जयंती पर विशेष:गांधी जयंती पर आज हर जिले में प्राइमरी के छात्रों का सम्मान, ऐसे 17 लाख बच्चे, हर ब्लॉक से 4 चुने जाएंगे

रायपुर4 महीने पहलेलेखक: संदीप राजवाड़े
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राजधानी समेत स्कूल व ब्लॉक स्तर पर बच्चों को कौशल के आधार पर चुन रहे हैं। - Dainik Bhaskar
राजधानी समेत स्कूल व ब्लॉक स्तर पर बच्चों को कौशल के आधार पर चुन रहे हैं।
  • बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने आज हर जिले में होगा कार्यक्रम

छत्तीसगढ़ में गांधी जयंती के मौके पर शनिवार, 2 अक्टूबर को ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब हर जिले के हर ब्लाॅक में सरकारी प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का सम्मान किया जाएगा। प्राइमरी स्कूलों में पूरे प्रदेश में 17 लाख से ज्यादा बच्चे पढ़ रहे हैं। इनमें से हर ब्लाॅक में पढ़ाई-लिखाई, गणित-विज्ञान स्किल तथा अनुशासन वगैरह के मापदंडों के आधार पर 4-4 बच्चों का चयन किया जाएगा।

इस चयन में हर स्कूल के शिक्षकों के साथ पालक विकास समिति की सहमति भी होगी। शिक्षा विभाग यह पहल इसलिए कर रहा है ताकि बच्चों को पढ़ाई व स्कूल से जोड़ा रखा जाए तथा पैरेंट्स भी बच्चों को बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहें। इसके बाद नवंबर में सरकारी मिडिल स्कूलों और दिसंबर में सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूलों के छात्रों का कौशल के आधार पर चयन होगा और सम्मान किया जाएगा। गांधी जयंती पर हमेशा छुट्टी दी जाती है, लेकिन ऐसा पहली बार होगा जब छुट्टी के बजाय इस दिन सरकारी प्राइमरी स्कूलों के बच्चों को सम्मानित करने के लिए जिलों में यह कार्यक्रम होंगे।

स्कूल शिक्षा के प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला ने बताया कि पढई तुंहर द्वार 2.0 के पहले चरण में प्राइमरी के बच्चों को पढ़ने-लिखने व स्कूल आने को प्रोत्साहित करने के लिए ही यह सम्मान कार्यक्रम गांधी जयंती के दिन किया जा रहा है। हर ब्लाॅक में 4-4 बच्चों का चयन करने के लिए संकुल स्तर व ब्लॉक स्तर पर पढ़ाई में प्रदर्शन, लेखन, गणितीय समझ, किताब या सामग्री लेखन और विज्ञान से जुड़े कार्यों को निर्धारित मापदंडों में शामिल किया गया। पहले ऐसे बच्चों के नाम स्कूल स्तर पर छांटे गए हैं, फिर संकुल और ब्लाॅक स्तर पर चयन किया जा रहा है। चयनित बच्चों के लिए हर जिले में शनिवार, 2 अक्टूबर को कार्यक्रम रखे गए हैं। इनमें संबंधित जिलों के विधायक जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध वर्ग तथा पैरेंट्स उपस्थित रहेंगे। अफसरों ने बताया कि स्कूल व संकुल स्तर पर ऐसे बच्चों की पहचान की प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली गई है।

अगले माह मिडिल-हाईस्कूल
यह पहल समग्र शिक्षा अभियान के तहत है। अफसरों ने बताया कि बच्चों के कौशल की जांच शिक्षकों के साथ पालक समिति के सदस्यों ने ही की है। पालकों को चयन में इसलिए शामिल किया गया, ताकि उन्हें पता चले कि किस तरह के बच्चे चुने जा रहे हैं और उसकी तुलना में उनके बच्चे कहां हैं? इसके बाद नवंबर में सभी सरकारी स्कूल के छात्रों को मिलाकर अलग-अलग स्किल के आधार उन्हें चयनित कर सम्मानित किया जाएगा। 20 दिसंबर को हाईस्कूल-हायर सेकंडरी स्कूल के छात्र ब्लॉक स्तर पर और 31 दिसंबर को जिला स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में सम्मानित होंगे।

सर्वाधिक बच्चे बिलासपुर और बलौदाबाजार जिले में
भास्कर को मिली जानकारी के मुताबिक सरकारी प्राइमरी स्कूलों में सबसे ज्यादा 139125 बच्चे बिलासपुर जिले में हैं। इसके बाद बलौदाबाजार में प्राइमरी के 111435 छात्र, राजनांदगांव में 109203, जांजगीर-चांपा में 99406, रायपुर में 92052, रायगढ़ में 83468, कवर्धा में 73567, कोरबा में 73425, महासमुंद में 71264 और बेमेतरा में 70940 छात्र हैं। प्रदेश में इस सत्र में कुल 1727852 प्राइमरी के छात्र हैं। इनमें 858343 लड़के अौर 869509 लड़कियां हैं। सबसे ज्यादा 1966 प्राइमरी स्कूल रायगढ़ जिले में हैं। राजनांदगांव में 1837 प्राइमरी स्कूल, जशपुर में 1641, कांकेर में 1583, जांजगीर-चांपा में 1527, बस्तर में 1519, कोरबा में 1464 अौर रायपुर में 757 प्राइमरी स्कूल चल रहे हैं।

बच्चों के कौशल का सम्मान
बच्चों के कौशल को सम्मानित करने के लिए गांधी जयंती का दिन चुना है। प्राइमरी के छात्रों का चयन हर स्कूल, हर संकुल व हर ब्लॉक के स्तर पर होगा। इसके बाद मिडिल, हाई व हायर सेकंडरी के छात्रों को भी सम्मानित करेंगे।
-आलोक शुक्ला, प्रमुख सचिव-स्कूल शिक्षा

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