पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

मनमानी पर रोक:प्रदेश में तीन हजार एनजीओ होंगे ब्लैक लिस्टेड, भेजी गई नोटिस

रायपुरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • 101396 एनजीओ, समितियां व फर्म हैं

जॉन राजेश पॉल | प्रदेश में करीब तीन हजार एनजीओ ब्लैक लिस्टेड होंगे। इन्हें सरकार ने नोटिस भेज दी है। बरसों से उनकी मनमानी पर रोक लगाने सरकार ने कड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। इससे पहले मोदी 2.0 ने भी इन एनजीओ पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इन संस्थाओं ने तीन साल से अधिक समय से अपनी वार्षिक रिपोर्ट व आय-व्यय का लेखा-जोखा जमा नहीं किया है। इसके बावजूद वे अनुदान के रूप में लाखों रुपए शासन से लेते हैं।

इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला बाल विकास विभाग व कृषि के लिए काम करने वाले एनजीओ ज्यादा हैं। भास्कर की पड़ताल में यह सामने आया है कि कई केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के काम लेकर मालामाल हो रहे हैं। ये एनजीओ व समितियां सरकार से तो लाखों रुपए का अनुदान ले रही हैं, लेकिन हर साल अपनी फीस दो हजार रुपए जमा नहीं करातीं। न ही अपनी संस्थाओं के कामकाज की जानकारी देती हैं।

छत्तीसगढ़ सोसायटी अधिनियम 1973 में यह प्रावधान है कि यदि कोई संस्था तीन साल तक पंजीयक फर्म एवं सोसायटी को जानकारी नहीं भेजती तो नोटिस के बाद उसका पंजीयन रद्द किया जा सकता है। वार्षिक शुल्क पहले 400 रुपए था जिसे बढ़ाकर दो हजार रुपए किया गया है। इधर, नोटिस के बाद डिफाल्टर होने के डर से एनजीओ में हड़कंप है। शिक्षा, खेल, नवयुवक मंडल, महिला मंडल, वेलफेयर सोसायटियां, स्व-सहायता समूह, जीवन दीप समितियां, रोगी कल्याण समितियां, धार्मिक समितियां, जनकल्याण समितियां, और सरकार द्वारा अधिसूचित कुछ समितियों को भी नोटिस दी गई है। इधर, अब नए समितियों के रूप में गोठान समितियों का भी पंजीयन किया जा रहा है। जो सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में शामिल हो रही हैं।
1 लाख एक हजार 396 एनजीओ: प्रदेश में वर्तमान में 1 लाख एक हजार 396 एनजीओ, समितियां व फर्म हैं। इनमें से भागीदारी फर्म 35 हजार 576 हैं। मध्यप्रदेश में 42 हजार एनजीओ, समितियां, फर्म थे। इनमें से राज्य विभाजन के बाद छत्तीसगढ़ के हिस्से में 16 हजार 300 आए थे। अब 85 हजार 96 नए बन गए हैं।
एक महीने में घर बैठे पंजीयन: पंजीयक फर्म व संस्थाएं में अब ऑनलाइन पंजीयन का भी सुविधा हो गई है। बीते दो सालों में 10 हजार 912 समितियों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया है। 130 समितियों का ऑनलाइन संशोधन भी किया गया है। 3 हजार 654 फर्में भी रजिस्टर्ड हुई हैं। 886 फर्मों का संशोधन भी हुआ है। आवेदन करने पर समितियों का पंजीयन 30 दिनों और फर्मों का 15 दिनों में हो जाता है यदि उन्होंने तय फार्मेट में पूरी जानकारी दी हो। उन्हें ऑनलाइन ही सर्टिफिकेट भी भेज दिया जाता है। इसके लिए पंजीयन कार्यालय आने की भी जरूरत नहीं। सरकार एनजीओ व फर्मों का रिनीवल भी ऑनलाइन करने विचार कर रही है, लेकिन इसमें कई पेंच आ रहे हैं। बताते हैं कि ज्यादातर संस्थाओं में विवाद रहता है। यदि किसी एक गुट ने ऑनलाइन विवरणी, वार्षिक रिपोर्ट, आमसभा व अन्य जानकारी पहले भेज दी और उसे मान्यता भी मिल गई, तो दूसरा गुट या वास्तविक संस्था आपत्ति कर सकता है। फिर पंजीयक को कोर्ट के रूप में इसकी सुनवाई आमने-सामने पक्ष लेकर ही करनी होगी। इसका निराकरण के लिए धारा 27 के तहत कार्रवाई होती है।

संस्थाओं की जिम्मेदारी
"संस्थाओं की जिम्मेदारी होती है कि वे अपनी वार्षिक रिपोर्ट व आय-व्यय का लेखा-जोखा व जरूरी जानकारी जमा कराएं। शिकायत मिलने पर सुधार का मौका भी दिया जाता है। फिर भी सुधार नहीं होता है तो उनका पंजीयन रद्द किया जा सकती है।"
-हिमशिखर गुप्ता, पंजीयक फर्म एवं सोसायटी

0

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- समय की गति आपके पक्ष में रहेगी। सामाजिक दायरा बढ़ेगा। पिछले कुछ समय से चल रही किसी समस्या का समाधान मिलने से राहत मिलेगी। कोई बड़ा निवेश करने के लिए समय उत्तम है। नेगेटिव- परंतु दोपहर बाद परिस...

और पढ़ें