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एक्सपर्ट व्यू:अभी की तैयारी काम आएगी तीसरी लहर में, यह भी नहीं कह सकते कि वह लहर किस आयु वर्ग को हिट करेगी

रायपुरएक महीने पहले
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डॉ. नितिन एम नागरकर, डायरेक्टर। - Dainik Bhaskar
डॉ. नितिन एम नागरकर, डायरेक्टर।
  • वुहान और एन-440 जैसे कई वैरिएंट रायपुर में मिल चुके

तीसरी लहर की आशंका और आंध्र प्रदेश के नए वैरिएंट जैसी स्थितियों के बीच एम्स रायपुर के डायरेक्टर डॉ. नितिन एम नागरकर ने साफ किया है कि दूसरी लहर से मुकाबले के लिए जो तैयारियां अभी की जा रही हैं, वो तीसरी लहर में भी काम आएंगी। उन्होंने कहा कि जैसा हमने पहली लहर में देखा कि सीनियर सिटीजन संक्रमण की जद में अधिक संख्या में आए।

दूसरी लहर में युवाओं को वायरस ने अधिक संक्रमित किया। इसलिए तीसरी लहर में किस आयु समूह के लोग ज्यादा संक्रमित हो सकते हैं, इसका अनुमान लगाना भी अभी थोड़ा मुश्किल है। एम्स डायरेक्टर डा. नागरकर ने कहा कि अभी प्रदेश में कई तरह की तैयारियां तेज हैं, जैसे अस्पतालों में नए आईसीयू, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर बेड हों या फिर मेडिकल और पैरामेडिकल स्टॉफ की नियुक्तियां। अभी किए गए हर स्तर के बंदोबस्त आने वाले दिनों के लिए पेशेंट केयर में एक अहम भूमिका निभाएंगे। इन सबके साथ तीसरी लहर की तैयारियों का सबसे अहम हिस्सा वैक्सीनेशन भी है। डॉ. नागरकर के मुताबिक प्रदेश में तीसरी लहर कब आएगी? आएगी भी या नहीं, अभी यह बता पाना थोड़ा मुश्किल है। अभी तो यह अनुमान भी नहीं लगाना भी कठिन है कि तीसरी लहर में वायरस के बिहेवियर में किस तरह के बदलाव आ सकते हैं?

कई तरह के वैरिएंट, वुहान जैसा भी
आंध्रप्रदेश में मिले एपी-440 वैरिएंट को लेकर डॉ. नितिन एम नागरकर ने कहा कि वायरस में इस तरह का म्यूटेशन नए स्ट्रेन आना सतत चलने वाली प्रक्रिया का हिस्सा है। रायपुर एम्स में अभी वायरस के कई तरह के वैरिएंट पर स्टडी और रिसर्च जारी है। हमारे यहां सैंपल आईसीएमआर से संबद्ध लैब को भेजे जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में अब तक कई तरह के वैरिएंट मिल चुके हैं, जिनमें वुहान जैसे वैरिएंट जैसे भी हैं। छत्तीसगढ़ में मार्च में एन-440 भी मिल चुका है। चूंकि जीनोम सिक्वेंसिंग के जरिए वैरिएंट की स्टडी में काफी वक्त लगता है इसलिए पूरी स्टडी के बाद ही नए नए तरह के वैरिएंट के बारे में बताया जा सकता है।

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