भक्तों के घर से विदा गजानन:पंडालों में स्थापित बड़ी मूर्तियों के विसर्जन का सिलसिला आज अनंत चतुर्दशी के साथ होगा शुरू

रायपुर3 महीने पहले
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शहर में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन अनंत चतुर्दशी के एक दिन पहले यानी शनिवार से शुरू हो गया है। मूर्तियों के विसर्जन का यह सिलसिला 2 दिन और यानी मंगलवार तक चलेगा। अनंत चतुर्दशी पर ज्यादा संख्या में प्रतिमाएं विसर्जित होने के लिए पहुंचती हैं इसलिए निगम द्वारा रविवार को खारुन नदी घाट समेत शहर के बड़े तालाबों के आसपास अस्थाई कुंड की व्यवस्था की जाएगी।

वैसे ताे देश के कई इलाकों में गणेश स्थापना के एक दिन बाद से ही विसर्जन शुरू हो जाता है, लेकिन रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक यानी पूरे 10 दिन गणेश बिठाने की परंपरा है। इस बार ज्यादातर घरों से बप्पा को एक दिन पहले ही विदाई दी गई। इसकी बड़ी वजह लोगों में पंचक को लेकर भ्रम की स्थिति रही। लोगों ने यह सोचकर बप्पा को विदाई दे दी कि पंचक के दौरान कोई शुरू कार्य नहीं किए जाते। हालांकि, इस विषय पर पंडितों-ज्योतिषियों के मत अलग हैं। महामाया मंदिर के पुजारी पं. मनोज शुक्ला का कहना है कि जो स्वयं विघ्नहर्ता हैं, उनके काम में भला कैसा विघ्न। जहां तक पंचक में पूजा की बात रही तो यह फायदेमंद है क्योंकि पंचक मतलब पांच गुना। ऐस में अनंत चतुर्दशी को पंचक में पूजा करने से श्रद्धालुओं को पांच गुना फल की प्राप्ति होगी।

पंडालों में गणेश की पूजा के बाद ब्राह्मणपारा में पाटे पर बैठे सीएम
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार शाम बूढ़ापारा, कंकालिन पारा, ब्राह्मणपारा और आजाद चौक स्थित मंदिर-पंडालों में स्थापित श्रीगणेश के दर्शन किए। यहां उन्होंने भगवान की पूजा-अर्चना कर आरती भी उतारी। इसके बाद सीएम ने अपने संघर्ष के दिनों में ब्राह्मणपारा के नागरिकों से किया एक वादा पूरा किया। लोगों ने उनसे वादा लिया था जब वे मुख्यमंत्री बन जाएंगे तब भी इसी तरह मोहल्ले की दुकान के पाटे में आकर बैठेंगे। शनिवार को वे ब्राह्मणपारा में खादी भंडार पहुंचे और उसी पाटे में बैठकर लोगों से बातचीत की। कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने उन्हें वह वादा याद दिलाया। इस दौरान संसदीय सचिव विकास उपाध्याय, महापौर एजाज ढेबर आदि मौजूद रहे।

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