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तेंदूपत्ता बोनस पर राज्यपाल और वनमंत्री आमने-सामने:राज्यपाल ने कहा कि लक्ष्य से आधा भी खरीदी नहीं, बिचौलियों को बेची; अकबर बोले इमली में 50 करोड़ ज्यादा कमाए, 300% खरीदी हुई

रायपुरएक महीने पहले
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कोरोना के बावजूद वनोपज संग्रहण व खरीदी में छत्तीसगढ़ देश में शीर्ष पर चल रहा है। प्रदेश के वनमंत्री मोहम्मद अकबर इमली और वनोपज से आय गिना रहे हैं, वहीं राज्यपाल अनुसूइया उइके उन्हें पत्र लिखकर वनोपज संग्राहकों को पिछले बकाए पैसे देने को कह रही हैं।

राज्यपाल के अनुसार, इमली निर्धारित लक्ष्य की 50 प्रतिशत भी खरीदी नहीं गई है। सीजन शेष रहने के बावजूद खरीदी बंद कर दी गई। इस वजह से संग्राहकों को कम मूल्य पर इमली बिचौलियों को बेचनी पड़ी। उइके ने जिम्मेदारों पर कार्रवाई कर वनमंत्री से रिपोर्ट मांगी है। उइके ने वनमंत्री को पत्र लिखकर लघु वनोपजों के संग्राहकों की दिक्कतें दूर करने कहा है। उन्होंने कहा है कि वर्तमान में लघु वनोपजों के संग्रहण का सीजन चल रहा है। प्रदेश में पांचवीं अनुसूची में शामिल बहुत से जिले इस काम में लगे हैं। फूड ग्रेड महुआ 4000 क्विंटल का लक्ष्य था। इसके विरुद्ध खरीदी बहुत कम की गई। इससे करोड़ों रुपए का संयंत्र जो राजनांदगांव में है बंद पड़ा है। पिछले सीजन में तेंदूपत्ता की खरीदी घोषित लक्ष्य से कम की गई है। संग्राहकों को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ।

इधर, वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि वर्ष 2020 तथा 2021 में कोविड संकट एवं लाक डाउन के बावजूद महिला स्व-सहायता समूहों व ग्रामीणों ने इमली संग्रहण दुगनी वृद्धि हुई है। संग्राहकों को इमली संग्रहण के साथ उसके प्रसंस्करण से भी ज्यादा कमाई हुई है। राज्य में संग्रहण वर्ष 2020 में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संग्राहकों से 67 हजार 552 क्विंटल इमली की खरीदी गई, जिसका मूल्य 20 करोड़ 99 लाख रुपए था। जबकि इस साल 71 करोड़ 36 लाख रुपए की 1 लाख 92 हजार 582 क्विंटल इमली की खरीदी गई।

गत वर्ष की तुलना में संग्राहकों को 50 करोड़ 37 लाख रुपए की अतिरिक्त आय हुई है। खरीदी में 300 प्रतिशत वृद्धि हुई। प्रसंस्करण से भी संग्राहकों की आजीविका में वृद्धि हुई है। पिछले साल जिला यूनियन जगदलपुर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, द. कोंडागांव एवं केशकाल द्वारा अच्छा प्रदर्शन किया गया था। इस साल जगदलपुर, कोंडागांव, बीजापुर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा एवं केशकाल ने अच्छा प्रदर्शन किया गया है। आटी इमली की क्रय दर 31 रु. प्रति किलो से बढ़ाकर रू. 36 प्रति किलो की गई। इसी प्रकार फूल इमली 63 रु. प्रति किलो को बढ़ाकर 69 प्रति किलो की गई। इमली प्रसंस्करण में जगदलपुर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव ने अच्छा प्रदर्शन किया था।

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