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खाद्य निरीक्षकों ने घूम-घूमकर की जांच:सभी राशन दुकानों में पहुंची नई मशीन चावल का वजन करते ही इंट्री हो जाएगी

रायपुर17 दिन पहले
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  • अधिकांश शिकायतें मेन सर्वर को लेकर

राशन दुकानों से चोरी रोकने के लिए राजधानी में पहली बार सभी राशन दुकानों में नई मशीन पहुंचा दी गई हैं। शहर के सभी 70 वार्डों की राशन दुकानों में नई मशीन से ही राशन बांटा जा रहा है। केंद्र सरकार की वन नेशन-वन कार्ड योजना के तहत इन मशीनों का आवंटन किया गया है।

खाद्य विभाग के अफसरों का दावा है कि नई मशीनों से राशन दुकानों में किसी भी तरह की चोरी रुक जाएगी। उन्हीं लोगों को राशन मिलेगा जिनके नाम से राशन कार्ड है। दूसरा कोई भी व्यक्ति किसी के भी नाम से राशन नहीं ले सकेगा।

जुलाई के पहले दिन से विभाग ने राशन दुकानों में मशीनों का आवंटन शुरू कर दिया था। शहर की करीब 100 दुकानों में मशीनें पहुंचा दी गई है। अभी इस पायलट प्रोजेक्ट को केवल रायपुर में ही लांच किया गया है। राजधानी के बाद धमतरी और उसके बाद राज्य के सभी जिलों में वन नेशन-वन कार्ड योजना के तहत ही मशीन से ही राशन का वितरण किया जाएगा।

राशन दुकानों में नई मशीनों से ही राशन का वितरण हो रहा है या नहीं इसकी जांच करने का काम भी शुरू हो गया है। विभाग के सभी खाद्य निरीक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर मशीनों की जांच का काम कर रहे हैं। कई जगहों पर नई मशीन का सर्वर से नहीं जुड़ पाने की शिकायतें भी आ रही हैं।

मशीन मेन सर्वर से नहीं जुड़ती है तो मशीन के स्क्रीन पर हितग्राही की जानकारी डिस्पले नहीं हो पाती है। इस वजह से राशन देने में भी समय लगता है। दुकानों में इस तरह की समस्या आने पर दुकानदार राशन कार्ड वालों को फिर से आकर राशन ले जाने की बात कहकर वापस कर देते हैं। इससे लोगों की परेशानी भी बढ़ रही है।

चोरी रुकने का दावा

खाद्य विभाग के अफसरों का कहना कि नई मशीन से किसी भी तरह की चोरी नहीं हो पाएगी। राशन कार्ड हितग्राही के अंगूठे के निशान लगाने के बाद ही मशीन से राशन जारी होता है। इसके अलावा मशीन को ब्लू टूथ से इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन से जोड़ दिया गया है। इस वजह से जैसे ही मशीन में चावल या शक्कर का वजन किया जाता है तो उसकी इंट्री मशीन में ऑटोमेटिक हो जाती है।

इसलिए अब किसी को राशन कम भी नहीं दिया जा सकता है। नई मशीन का मेन सर्वर सीधे आधार कार्ड मुख्यालय से जुड़े होने की वजह से दुकान से बाहर होने वाले राशन की इंट्री संचालनालय के मेन सर्वर में भी हो जाती है। इससे दुकानों की जानकारी सीधे मुख्यालयों में भी दर्ज हो रही है।

अब नई मशीनों से ही राशन का आवंटन किया जा रहा है। जिनके नाम पर राशन कार्ड है उन्हें ही राशन मिलेगा, अब दुकानदार गड़बड़ी नहीं कर सकेंगे।
निरंजन दास, एमडी नागरिक आपूर्ति निगम

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