22 साल बाद चार ट्रैफिक थाने:सड़क हादसों में एफआईआर अब ट्रैफिक पुलिस करेगी

रायपुर11 दिन पहलेलेखक: प्रमोद साहू
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प्रतिकात्मक तस्वीर - Dainik Bhaskar
प्रतिकात्मक तस्वीर

कर्नाटका, आंध्रप्रदेश की तरह छत्तीसगढ़ में भी ट्रैफिक थाने खुलेंगे। राज्य बनने के 22 साल बाद सरकार ने 4 ट्रैफिक थाने को मंजूरी दे दी है। इसका राजपत्र में प्रकाशन भी हो गया है। अब पुलिस मुख्यालय से सेटअप और कार्य विभाजन आदेश के साथ ट्रैफिक थाने का काम शुरू हो जाएगा। शहर के 7-8 थानों के ऊपर एक ट्रैफिक थाना बनाया गया है। इन इलाकों में होने वाले सड़क हादसे और चालानी कार्रवाई ट्रैफिक थाना करेगा।

उन्हें सामान्य थानों की तरह सड़क हादसे से जुड़े मामलों में एफआईआर से लेकर आरोपी को पकड़ने और कोर्ट में चार्जशीट पेश करने का अधिकार होगा। थाने की तरह ट्रैफिक पुलिस के पास भी रोजनामचे से लेकर अन्य तरह के रजिस्टर रखे जाएंगे। चर्चा है कि दुर्ग में भी चार ट्रैफिक थाने को मंजूरी मिल गई है। जल्द ही इसका आदेश भी जारी कर दिया जाएगा। पिछले कई सालों से ट्रैफिक थानों की मांग चल रही थी।

सरकार को थानों का प्रस्ताव भी बनाकर भेजा गया था। इस साल सरकार ने इसकी मंजूरी दे दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रायपुर में ट्रैफिक के 9 जोन हैं, जो थानों की तरह काम कर रहे हैं। इन जोन में कुछ सहायता केंद्र भी हैं। इसमें से 4 जोन पंडरी, भनपुरी, टाटीबंध और पचपेड़ी नाका को थाना बनाया गया है। सरकार ने शहर के चारों एंट्री पॉइंट में थाने खोल दिए हैं। इसमें सामान्य थानों की तरह सेटअप रहेगा।

आम लोगों को फायदा: रिपोर्ट करने के लिए भटकना नहीं होगा
ट्रैफिक थाना खुलने से आम जनता को सीधा फायदा पहुंचेगा। रायपुर में थानों के काम, क्राइम कंट्रोल, इन्वेस्टिगेशन के अलावा लॉ एंड ऑर्डर ड्यूटी के लिए फोर्स कम है। घटनाओं की जांच के लिए ही पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। ऐसे में सामान्य सड़क हादसे, जिसमें घायल होने से लेकर मौत तक के मामले होते हैं, अब ट्रैफिक पुलिस उसकी जांच करेगी। इनके पास आईपीसी की धारा 279, 337, 338, 304ए और 304 से संबंधित सारे मामले आ जाएंगे, जो सड़क हादसों से संबंधित हैं। ये अभियान भी चलाएंगे और मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करेंगे। इससे पीड़ित परिवार को ज्यादा भटकना नहीं पड़ेगा। उनके मामलों की जांच भी जल्दी हो जाएगी। हादसों में कमी आएगी।

सड़क हादसे में 570 लोगों की गई जान
रायपुर में पिछले साल 1880 सड़क हादसे हुए थे, जिसमें 570 लोगों की जान गई। इसमें तकरीबन 1300 लोग घायल हुए, जबकि 2021 में 1763 हादसों में 472 लोगों की मौत हुई। इसमें 1311 घायल हुए। ट्रैफिक पुलिस ने पिछले साल 84500 गाड़ियों पर कार्रवाई की है। उनसे 4.53 करोड़ रुपए जुर्माना वसूला। रायपुर में ट्रैफिक अमले में एक एडिशनल एसपी, दो डीएसपी समेत 400 का बल होगा। रायपुर में 20 लाख से ज्यादा गाड़ियां दौड़ रही हैं।

रायपुर में ये चारों ट्रैफिक थाने बनेंगे
पंडरी ट्रैफिक थाना
इनका कार्यक्षेत्र पंडरी, सिविल लाइन, तेलीबांधा, राजेंद्र नगर, खम्हारडीह, देवेंद्र नगर और मंदिर हसौद थाना रहेगा।

पचपेड़ी नाका थाना
कोतवाली, टिकरापारा, पुरानीबस्ती, सेजबहार, माना, नवा रायपुर राखी, अभनपुर, गोबरा-नवापारा थाना रहेगा।

टाटीबंध ट्रैफिक थाना
आमानाका, कबीर नगर, डीडी नगर, सरस्वती नगर, आजाद चाैक, माैदहापारा, गाेलबाजार, गुढ़ियारी थाना रहेगा।

भनपुरी ट्रैफिक थाना
इनका क्षेत्र गंज, खमतराई, उरला, धरसींवा, विधानसभा, खरोरा और तिल्दा-नेवरा थाना रहेगा।

दुर्ग-भिलाई में भी
दुर्ग में सुपेला, दुर्ग, भिलाई-3 और सिविक सेंटर ट्रैफिक जोन को थाना बनाने की तैयारी है। प्रस्ताव भेज चुके हैं।