैया और सुखमती हप्का आदिवासी नेता हैं।

चुनौतीपूर्ण काम सफलता से पूरा हुआ
सीएम ने कहा कि बीजापुर की नक्सल घटना के बाद केन्द्रीय गृह मंत्री भी बस्तर आए थे। जवान को रिहा कराने की हमारी रणनीति सफल रही। इसमें डीजी नक्सल ऑपरेशन, डीजी सीआरपीएफ, आईजी बस्तर, बीजापुर के एसपी और डीएसपी, मध्यस्थ टीम के सदस्यों, स्थानीय सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बीजापुर और बस्तर अंचल के स्थानीय लोगों ने एक बड़ा चुनौतीपूर्ण काम सफलतापूर्वक पूरा किया।

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