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वर्चुअल बैठक में सीएम:सीमाओं पर भी होगी टेस्टिंग, अंबेडकर में रेमडेसिविर के लिए अलग काउंटर; सीएम भूपेश ने बताया- वैक्सीनेशन और टेस्टिंग में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय औसत से बेहतर

रायपुर5 महीने पहले
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  • जरूरत के अनुसार रेमेडेसिविर की आपूर्ति

सीएम भूपेश बघेल ने बताया कि प्रदेश के सभी सीमावर्ती इलाकों में टेस्टिंग और इलाज की व्यवस्था की जाएगी। रायपुर के अंबेडकर हॉस्पिटल में रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए काउंटर शुरू किया जाएगा। वर्चुअल बैठक में सीएम ने बताया कि वैक्सीनेशन और टेस्टिंग के मामले में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय औसत से बेहतर है।

डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना और आयुष्मान योजना से इलाज कराने वाले लोगों पर कम आर्थिक बोझ पड़े, इसके लिए टेस्ट और इलाज की दरें निर्धारित की गई हैं। प्रदेश में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। उद्योगों को ऑक्सीजन उत्पादन के लिए चार लाइसेंस जारी किए गए हैं। आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए वर्तमान में 7 शासकीय और 5 निजी लैब हैं। इसी तरह 31 शासकीय ट्रू नॉट लैब और 5 लैब निजी क्षेत्र में हैं। शासकीय और निजी अस्पतालों में 815 वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। प्रदेश में बिस्तरों की संख्या, आईसीयू बेड, ऑक्सीजन युक्त बेड की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। मेडिकल स्टॉफ की भर्ती की जा रही है। सभी जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित कर नंबर सार्वजनिक किए गए हैं। प्रवासी मजदूरों के लिए ग्राम पंचायतों को क्वारेंटाइन सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसकी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार के पास साधन सीमित, समाज जुड़ेंगे तो बढ़ेगी ताकत
सीएम बघेल ने सामाजिक संगठनों के प्रमुखों से मदद का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार के पास साधन सीमित हैं। सरकार के साथ समाज के जुड़ जाने से संसाधन कई गुना बढ़ जाते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कोरोना से उत्पन्न हालात पर समाज के प्रमुखों से गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बात की। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर ज्यादा घातक है। महामारी से निपटने के लिए सामाजिक संगठनों का सहयोग जरूरी है। इलाज में देरी से संक्रमण बढ़ता है और यह जानलेवा भी हो सकता है।

जरूरत के अनुसार रेमेडेसिविर की आपूर्ति
सीएम ने कहा कि इस बार और अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है। राज्य शासन अपने पूरे संसाधन के साथ इस महामारी से निपटने की कोशिश कर रहा है। तेजी से बढ़ रहे संक्रमण की रोकथाम के लिए लॉकडाउन जरूरी है। समाज प्रमुखों को भी लोगों से अनुशासित रहने और संक्रमण से बचाव के उपायों का गंभीरता से पालन करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। इस दौरान सीएम के सलाहकार विनोद वर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, एसीएस हेल्थ रेणु पिल्ले, सचिव सिद्धार्थ परदेशी के अलावा समाज प्रमुख शामिल हुए।

सीएम ने कहा कि अस्पतालों को उनकी जरूरत के मुताबिक रेमेडेसिविर की आपूर्ति की जा रही है। रेमेडेसिविर का इंजेक्शन आईसीयू या वेंटीलेटर पर जा चुके गंभीर मरीजों को दिया जाता है। होम आइसोलेशन और अस्पताल में सामान्य मरीजों को इसकी जरूरत नहीं होती है। मास्क के उपयोग, शारीरिक दूरी और हाथों की अच्छी साफ-सफाई से संक्रमण से बचा जा सकता है।

कोरिया, महासमुंद और कोरबा में नए टेस्टिंग लैब शुरू करने की तैयारी
प्रदेश के 7 शासकीय व 5 निजी लैब में आरटीपीसीआर पद्धति से जांच की जा रही है। इसी महीने कोरिया, महासमुंद, कांकेर और कोरबा में चार नए लैब शुरू होने से जांच में तेजी आएगी। शासकीय क्षेत्र के 31 और निजी क्षेत्र के चार लैबों में ट्रूनाट पद्धति से भी सैंपलों की जांच की जा रही है। रैपिड एंटीजन किट से भी सभी जिलों में सैंपल की जांच हो रही है। टीकाकरण में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में है। प्रदेश की 14 प्रतिशत आबादी को कोरोना से बचाव का पहला टीका लगाया जा चुका है।

लोगों को भोजन-ऑक्सीजन और दवाएं दे रहे सामाजिक संगठन
समाज प्रतिनिधियों ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों को भोजन के साथ ही मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर और दवाइयां उपलब्ध कराने में सहयोग किया जा रहा है। सभी प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि वे कोविड-19 के प्रबंधन में अपने सामाजिक भवनों, छात्रावासों, वालिंटियर, भोजन उपलब्ध कराने, ऑक्सीजन आपूर्ति समेत किसी भी प्रकार के सहयोग के लिए तैयार हैं।

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