पैथालॉजी लैब को ठगों का फोन:जवानों का एयरपोर्ट में कोरोना टेस्ट होना है, एडवांस पेमेंट के लिए भेजे गए लिंक पर क्लिक करिए... करते ही खाते खाली

रायपुर5 महीने पहले
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राजधानी की दो लैब ने लिंक खोला, नहीं खोलने से दो बच गईं। - Dainik Bhaskar
राजधानी की दो लैब ने लिंक खोला, नहीं खोलने से दो बच गईं।

एयरपोर्ट से लेकर शहर तक की सुरक्षा में तैनात जवानों के कोरोना टेस्ट को साइबर ठगों ने नया पैंतरा बनाकर राजधानी की दो पैथालॉजी लैब को ही ठग लिया है। पिछले तीन दिन में शहर की चार पैथोलॉजी लैब संचालकों को फोन और मैसेज आए कि अलग-अलग जगह तैनात 25 से 30 तक जवानों का कोरोना टेस्ट करवाना है। ठगों ने यह कॉल खुद को उन जवानों का अफसर बताकर किया और कहा कि टेस्ट के बदले में पूरा पेमेंट एडवांस दिया जाएगा। बस, लैब वालों को भेजे गए लिंक पर क्लिक करना है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उनका खाता सही है।

पिछले तीन दिन में दो पैथालॉजी लैब की तरफ से थानों में रिपोर्ट लिखाई गई है कि वे इस तरह ठगी का सिकार हुए हैं। हालांकि दो लैब लिंक पर क्लिक नहीं करके बच भी गए हैं। सायबर सेल ने इस जालसाजी की जांच शुरू करते हुए सभी लैब को कोरोना टेस्ट के नाम पर सावधान रहने के लिए कहा है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया ठगी का शिकार एक प्राइवेट लैब मोवा इलाके में है, जहां ब्लड के साथ कोरोना टेस्ट होता है। यही नहीं, यह लैब अपने कर्मचारियों को घर भेजकर टेस्ट की सुविधा भी देती है। रविवार को लैब के संचालक को एक कॉल आया, जिसमें कॉल करनेवाले ने खुद को सीआईएसएफ का अधिकारी बताया। उसने कहा कि हमारी एजेंसी केंद्रीय है और जवान एयरपोर्ट की सुरक्षा में लगे हैं। उनमें से 30 जवानों का कोरोना व ब्लड टेस्ट करवाना है। वे इसका एडवांस पेमेंट करेंगे।

टेस्ट करनेवालों का कार्ड बनाया जाएगा, जिससे उन्हें एयरपोर्ट के भीतर तैनात किया जा सके। बातचीत के दौरान ठग ने लैब के संचालक से कहा कि वे एक लिंक भेज रहे हैं, जिसमें वह केवल 5 रुपए जमा कर दें। इससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि लैब का खातार सही है, और इसी लिंक से दोनों खाते भी लिंक हो जाएंगे। इसके बाद 30 जवानों के टेस्ट का पूरा पेमेंट उनके खाते में डिपाजिट कर दिया जाएगा। लैब संचालक झांसे में आ गए और उन्होंने लिंक को खोलकर 5 रुपए ऑनलाइन जमा कर दिए।

ठग की ओर से तुरंत 10 रुपए उनके खाते में वापस जमा हुए और लैब संचालक को फोन करके कहा कि 5 रुपए की जगह 10 रुपए लौटा दिए गए हैं। इसके बाद लैब के खाते से दो मिनट के भीतर 65 हजार रुपए पार कर दिए गए। एक और लैब से बिलकुल इसी अंदाज में ठगी की गई। हालांकि ठगों का कॉल सुंदर नगर और जीई रोड की दो और लैब को भी आया था, लेकिन उन्होंने लिंक नहीं खोला इसलिए बचे।
लिंक खोला मतलब फंसे
सायरब कंसल्टेंट और रिसर्चर गोपिका बघेल ने बताया कि किसी भी लिंक को क्लिक करते समय सावधानी बरते। ठग ऐसे लिंक का उपयोग कर रहे हैं, जिससे खाेलने पर मोबाइल का ऑपरेटिंग पावर ठग के पास चला जाता है। उससे ठग डेटा चोरी करते हैं, फिर खातों में सेंध लगाते हैं। उन्होंने फोन पर आया ओटीपी नंबर तक पता चल जाता है।

किसी भी लिंक में ऑनलाइन पैसा जमा या रिचार्ज न करें, क्योंकि जैसे पैसा जमा होता है, खाते की पूरी जानकारी ठगों को मिल जाती है। फिर ठग खातों से पैसा निकाल लेते हैं। पैथोलॉजी लैब वालों से इसी तकनीक से ठगी की गई है। उन्हें एडवांस पेमेंट का झांसा देकर लिंक भेजा जा रहा है। उसमें एक रुपए जमा करवाकर खाते में जितना पैसा है, उतना निकाल रहे हैं।

नंबर 155260 पर शिकायत
ऑनलाइन ठगी होने पर हेल्पलाइन नंबर 155260 में फोन करके अपना शिकायत दर्ज करा सकते हैं। या फिर cybercrime.gov.in में भी ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा 94791-91019 में भी फोन कर सकते हैं। घर बैठे ही ठगी की शिकायत कर सकते हैं। शिकायत के तुरंत बाद ट्रांजेक्शन रोकने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगा। 24 घंटे के भीतर पुलिस केस दर्ज कर लेगी।

जांच के लिए ट्रेनिंग
एसएसपी अजय यादव ने बताया कि राजधानी के सभी थानों में सिपाही व हवलदार को ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि साइबर ठगी के शिकार लोगों को तुरंत मदद मिल जाए और पुलिस उनका पैसा लौटा सके। उन्हें जांच की तकनीक भी बता रहे हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। सायबर सेल की टीम 24 घंटे इस पर काम कर रही है।

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