• Hindi News
  • Local
  • Chhattisgarh
  • Raipur
  • There Is No Ravana Combustion On Small Grounds, Intersections, Only On Big Grounds, There Is Also A Ban On Band Dhumal And Bhandara pandal.

नई गाइडलाइन:छोटे मैदान, चौराहों पर रावण दहन नहीं, सिर्फ बड़े मैदानों पर, वहां भी बैंड-धुमाल व भंडारा-पंडाल पर रोक

रायपुर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • रायपुर में मैदानों की क्षमता से आधे लोगों को ही इजाजत, इसकी निगरानी के लिए लगेंगे सरकारी कैमरे

इस बार के दशहरा में रावण दहन केवल खुली जगहों पर ही हो सकेगा। यानी छोटी-छोटी जगहों और बंद हॉल, भवनों में रावण जलाने की अनुमति नहीं दी गई है। बड़े मैदानों पर ही रावण दहन होगा, लेकिन वहां भी मैदान की क्षमता का 50 फीसदी लोग ही मौजूद रह सकेंगे। कार्यक्रमों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से और अफसरों की टीम करेगी।

दशहरा मनाने के लिए बुधवार की शाम कलेक्टर ने गाइडलाइन जारी कर दी। इसमें राहत थोड़ी लेकिन सख्ती ज्यादा है। रावण दहन के दौरान यानी दशहरा में किसी भी तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की मंजूरी नहीं दी गई है, यानी आयोजन केवल रावण दहन का ही होगा। इस दौरान लाउडस्पीकर तो बैन हैं ही, डीजे-धुमाल और बैंड-बाजे भी नहीं बजाए जा सकेंगे। कहीं भी भंडारा या पंडाल लगाकर खाना-पिलाना या कार्यक्रम नहीं होगा। आयोजन स्थल चारों ओर से खुला रहेगा। सभी आयोजन समितियों से कहा गया है कि वे कार्यक्रम स्थलों पर एक रजिस्टर भी रखें, जिसमें लोगों के नाम, पते और मोबाइल नंबर नोट किए जाएं। कार्यक्रम के दौरान कोई कोरोना पीड़ित मिलता है तो उसके बाद इसी रजिस्टर के आधार पर कांटेक्ट ट्रेसिंग की जाएगी। कहीं भी नियमों का उल्लंघन हुआ तो समिति पर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

सबसे बड़े आयोजन में भी सख्ती
राजधानी में रावण दहन का सबसे बड़ा कार्यक्रम डब्लूआरएस कॉलोनी में आयोजित किया जाएगा। इसके लिए आयोजन समिति ने विशेष इंतजाम किए हैं। समिति पदाधिकारियों के अनुसार इस बार सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मुंबई से कलाकार नहीं बुलाए गए हैं। लोकल कलाकारों की भी प्रस्तुति नहीं होगी। आतिशबाजी भी सामान्य रहेगी। दशहरा आयोजन के लिए किसी भी तरह का कोई वीआईपी पास जारी नहीं किया गया है। मैदान में 2000 से ज्यादा कुर्सियां भी नहीं लगाई जाएंगी। मैदान में कहीं भी मंच नहीं बनाया जा रहा है।

सख्ती: झांकी को भी अनुमति नहीं

  • रावण दहन स्थल से 100 मीटर के दायरे में अनिवार्य बेरिकेडिंग करेंगे।
  • पुतला दहन में अतिरिक्त साज-सज्जा और झांकी की अनुमति नहीं होगी।
  • जांच के दौरान किसी भी तरह के लक्षण वालों को प्रवेश करने नहीं देंगे।
  • पार्किग व्यवस्था समिति करेगी। एनजीटी के नियमों का भी पालन करेंगे।
  • कोई भी नियमों का उल्लंघन करने पर समिति/आयोजक जिम्मेदार होंगे।
  • कंटेनमेंट जोन में पुतला दहन नहीं होगा। अनुमति रही तो निरस्त मानेंगे।
  • आयोजन के पहले लोकल थाना /जोन कार्यालय को सूचना देनी होगी।
  • आयोजन के दौरान किसी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन नहीं करेंगे।
  • जो लोग आएंगे उन्हें सोशल डिस्टेसिंग के साथ बिठाया या खड़ा रखेंगे।

जांच के लिए टीम बनाई
गाइडलाइन के तहत दशहरा के सभी आयोजन हो इसलिए सभी विभागों के अफसरों की संयुक्त टीम बनाई गई है। टीम मौकों पर जाकर जांच भी करेगी। नियमों के अनुसार कार्यक्रम आयोजित करने होंगे, नहीं तो वैधानिक कार्रवाई होगी।
-सौरभ कुमार, कलेक्टर, रायपुर

खबरें और भी हैं...