जागरूकता जरूरी:कोरोना में नहीं रुके बच्चों के टीके, टीबी, खसरा और हेपेटाइटिस का टारगेट पूरा

रायपुर6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • कोरोना संक्रमण में टीके लगवाना जरूरी, क्योंकि इससे बच्चों में बढ़ती है रोग प्रतिरोधक क्षमता

राजधानी में कोरोना काल के लॉकडाउन में भी बच्चों के नियमित टीकाकरण कम नहीं हुआ। अस्पताल पहुंचकर बच्चों को टीबी, खसरा और हेपेटाइटिस के टीके लगवाए गए। पोलिया ड्राप पिलाने में भी लोग पीछे नहीं रहे, जबकि पिछले साल कोरोना की पहली लहर में केवल रायपुर में ही 6 हजार बच्चों का टीकाकरण नहीं हुआ था। पिछले साल की इस कमी को भी पूरा कर लिया गया है।

हालांकि दूसरी लहर के शुरूआती दिनों में जब कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा था, तब टीकाकरण कुछ दिनों के लिए धीमा हुआ था। बाद में मितानिनों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की मदद से इसमें तेजी लाकर टारगेट पूरा कर लिया गया। विशेषज्ञों के अनुसार छोटे बच्चों को खसरा, हेपेटाइटिस और पोलियो जैसी गंभीर संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए सात तरह के टीके लगवाना जरूरी है। रायपुर में पिछले साल लॉकडाउन और कोरोना की पहली लहर के दौरान अप्रैल 2020 से फरवरी 2021 के बीच 6,465 बच्चों को सभी टीके नहीं लगे थे, जबकि क्रम से निर्धारित अंतराल में टीके लगाना जरूरी है।

इस कमी को इस साल मार्च में दूसरी लहर के बीच पूरा कर लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार रायपुर में अप्रैल 2020 से मार्च 2021 के बीच सभी जरूरी टीके का टारगेट अचीवमेंट 128 प्रतिशत रहा है। 41,676 के टारगेट के मुकाबले रायपुर में 53518 बच्चों को बीसीजी, ओपीवी-जीरो, हेपेटाइटिस बी -जीरो, ओपीवी -3, पेंटावेलेंट-3, एमआर- 1 और विटामिन ए के टीके लग गए हैं। रायपुर में इस साल भी 41 हजार से ज्यादा बच्चों के नियमित टीकाकरण का लक्ष्य है। राज्य की ओर से ये टारगेट इस बार 58 हजार से ज्यादा रखा गया है।

कोरोनाकाल में इसलिए भी जरूरी
शिशु रोग विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों को नियमित अवधि पर सभी जरूरी टीके लगवाने ही चाहिए, इससे बच्चे में प्रतिरोधक क्षमता के विकास में मदद मिलती है। रायपुर में पिछले 3 साल में 1.27 लाख से ज्यादा बच्चों का जन्म हुआ। इसमें कोरोना काल की दो लहरों के दौरान 83,363 बच्चों का जन्म हुआ। दोनों लहरों के बीच पिछले साल अप्रैल 2020 से इस साल मार्च तक सरकारी अस्पतालों में 1,04,920 से ज्यादा बच्चों काे सभी जरूरी टीके लग गए।

एक्सपर्ट व्यू; डॉ. निलय मोझरकर, पीडियाट्रिशियन

टीके छूटे हैं तो जरूर लगवाएं
बच्चों को नियमित अंतराल पर लगाए जाने वाले सभी टीके जरूर लगवाने चाहिए। अगर किसी कारण कोई टीका छूट रहा है, या तय वक्त निकल चुका है तो अपने डॉक्टर से तुरंत सलाह लेनी चाहिए। कौन सा टीका कब लगवाना है इसका उल्लेख जन्म के बाद बनाए गए टीकाकरण कार्ड में होता है। अभिभावकों को इसमें बताए गए टीके की अवधि का पूरी तरह ख्याल रखना चाहिए। सरकारी स्तर पर बच्चों को जरूरी टीके मुफ्त लगाए जाते हैं। सुरक्षा के साथ बच्चों को किसी भी वक्त स्वास्थ्य केंद्रों और सरकारी अस्पतालों में ले जाकर टीके लगवाए जा सकते हैं।

खबरें और भी हैं...