राम वनगमन पथ:मां कौशल्या का मंदिर बनकर तैयार पौराणिक कथाओं समान दिया रूप

रायपुर2 महीने पहले
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  • सीएम बघेल आज चंदखुरी में करेंगे सौंदर्यीकरण का लोकार्पण

राम वनगमन पथ प्रोजेक्ट के तहत चंदखुरी में मां कौशिल्या के मंदिर का जीर्णोद्धार हो गया है। मंदिर पौराणिक कथाओं के अनुसार रूप देने के लिए करीब 16 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। गुरुवार को शारदीय नवरात्रि की शुरुआत पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंदिर और आसपास हुए सौंदर्यीकरण कार्यों का लोकार्पण करेंगे।

इस अवसर पर तीन दिवसीय भजन संध्या भी रखी गई है जिसमें शंकर महादेवन समेत देश-विदेश के ख्याति प्राप्त कलाकर भक्ति कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। लोकार्पण कार्यक्रम पुलिस अकादमी ग्राउंड चंदखुरी में आयोजित किया जाएगा। इसकी अध्यक्षता गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू करेंगे। शाम से तीन दिवसीय समारोह की शुरुआत होगी जिसमें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकार, मानस मंडलियां और स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। पूरा कार्यक्रम छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव, मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, मंत्री मोहम्मद अकबर समेत सभी मंत्री सांसद, विधायक, पर्यटन मंडल अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव भी उपस्थित रहेंगे।

लेजर शो के जरिए दिखाएंगे प्रभु श्री राम का वनवास
समारोह में नृत्य, संगीत, लेजर शो व एलईडी रोशनी के जरिए प्रभु श्री राम के छत्तीसगढ़ में प्रवास की कहानी प्रस्तुत की जाएगी। उद्घाटन समारोह में जाने-माने गायक-संगीतकार शंकर महादेवन, पद्मश्री भारती बंधु, गायिका कविता वासनिक अपनी प्रस्तुति देंगे। प्रभु श्री राम के भक्ति गीतों को दुनिया के कोने-कोने तक ले जाने वाली मानस (भजन) मंडली नंदकुमार साहू, मुम्बई स्थित फ्यूजन बैंड, कबीर कैफे के साथ प्रसिद्ध गायिका सुकृति सेन की जुगलबंदी भी इस कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में शामिल है। भारतीय रॉक बैंड इंडियन ओसियन राम वन गमन पर्यटन परिपथ के लिए तैयार किया गया गीत प्रस्तुत किया जाएगा। प्रसिद्ध एक्रोबेटिक नृत्य समूह ‘वी अनबीटेबल’ द्वारा नृत्य का प्रदर्शन किया जाएगा।

मंदिर में ये बदलाव...

  • प्रवेश द्वार: कौशल्या मंदिर के प्रवेश द्वार को बड़ा किया गया है। पिछले प्रवेश द्वार से यह तीन गुना बड़ा है, ताकि लोग भव्यता को महसूस कर सकें।
  • हाईटेक पुल: तालाब के बीच मंदिर तक पहुंचने हाईटेक पुल बनाया गया। देखने में यह ऐसा है मानो किसी ने अपने हाथों से पुल को उठा रखा है।
  • मूल मंदिर: प्राचीन स्थापत्य कला के अनुरूप जीर्णोद्धार किया गया है। गर्भगृह में मां कौशिल्या की पुरानी मूर्ति को ही स्थापित किया गया है।
  • परिक्रमा पथ: मंदिर तालाब के बीच स्थित है। इसकी परिक्रमा के लिए तालाब के चारों ओर वॉकिंग ट्रैक बनाया गया है। छायादार पौधे भी लगाए गए हैं।
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