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कोरोना ने रोक दी देश की जनगणना:10 साल में होने वाली गणना अभी होनी थी, छत्तीसगढ़ को नए जिलों और तहसीलों के लिए मिला वक्त

रायपुर8 महीने पहले
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पिछली जनगणना 2011 में हुई थी। तब छत्तीसगढ़ की जनसंख्या 2 करोड़ 55 लाख गिनी गई थी। - Dainik Bhaskar
पिछली जनगणना 2011 में हुई थी। तब छत्तीसगढ़ की जनसंख्या 2 करोड़ 55 लाख गिनी गई थी।

देश में हर 10 साल पर होने वाली जनगणना 2022 में नहीं हो पाएगी। देश के रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय ने प्रशासनिक सीमाओं को फ्रीज करने की समय सीमा 31 दिसंबर 2022 तक बढ़ा दी है। इससे पहले यह समय सीमा 30 जून थी। इसकी वजह से छत्तीसगढ़ सरकार को नए जिलों और तहसीलों की घोषणा को अमली जामा पहनाने का मौका मिल गया है।

भारत के रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय के जनगणना निदेशक ने राज्यों को जारी पत्र में लिखा है, कोरोना महामारी के कारण मौजूदा परिस्थितियों में इसके फैलने का खतरा है। देश में कोरोना टीकाकरण अभियान को तेज करने में राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों की व्यस्तता और भागीदारी के चलते इस वर्ष जनगणना का कार्य प्रारंभ करना संभव नहीं होगा। जनगणना नियम के मुताबिक प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं को जनगणना आयुक्त द्वारा सूचित तिथि से फ्रीज किया जाना होता है। यह तिथि जनगणना से एक वर्ष की पहले की नहीं होनी चाहिए। ऐसी स्थिति में अब सक्षम प्राधिकारी द्वारा सीमाओं को फ्रीज करने की तिथि को 31 दिसंबर 2022 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। आगामी जनगणना के लिए प्रशासनिक इकाइयों की सीमाएं अब 31 दिसंबर 2022 को फ्रीज की जाएंगी। जनगणना निदेशक ने सभी मुख्य सचिव को राज्य क्षेत्र में सभी संबंधित प्रशासनिक सीमाओं में यदि कोई परिवर्तन हो तो 31 दिसंबर 2022 तक उसे प्रभावी करने का निर्देश जारी करने को कहा है। जनगणना निदेशालय को अधिकार क्षेत्र में परिवर्तन के संबंध में जारी अधिसूचना की प्रति भिजवाने को भी कहा गया है।

इन बदलावों की जानकारी देनी होती है

जनगणना शुरू होने से पहले अधिसूचित जिलों, तहसीलों, गांवों, कस्बों और पुलिस स्टेशनों की संख्या में बदलाव की जानकारी रजिस्ट्रार जनरल को देना होता है। इस सूचना के आधार पर ही जनगणना की रणनीति पर अमल शुरू होता है। प्रशासनिक सीमाओं को फ्रीज करने के कुछ महीने बाद ही जनगणना शुरू हो सकती है।

पांच जिलों के गठन का प्रस्ताव लंबित

छत्तीसगढ़ में अभी पांच जिलों के गठन की प्रक्रिया चल रही है। इसमें सक्ती, मोहला-मानपुर-चौकी, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों का प्रस्ताव शामिल है। इसके अलावा 18 नई तहसीलों का भी प्रस्ताव है। अगर 30 जून की समय-सीमा रहती तो संभवत: इनमें से कुछ का गठन नहीं हो पाता। अब सरकार को छह महीने का समय मिल गया है।

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