अंबेडकर-लालपुर अस्पताल में भरने लगे कोविड बेड:दो बड़े कोविड अस्पतालों में सिर्फ 7 दिन में दोगुने मरीज, आईसीयू में भी डबल

रायपुर9 महीने पहले
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दिसंबर से फरवरी तक शहर में रोजाना औसतन 50 से कम कोरोना के केस मिल रहे थे, लेकिन पिछले एक हफ्ते के दौरान यह औसत रोजाना सौ मरीजों से पार होकर 109 पर आ गया है। - Dainik Bhaskar
दिसंबर से फरवरी तक शहर में रोजाना औसतन 50 से कम कोरोना के केस मिल रहे थे, लेकिन पिछले एक हफ्ते के दौरान यह औसत रोजाना सौ मरीजों से पार होकर 109 पर आ गया है।

दिसंबर से फरवरी तक शहर में रोजाना औसतन 50 से कम केस मिल रहे थे, लेकिन पिछले एक हफ्ते के दौरान यह औसत रोजाना सौ मरीजों से पार होकर 109 पर आ गया है। एक बार फिर अस्पतालों और कोरोना केयर सेंटरों में खाली पड़े बेड भरने लगे हैं। निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या में वृद्धि भले ही ज्यादा नहीं है, लेकिन राजधानी के बड़े सरकारी केयर सेंटरों और अस्पतालों में मरीजों की संख्या सिर्फ 7 दिन में दोगुनी हो गई है।

डाक्टरों में ज्यादा चिंता इसलिए है क्योंकि सांस में गंभीर तकलीफ वाले मरीजों की संख्या भी दोगुनी से अधिक हो गई, जिन्हें इलाज के लिए आईसीयू में भर्ती करना पड़ा है या वेंटिलेटर लगा दिया गया है। राजधानी में पिछले रविवार को एक्टिव केस 861 थे, जो बढ़कर 1138 हो चुके हैं। अस्पताल ही नहीं, होम आइसोलेशन भी दोगुना हो चुका है।

होम आइसोलेशन यानी घर में इलाज करवाने वाले मरीजों की संख्या भी 490 से बढ़कर रविवार रात 9 बजे तक 760 से अधिक हो चुकी है। भास्कर ने राजधानी के दो प्रमुख सरकारी अस्पतालों में कोरोना मरीजों का ट्रेंड वहीं के इंचार्ज डाक्टरों से जाना-समझा है। उनका मानना है कि हालात की शुरुआत वैसी ही है, जैसी पिछले साल जुलाई में थी।

अंबेडकर में इंचार्ज डॉ. ओपी सुंदरानी की कलम से: आईसीयू में मरीजों का बढ़ना अब चिंताजनक, हफ्तेभर में ही 8 से 18

एक सप्ताह में कोरोना केसेज तेजी से बढ़े हैं। डॉ. अंबेडकर अस्पताल के कोरोना वार्ड में पिछले रविवार केवल 8 मरीज आईसीयू में थे। 14 मार्च को इनकी संख्या 18 हो गई है। यहां कोरोना वार्ड में सामान्य मरीजों की संख्या भी 17 से बढ़कर 35 हो गई। दिसंबर से फरवरी तक कई दिन ऐसे निकले, जब एक भी मरीज नहीं आता था।

तब परिवारों में भी एकाध सदस्य ही संक्रमित होते थे, बाकी जांच में नेगेटिव निकल रहे थे। पर अब लगता है कि कोरोना की दूसरी लहर का असर हो सकता है। एक बार फिर वायरस का ट्रांसमिशन यानी फैलाव ज्यादा हो रहा है। अस्पताल में ही एक ही परिवार के चार-पांच सदस्य भी आ रहे हैं और भर्ती हो रहे हैं जो यह बताता है कि संक्रमण का फैलाव पहले जैसा ही होने लगा है। आईसीयू में ही अपेक्षाकृत ज्यादा मरीज आ रहे हैं। मौत का आंकड़ा भी धीरे धीरे बढ़ता हुआ लग रहा है।

लालपुर सेंटर के इंचार्ज डॉ. प्रशांत साहू की कलम से: दो हफ्ते पहले सिर्फ 4 मरीज थे अब 35 हुए, इनमें 20 गंभीर

राजधानी में 100 बिस्तरों की क्षमता वाले लालपुर कोरोना केयर सेंटर में करीब दो हफ्ते पहले केवल 4 सक्रिय मरीज थे। लेकिन दो ही हफ्ते में अब मरीजों की संख्या बढ़कर 35 से अधिक हो चुकी है। यही नहीं, इनमें भी 20 मरीज गंभीर स्थिति वाले हैं। ज्यादातर मरीजों की उम्र 20 से 40 साल के बीच है, पहले जहां अस्पताल में इलाज के लिए बुजुर्ग मरीज अधिक आ रहे थे, अब युवाओं की तादाद ज्यादा देखी जा रही है।

प्रदेश में अब कोरोना की दूसरी लहर जैसी स्थिति है, किसी भी महामारी में एक लहर लौटने के बाद दूसरी लहर जरूर आती है। मार्च के महीने में मरीजों की संख्या में त्योहारी सीजन का फैक्टर भी है। लोगों की आवाजाही भी बहुत ज्यादा बढ़ रही है। लोग पहले जिस तरह बाहर आवाजाही के दौरान सावधानी रखते रहे थे, अब वो नहीं रख रहे हैं। कोरोना की वजह से मौत की जद में आने वाले ज्यादातर बुजुर्ग ही हैं।

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