CG में पहली बार रोबोट असिस्टेड सर्जरी की शुरुआत:आसान तरीके से होगा इलाज, सर्जरी में चीरे कम लगेंगे; कई तरह के कैंसर का इलाज भी संभव

रायपुर7 महीने पहले
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इस तकनीक के इस्तेमाल से अब कई तरीके की सर्जरी आसान हो जाएगी। - Dainik Bhaskar
इस तकनीक के इस्तेमाल से अब कई तरीके की सर्जरी आसान हो जाएगी।

राजधानी रायपुर के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल ने सर्जरी के क्षेत्र में एक अच्छी पहल की है। बताया जा रहा है कि अस्पताल में रोबोट असिस्टेड सर्जरी का शुभारभं किया गया है। ऐसा पहली बार छत्तीसगढ़ में किया जा रहा है। मेडिकल विज्ञान में अब तक इसे सबसे हाईटेक सर्जरी माना गया है। ये केवल छत्तीसगढ़ में ही नहीं, बल्कि पूरे मध्यभारत में पहली ऐसी तकनीक होगी, जिससे एक्सपर्ट किसी रोबोट के माध्यम से सर्जरी करेंगे। इसकी खास बात ये है कि प्रिसीजन के साथ-साथ इसमें मरीज को कम से कम चीरा लगेगा। घाव भी बहुत कम होगा। रक्तस्राव भी ना के बराबर रहेगा। परिणाम ये होगा कि रिकवरी बहुत जल्दी होगी।

जाने-माने लेपेरोस्कोपिक सर्जन और रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ.संदीप दवे ने रोबोटिक सर्जरी करने के साथ प्रदेश में एक नई क्रांति लाने का प्रयास किया है। पहले सर्जन जब अपने हाथों से ओपन सर्जरी या लेपेरोस्कोपिक सर्जरी करता थे तो औजार के शरीर के कुछ विशेष स्थानों एवं गहराई तक पहुंचाने में बहुत सी परेशानियां होने की आशंका रहती है। जबकि रोबोटिक सर्जरी बिना किसी थकान के अच्छी तरह से की जा सकती है। परिणाम भी अच्छे मिलते हैं। कई देशों में इसका इस्तेमाल बढ़ रहा है।

कंप्यूटर से चलेगा

सर्जिकल रोबोट एक सेल्फ पॉवर्ड, स्वतः संचालित और कम्प्यूटर द्वारा नियंत्रित एक मशीन होती है। इसकी चार भुजाएं होती है। जिसमें सर्जरी के औज़ार एवं कैमरा फिट रहते हैं। कंंप्यूटर में सर्जन स्वयं अपने द्वारा की जाने वाली विशिष्ट सर्जरी को संपूर्ण प्रोग्रामिंग बनाकर लगा देते हैं और रोबोट सर्जन के आदेशों का पालन ठीक उसी प्रकार करता रहता है जैसे एक नौकर मालिक का, इसलिए सर्जन और रोबोट के संबंध को मास्टर स्लेव रिलेशनशीप कहा जाता है। बताना जरूरी है कि रोबोट खुद कोई निर्णय नहीं लेगा। बल्कि वह सर्जन द्वारा दिए जाने वाले आदेशों का पालन ही करता है। 4th जनरेशन रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी सिस्टम, छत्तीसगढ़ के साथ ही मध्यभारत की भी पहली अत्याधुनिक टेक्नालाॅजी होगी।

कम समय तक अस्पताल में रहना होगा

रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी सिस्टम के शुभारंभ अवसर पर रामकृष्ण केयर हाॅस्पिटल के मैनेजिंग एवं मेडिकल डायरेक्टर डॉ. संदीप दवे के साथ डॉ. निलेश गुप्ता समेत तमाम डॉक्टर मौजूद थे। इस दौरान डॉ. दवे ने कहा कि रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी अपनी अत्याधुनिक टेक्नोलाॅजी व चिकित्सा सुविधाओं के कारण पूरी दुनिया में, लोकप्रिय हो चुकी है। रोबोटिक सर्जी की शुरुआत छत्तीसगढ़ और पूरे मध्यभारत के समाज के सभी वर्गों को अत्याधुनिक चिकित्सा उपलब्ध कराने की एक महत्वपूर्ण कोशिश है। उन्होंने बताया कि इस सर्जरी के मरीजों को कम से कम अस्पताल में रहना पड़ता है। इससे बाहर से आने वाले मरीजों के समय और पैसों की भी बचत होती है। ऑपरेशन के लिए बड़े चीरे नहीं लगाए जाते हैं। बल्कि छोटे-छोटे छेद किए जाते हैं। जिससे सर्जरी के बाद घाव के कम निशान पड़ते हैं और दर्द भी कम होता है। लेजर गाइडेंस के कारण ऑपरेशन सटीक और सुरक्षित होता है। संक्रमण का खतरा भी कम रहता है।

कई तरह के कैंसर के इलाज होंगे

डॉ. दवे ने बताया कि सर्जरी की खासियत यह भी है कि, यह सर्जन को ऑपरेशन किए जाते समय 3डी एच.डी. विजन के द्वारा शरीर के अंदर के ऑर्गन्स की स्पष्ट स्थिति बतलाती है, जिससे सर्जरी में आसानी होती है। रोबोटिक सर्जरी से कोलोरेक्टल सर्जरी कोलन और रेक्टम की एसोफेगल कैंसर, एसोफेगेक्टॉमी कैंसर, सवासवाईकल कैंसर, ओवेरियन कैंसर, यूटेराइन कैंसर और पेट के सभी प्रकार की सर्जरी, छोटी और बड़ी आंत के कैंसर की सर्जरी, प्रोस्टेट सर्जरी, बैरियाट्रिक, मोटापे की सर्जी, बच्चेदानी के कैंसर की सर्जी, छाती और फेफड़े की सर्जरी बहुत ही आसान तरीके से होती है।

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