छत्तीसगढ़ में स्कूली पाठ्यक्रम:स्कूली कोर्स में अभी कोई बदलाव नहीं, कुछ चैप्टर जोड़े जा सकते हैं अलग से

रायपुर15 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
नई शिक्षा नीति 2023 में लागू होगी और उसी समय स्कूली पाठ्यक्रम में बदलाव होगा। - Dainik Bhaskar
नई शिक्षा नीति 2023 में लागू होगी और उसी समय स्कूली पाठ्यक्रम में बदलाव होगा।

स्कूली पाठ्यक्रम में आने वाले सत्र में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। जरूरत के हिसाब से कुछ चैप्टर जोड़े जा सकते हैं, लेकिन कोर्स में फेरबदल को फिलहाल टाल दिया गया है। नई शिक्षा नीति 2023 में लागू होगी और उसी समय स्कूली पाठ्यक्रम में बदलाव होगा। उसी समय शिक्षा नीति के अनुसार नया कोर्स लागू किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है अगर अभी कोर्स में बदलाव कर दिया तो एक साल बाद ही नई शिक्षा नीति के हिसाब से फिर पाठ्यक्रम में परिवर्तन करना होगा।

शिक्षा विभाग के इस फैसले के बाद स्कूली छात्र इस सत्र में जो किताबें पढ़ रहे हैं, अगले सत्र में भी उन्हीं से पढ़ाई कराई जाएगी। सीजी बोर्ड से संबद्ध स्कूलों की किताबें राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद यानी एससीईआरटी तैयार की जाती है। स्कूली किताबों में क्या नए तथ्य जोड़े जाएंगे? कौन सा पाठ शामिल होगा? कौन सा चैप्टर हटाया जाएगा? कोर्स से संबंधित इस तरह के बदलाव एससीईआरटी के माध्यम से ही तय किया जाता है। अगले साल के लिए किताबें छपाई की प्रक्रिया चल रही है। अफसरों का कहना है 2023 को नई शिक्षा नीति लागू होगी। इस दिशा में कवायद चल रही है। नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद कोर्स में बड़े पैमाने पर बदलाव होगा।

शिक्षा विभाग अगर आगामी सत्र में बदलाव करता है तो आने नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद दोबारा फेरबदल करना होगा। इस वजह से अभी आगामी सत्र यानी 2022 में कोई फेरबदल नहीं करने का निर्णय लिया गया है। शिक्षा सत्र 2023 से एक साथ सभी किताबें नहीं बदलेगी, चरणबद्ध तरीके से बदलाव होगा। पहली से बारहवीं में अभी जो किताबें हैं वे नहीं होंगी। नई शिक्षा नीति के अनुसार जो किताबें तैयार की जाएगी उसमें सब कुछ अलग होगा।

दसवीं-बारहवीं की परीक्षा के लिए आवेदन जल्द
दसवीं-बारहवीं की सीजी बोर्ड परीक्षा के तहत प्राइवेट छात्रों के लिए आवेदन की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। नियमित छात्रों के आवेदन भरे जा चुके हैं। माध्यमिक शिक्षा मंडल के अफसरों का कहना है कि प्राइवेट छात्रों के आवेदन से संबंधित निर्देश कुछ दिनों में जारी होंगे। इसके अनुसार छात्र आवेदन कर सकेेंगे।

दसवीं-बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में हर साल करीब 20 से 25 हजार परीक्षार्थी, प्राइवेट छात्र के तौर पर शामिल होते हैं। दसवीं-बारहवीं बोर्ड में इस बार 8 लाख से अधिक नियमित छात्र हैं। पिछले सत्र में कक्षा नवमीं-ग्यारहवीं में छात्रों को जनरल प्रमोशन मिला। इस वजह से नियमित छात्रों की संख्या बढ़ी है।

ट्रैफिक को शामिल किया जा सकता है
ट्रैफिक का पाठ किताबों में शामिल किया जा सकता है। इसके लिए तैयारी चल रही है। अगले साल की किताबों में यातायात का नियम पढ़ाए जा सकते हैं। शिक्षाविदों का कहना है कि यातायात के नियम का पाठ शामिल करने की जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही है। इससे संबंधित कुछ जानकारियां किताबों में दी भी गई है। लेकिन इस बार ट्रैफिक से संबंधित पूरा चैप्टर रखने की तैयारी, ताकि स्कूली जीवन से ही बच्चों को ट्रैफिक के बारे में जाने मिल सके।

शिक्षा विभाग के साथ पुलिस विभाग के अफसरों का मानना है कि जिस तरह से ट्रैफिक का प्रेशर बढ़ता जा रहा है, उस हिसाब से अब स्कूली जीवन से ही बच्चों को ट्रैफिक की पढ़ाई कराना जरूरी हो गया है। स्कूल में ही ट्रैफिक नियमों की जानकारी होने से बच्चे नियमों का पालन करेंगे।

खबरें और भी हैं...