CG में ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले पर फिर हलचल:भूपेश के 42 विधायक दिल्ली में पुनिया से मिलने जा रहे, पुनिया बोले- मैं लखनऊ में हूं; सिंहदेव ने कहा- फैसला आलाकमान करेंगे

रायपुर2 महीने पहले
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छत्तीसगढ़ की सियासी गलियों में भूपेश बघेल और सिंहदेव की इस जोड़ी को जय और बीरू नाम दिया गया है। - Dainik Bhaskar
छत्तीसगढ़ की सियासी गलियों में भूपेश बघेल और सिंहदेव की इस जोड़ी को जय और बीरू नाम दिया गया है।

प्रदेश नेतृत्व के मामले में ढाई-ढाई साल के फार्मूले पर दिल्ली का माहौल गरमाया हुआ है। सीएम भूपेश के नाम का समर्थन पत्र लेकर छत्तीसगढ़ के 25 से ज्यादा विधायक दिल्ली में डट गए हैं। इधर, 6 विधायक शुक्रवार रात दिल्ली पहुंच गए और 11 विधायक शनिवार सुबह दिल्ली जाएंगे। यानी कुल 42 विधायक अब दिल्ली में मोर्चा संभालने की पूरी तैयारी में हैं।

खबर है कि सभी विधायक शनिवार को दिल्ली में प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया से मिलेंगे और उन्हें कथित तौर पर भूपेश बघेल के समर्थन में एक पत्र सौंपेंगे। पुनिया अभी लखनऊ में हैं। उधर, मंत्री टीएस सिंहदेव ने शुक्रवार को रायपुर में मीडिया से यह कहकर माहौल और गरमा दिया है कि ढाई साल का फैसला हाईकमान के पास सुरक्षित है।

यह मान लेना चाहिए कि अभी तक इस पर निर्णय नहीं हुआ है। भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री के रुप में ढाई साल पूरा होने के बाद से ही प्रदेश में ढाई साल फार्मूले पर हलचल तेज है। इससे पहले अगस्त के आखिरी सप्ताह में विधायकों की दिल्ली दौड़ हुई थी। तब भी मामला किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा था, हालांकि पुनिया ने साफ कहा था कि भूपेश ही सीएम बने रहेंगे।

इसके बाद भी सिंहदेव के जिस तरह से बयान आ रहे हैं और कांग्रेस में जिस तरह की राजनैतिक गतिविधियां चल रही हैं, उनसे यह माना जा रहा है कि मामला अभी शांत नहीं हुआ है। एक बार फिर बुधवार को 17 विधायकों तथा गुरुवार को 8 विधायकों के अचानक दिल्ली प्रवास से यह मामला फिर उछल गया है। चर्चा थी कि दिल्ली में ये विधायक पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। लेकिन प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया दिल्ली से बाहर हैं। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी भी दिल्ली में नहीं है।

चर्चा यह भी है कि प्रभारी महासचिव केसी वेणुगाेपाल ने विधायकों से मिलने के इंकार कर दिया था। इसके बाद इन विधायकों की शुक्रवार शाम को रायपुर वापसी के संकेत मिल रहे थे, लेकिन शाम को अचानक विधायकों की सिर्फ रायपुर वापसी टली, बल्कि रायपुर से 17 और विधायकों के दिल्ली जाने की चर्चा ने जाेर पकड़ लिया। यानी शनिवार को दिल्ली में 42 विधायक सीएम भूपेश के समर्थन में खड़े नजर आएंगे। यह भी बताया जा रहा है कि विधायक अपने साथ 59 विधायकों के हस्ताक्षर करवाकर वह चिट्‌ठी भी साथ ले गए हैं, जिसमें भूपेश बघेल को पांच साल तक सीएम बने रहने की बात लिखी हुई है।

पीसीसी चीफ मरकाम बोले; क्या होगा, समय बताएगा
प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि मीडिया में जो बातें आई हैं, वो संगठन के संज्ञान में है। इस मामले में क्या होगा, यह समय पर पता चल जाएगा। उन्होंने समय बताने में असमर्थता जताई और कहा कि सिर्फ मैं ही नहीं, सीएम भूपेश और सिंहदेव भी कह चुके हैं कि विधायकों के दिल्ली आने-जाने पर कोई रोक नहीं है।

चरण दास महंत ने कहा; न काहू से दोस्ती, न बैर
विधानसभा अध्यक्ष ने इस मुद्दे पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल पर उन्होंने हाथ जोड़ते हुए कबीर का दोहा सुना दिया-न काहू से दोस्ती न काहू से बैर...। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले महंत ने ही कहा था कि चार लोग सेमीफाइनल खेले थे, दो लोग फाइनल में पहुंचे हैं।

राहुल से मिलने के बाद परिस्थिति नहीं बदली है: बाबा
टीएस सिंहदेव ने इन सब पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मीडिया में लगातार ढाई ढाई साल की बात चलती रही। जहां तक परिवर्तन की बात है, चुनाव से पहले सबने मिलकर काम किया था। जब सरकार आई, तो सबको लगा कि जिम्मेदारी किसे मिलेगी? ढाई ढाई साल की बात लगातार आती रही और जब ढाई साल बीते, तो इसे बल मिला।

अब चार महीने और बीत चुके हैं, इसलिए इस पर चर्चा ज्यादा हो रही है। इस घटना के बाद हाईकमान ने हम सबको 24 अगस्त को बुलाया था। सीएम भूपेश बघेल के साथ मेरी राहुल गांधी से मुलाकात हुई थी। इसमें कोई निर्णय नहीं हुआ था। 27 अगस्त को भूपेश भाई फिर राहुल गांधी से मिले। इस मामले में अब क्या होना है, ये हाईकमान को तय करना है। कोई नई स्थिति नहीं बनी है। फैसला सुरक्षित है, वरना तो घोषणा की बात होती। बदलाव के बारे में कुछ नहीं कह पाऊंगा, क्योंकि ये हाईकमान की बात है।

6 विधायक गए, 11 विधायक आज जाएंगे
शुक्रवार देर शाम को शिशुपाल सोरी, किस्मत लाल नंद, उत्तरी जांगड़े, संतराम नेताम, केके ध्रुव, रामकुमार यादव दिल्ली रवाना हुए, वहीं शनिवार को अनिता शर्मा, राजमन बेंजाम, लालजी राठिया, कुंवर सिंह निषाद, लक्ष्मी ध्रुव, विनय भगत, कुलदीप जुनेजा, चक्रधर सिदार, संगीता सिन्हा, मनोज मंडावी और ममता चंद्राकर दिल्ली जाएंगे।

सीएम भूपेश बघेल कह चुके हैं- हर कदम को राजनीति से न देखें
विधायकों के दिल्ली में जमावड़े पर सीएम भूपेश बघेल ने पहले ही कहा था कि हर कदम पे राजनीतिक नहीं देखना चाहिए। कोई व्यक्ति कहीं जा सकता है दोस्तों के साथ जा सकता है। उसको राजनीतिक चश्मे से नहीं देखना चाहिए। राजनीतिक आदमी है तो बड़े नेताओं से मुलाकात करेंगे।

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