छत्तीसगढ़ में पारा 45 पार:अप्रैल का सबसे गर्म दिन हो सकता है आज; रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा संभागों में चलेगी लू

रायपुर2 महीने पहले
छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में लू चलने की संभावना है। - Dainik Bhaskar
छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में लू चलने की संभावना है।

छत्तीसगढ़ में मौसम ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए हैं। प्रदेश में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग ने गुरुवार को अप्रैल महीने का सबसे गर्म दिन होने का अनुमान जताया है। इस दौरान रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और सरगुजा संभाग के एक दो पैकेट में लू चलने का अनुमान है। वहीं राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार को रायगढ़ में अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस मापा गया। इस दौरान रायपुर का अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं बिलासपुर में 43.4, दुर्ग में 43.2, राजनांदगांव में 42.9, पेंड्रा रोड में 41.6और अंबिकापुर में अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। केवल जगदलपुर में अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस रहा।

मौसम विभाग ने बताया है, एक द्रोणिका पूर्वी विदर्भ से दक्षिणी तमिलनाडु तक विस्तारित है। प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र में उत्तर से गरम और शुष्क हवा और दक्षिणी क्षेत्र में दक्षिण से अपेक्षाकृत ठंडी और नमी युक्त हवा आ रही है। इस से लू और तापमान बढ़ने के साथ प्रदेश में कहीं-कहीं पर गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने और एक-दो स्थानों पर अंधड़ भी चलने की आशंका है।

10 सालों में 4 बार ही 44 तक पहुंचा

मौसम विभाग के मुताबिक, रायपुर में अप्रैल महीने में अब तक की सबसे अधिक गर्मी 30 अप्रैल 1942 को दर्ज किया गया था। उस दिन रायपुर का अधिकतम तापमान 64.1 डिग्री सेल्सियस था। तब से अब तक इतनी गर्मी कभी दर्ज नहीं हुई है। पिछले 10 सालों में चार बार ऐसा हुआ है जब रायपुर का अधिकतम तापमान 44 डिग्री से अधिक हुआ हो। 2016 में 22 अप्रैल को यहां का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस हुआ था। 2017 में 20 अप्रैल को अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस मापा गया। वहीं 2019 में 28 अप्रैल को यह 44.2 डिग्री सेल्सियस था।

जांजगीर-चांपा रहा है सबसे अधिक गर्म

बताया जा रहा है, अभी तक के रिकॉर्ड में जांजगीर-चांपा ही सबसे गर्म स्थान रहा है। अप्रैल में अब तक का सबसे अधिक 46.9 डिग्री सेल्सियस तापमान वहां 1980 में मापा गया था। रायपुर में 46.1 डिग्री सबसे अधिक तापमान है। बिलासपुर में यह 45.8 डिग्री सेल्सियस है और दुर्ग में 45.3 डिग्री। राजनांदगांव में अब का सबसे अधिक तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस है। यह 2010 में रिकॉर्ड किया गया था। जगदलपुर में अधिकतम तापमान 43.3 डिग्री सेल्सियस है जो 1941 में मापा गया था। वहीं अंबिकापुर में 43.8 डिग्री सेल्सियस का अधिकतम तापमान 28 अप्रैल 1999 को दर्ज किया गया था।

ऐसे कर सकते हैं लू से बचाव

  • शरीर को पूरी तरह से ढक कर बाहर निकलें। कोशिश करें कि आपका हाथ, मुंह और सिर पूरी तरह से ढंका हो।
  • सूती और ढीले कपड़े ही पहनें।
  • घर में भी कमरे के तापमान को कम रखें और घरों में हवा आती-जाती रहेए इसका ख्याल रखें।
  • खान-पान पर खास ध्यान पानी खूब पीएं, फलों का जूस, नींबू पानी का इस्तेमाल करें।
  • अपने मवेशियों और पालतु जानवरों को छांव में रखें और उन्हें भरपूर पानी पिलाते रहें।

ऐसे होगी लू लगने की पहचान

सिरदर्द, थकावट, तेज बुखार और बेहोशी आदि लू लगने के लक्षण हैं। लू लगने पर उल्टी और चक्कर भी आ सकता है और मांसपेशियों में ऐंठन भी हो सकती है। इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। लू लगे मरीज को किसी ठंडी जगह पर ही रहें, भरपूर पानी पिलाएं और बदन को भीगे ठंडे कपड़े से पोछते रहें।

लू से बचाव के लिए प्रशासन की भी तैयारी

प्रशासन ने लू से बचाव एवं इससे होने वाली क्षति को कम करने के लिए जरूरी निर्देश जारी किये हैं। मनरेगा के श्रमिकों पर लू के प्रभाव को कम करने के लिए कार्यस्थल पर छाया एवं ठंडा पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पंचायत भवनों में लू से बचाव के उपायों से संबंधित प्रचार-प्रसार करने और लू से प्रभावित होने पर प्राथमिक उपचार हेतु प्राथमिक उपचार बॉक्स की पर्याप्त संख्या सुनिश्चित करने को कहा गया है। सार्वजनिक स्थानों पर यथासंभव शीतल जल तथा छायादार स्थल की व्यवस्था करने के निर्देश है। गांव में लगे सभी हैंड पंपों और नल-जल योजना को चालू स्थिति में रखने के निर्देश दिए गए है।