युवा-बुजुर्ग संक्रमितों में से केवल 20 ही अस्पताल में भर्ती:रायपुर में दो हजार एक्टिव मरीज, इनमें बच्चे ढाई सौ से ज्यादा, कोई भी अस्पताल में नहीं

रायपुर22 दिन पहले
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राजधानी में पिछले एक हफ्ते में संक्रमण तेजी से बढ़ा है और बच्चे जिस संख्या में संक्रमित निकल रहे हैं, उनकी संख्या से तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमण की आशंका पुष्ट होने लगी है। रायपुर में गुरुवार रात तक एक्टिव मरीजों की संख्या 2 हजार से अधिक हो गई है, जिसमें 250 से ज्यादा बच्चे हैं। थोड़ी राहत की बात यही है कि सभी बच्चे होम आइसोलेशन में हैं और तबियत सामान्य है।

एडल्ट में भी अब तक केवल 25 संक्रमितों को ही अस्पताल में भर्ती किया गया है। इनमें से भी एकाध को छोड़कर बाकी सभी की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। राजधानी में लगातार बच्चों में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। इस महीने में कोरोना पॉजिटिव आए बच्चों की संख्या अब 200 के करीब पहुंच चुकी है। हर दिन करीब 20 की रफ्तार से बच्चों में पॉजिटिव केस आ रहे हैं। राहत की बात ये भी है कि सभी बच्चे अभी होम आइसोलेशन में ही इलाजरत हैं। अभी जो बच्चे संक्रमित हुए हैं, उनमें से अधिकांश में बहुत हल्के या सर्दी-खांसी लक्षण हैं। कुछ बच्चों में उल्टी की शिकायत आई है, लेकिन गंभीर नहीं है। डाक्टरों के मुताबिक सभी बच्चे जल्दी ठीक भी हो जाएंगे, लेकिन इस लहर में ज्यादा खतरा पोस्ट कोविड बीमारियों का भी है। यानी, बच्चों के ठीक होने के बाद भी पैरेंट्स को सावधानी बरतनी होगी।

अस्पतालों में 5 प्रतिशत बेड रिजर्व
तीसरी लहर के लिए केंद्रीय मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक प्रतिदिन मिल रहे केस के अनुपात में बच्चों के लिए 5 प्रतिशत बेड रिजर्व रखे जाएंगे। प्रदेश में एक्टिव मरीजों की कुल संख्या 5 हजार है। इनमें से संक्रमित बच्चों की संख्या 15 प्रतिशत से अधिक है। यानी प्रदेशभर में अभी 750 कोविड संक्रमित बच्चों का इलाज चल रहा है। इनमें से ढाई सौ से ज्यादा राजधानी रायपुर में ही हैं। इसके अलावा बैकुंठपुर क्लस्टर और रायगढ़ में भी अब तक 100 से अधिक बच्चे संक्रमित मिल चुके हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक एक लाख मरीज हर दिन होने पर 600 बेड बच्चों के लिए रिजर्व रखना है। जबकि बच्चों के आईसीयू में 2 प्रतिशत तक बेड रिजर्व रखना होगा।

एक्सपर्ट व्यू; डॉ. निलय मोझरकर, इंचार्ज-पीडिया कोविड अस्पताल

बच्चे ठीक हो जाएं, तो भी तीन माह तक ध्यान रखें
बच्चों में केस बढ़ने की सीधी वजह ये है कि उनको वैक्सीन नहीं लगी है। घर में बड़ों के संपर्क में आकर बच्चे संक्रमित हो रहे हैं, इसलिए जो बच्चे टीकाकरण के दायरे में हैं, उन्हें टीके लग जना चाहिए। बच्चों में कोविड के मामलों में अभी गंभीर लक्षण नहीं दिख रहा है। ज्यादातर बच्चे घर में ही इलाज करवा रहे हैं। गंभीर स्थिति न बने, इसके लिए जरूरी सावधानियां जरूर रखें। तीसरी लहर में पोस्ट कोविड बीमारियों की आशंकाएं ज्यादा है।
जिसमें बाद में गंभीर स्थिति आ सकती है, इसलिए स्वस्थ होने के बाद भी बच्चे की सेहत पर एक से तीन माह तक नजर रखें।

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