प्रशासन की अनुमति के बाद अब मरीजों की करेंगी सहायता:नाच-गाना छोड़ ट्रांसजेंडर चिन्मयी कोविड टेस्ट सेंटर में दे रहीं सेवा, 400 बुजुर्गों को लगवाया टीका

रायपुर5 महीने पहलेलेखक: संदीप राजवाड़े
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10 साल के सेवाभाव ने बदली पहचान, जो पहले चिढ़ाते थे वो भी अब कर रहे हैं मदद। - Dainik Bhaskar
10 साल के सेवाभाव ने बदली पहचान, जो पहले चिढ़ाते थे वो भी अब कर रहे हैं मदद।
  • 38 साल की उम्र में मेडिकल कॉलेज को बॉडी दान करने का ऐलान

कुछ साल पहले तक शादी व अन्य प्रोग्राम में नाचगाना करने वाली ट्रांसजेंडर चिन्मयी दास आज ओडिशा अंगुल जिले के जरपाड़ा कस्बे में कोरोना से लोगों को बचाने में सराहनीय काम कर रही हैं। वे पिछले दो हफ्ते के दौरान अंगुल के स्लम एरिया में बुजुर्गों व महिलाओं को वैक्सीन लगाने के लिए जागरूक कर रहीं हैं, इतना ही नहीं, उन्हें टीका केंद्र तक लाकर वैक्सीन लगवा रहीं हैं। अब तक 400 लोगों कोरोना वैक्सिनेशन कराया। इसके साथ कोविड टेस्ट सेंटर में भी पीपीटी किट पहनकर लोगों की मदद कर रहीं हैं।

जरपाड़ा कस्बे में 10 साल पहले तक शादी- समारोह में नाचकर अपना गुजारा करने वाली ट्रांसजेंडर चिन्मयी (38) पिछले साल कोरोना के दौर से गरीबों तक खाना पहुंचना, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने से लेकर कई मदद कर रहीं हैं। किसी की मदद करनी हो तो वे 200 किमी तक बस से सफर कर जरूरतमंद मरीजों तक पहुंच जाती हैं। वे बताती हैं कि इस सेवाभाव के कारण ही वे नाचगाना छोड़ दिया, लोगों के बीच यही पहले पहचान थी, जो अब नहीं है। शुरुआत में जो लोग गलत नियत व नीचा दिखाने में लगे रहते थे, अब वे ही मदद मांगने आते हैं। सेवा के लिए नाचगाना छोड़कर अपनी जीविका के लिए लेडीज जनरल स्टोर खोला, उससे होने वाली कमाई से ही घर व जरूरतमंदों की मदद कर पाती हूँ। इसके अलावा प्रदेश की पहली ट्रांसजेंडर हैं, जिसने अपनी बॉडी मेडिकल छात्रों के लिए डोनेट किया है।

अब कोविड सेंटर में करेंगी मरीजों की सेवा
​​​​​​​उन्होंने बताया कि अंगुल जिला हेल्थ ऑफिसर से यहाँ के कोविड सेंटर में मरीजों की सेवा व देखरेख करने की अनुमति मांगी, जो मिल गई है। अब यहाँ मरीजों की सेवा व हेल्थ वर्कर्स की मदद के लिए पीपीटी किट पहनकर वहाँ डयूटी करूंगी, सेवा दूंगी। वहाँ कई ऐसे मरीज होते हैं, जिनके कोई अटेंडर या रिश्तेदार नहीं होता है, उन्हें समय पर दवा व खाना खिलाने वाला नहीं होता है, उनकी मदद करूंगी।

वैक्सीन को लेकर दूर कर रही हूं भ्रम, काउंसिलिंग भी
​​​​​​​चिन्मयी का कहना है इस बार कोरोना के केस ज्यादा आ रहे हैं, अस्पतालों में बेड नहीं है, ऐसे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगे तभी उन्हें बचाया जा सकता है। ऐसे में अपने जरपाड़ा से 27 किमी दूर अंगुल में बने कलाकेंद्र वैक्सिनेशन सेंटर में ले जाती हैं। वहाँ के स्लम एरिया व मोहल्लों में बुजुर्गों व महिलाओं के पास जाकर उन्हें वैक्सीन लगाने को लेकर काउंसिलिंग कर समझाती हूं। अधिकतर को भ्रम भी था कि कोरोना का टीका लगाने से उनकी तबियत खराब हो जाएगी, मौत हो जाती है, नहीं लगवाएंगे। उन्हें समझाया कि टीका लगाने से ही कोरोना से बच सकते है, कोई बीमारी नहीं होती है। इसके बाद कई बुजुर्गों व महिलाओं ने टीका लगवाने आगे आए। पिछले कुछ दिन में 400 लोगों को इन स्लम एरिया से जाकर वैक्सीन लगवाया है। उनका भ्रम दूर हुआ है, अब और लोग भी आगे आ रहे हैं। लोगों की मदद व जागरूक करने में पुष्पलता प्रधान, मधुसूदन प्रधान और बापूजी साहू भी साथ दे रहे हैं। हर दिन वे वैक्सिनेशन और टेस्ट सेंटर में 6-8 घंटे रोज सेवा देकर लोगों की मदद कर रहीं हैं।

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