टीचर्स ने दी नक्सली बनने की चेतावनी:राजधानी में जुटे 2 साल से पोस्टिंग की राह देख रहे चयनित शिक्षक, कहा- मेरिट में आने के बाद भी नौकरी नहीं, इसलिए ये ख्याल आता है

रायपुर2 महीने पहले
रायपुर में धरना देते बेरोजगार शिक्षक।

छत्तीसगढ़ के शिक्षक बेरोजगारी से इस कदर परेशान है कि अब नक्सली बनने का ख्याल इनके मन में आ रहा है। ऐसी ही बातें लिखे पोस्टर लेकर बस्तर और सरगुजा संभाग के सैकड़ों शिक्षक रायपुर पहुंचे हुए हैं। बच्चों को पढ़ाकर उनका भविष्य बनाने का सपना लिए आंखों में अब बेरोजगारी के आंसू हैं। इसलिए मन में हथियार उठाने की चाहत पनप रही है। अब पिछले कुछ दिनों से रायपुर में धरना दे रहे हैं और सरकार से मांग कर रहे हैं कि इन्हें रोजगार दिया जाए।

यह सभी शिक्षक साल 2019 में आयोजित भर्ती परीक्षा में सिलेक्शन को क्लियर कर चुके हैं। किसी को राज्य में टॉप फाइव में जगह मिली तो किसी को टॉप टेन में अच्छी रैंक हासिल की। इसके बाद भी इन्हें इनकी पोस्टिंग नहीं दी जा रही है। सिलेक्शन हो जाने के बाद भी सरकारी दफ्तर में इन्हें चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और अफसरों की खरी-खोटी सुननी पड़ रही है। युवकों ने दावा किया कि जानबूझकर हमें परेशान किया जा रहा है। अब तंग आकर प्रशिक्षित D.Ed B.Ed संघ के बैनर तले आंदोलन शुरू कर दिया है।

तो बन जाऊंगा नक्सली
बीते 3 साल से सरकारी नौकरी का सपना संजोए कड़ी मेहनत के बाद भी हाथ बेरोजगारी ही लगी है। राज्य के टॉप 10 मेरिट लिस्ट में अपनी जगह बनाने वाले मनोज सिन्हा बेहद परेशान हैं। मनोज ने बताया कि सिलेक्शन के बाद भी रोजगार नहीं मिल रहा है इसलिए हाथों में बैनर लिए हैं जिनमें लिखा है कहीं हम नक्सली न बन जाएं। मनोज ने बताया कि इस नौकरी को हासिल करने के लिए काफी मेहनत की, तैयारी की। पेशे से व्यायाम शिक्षक मनोज ने कहा कि वो चाहते हैं कि ग्रामीण इलाके के स्कूलों में बच्चों की फिटनेस पर काम करें, मगर सरकार की अनदेखी की वजह से हालात ऐसे हैं कि मन में आता है नक्सली ही बन जाउं।

तो इच्छा मृत्यु मांगेगे बेरोजगार शिक्षक
मनोज सूर्यवंशी और बस्तर से आई धनेश्वरी नारंग ने बताया कि हम पहले छोटे स्कूलों में पढ़ाया करते थे। अब 2019 में सिलेक्शन हुआ तो वो जॉब छोड़ दी। अब कोई हमें नौकरी पर नहीं रखता क्योंकि हमारा सिलेक्शन हो चुका है। मगर सरकार है कि हमें नियुक्ति नहीं दे रही। ऐसे में अब जल्द ही एक आवेदन देश के राष्ट्रपति को भेज रहे हैं, जिसमें हम इच्छा मृत्यु की मांग करेंगे। हम चाहते हैं कि बस्तर और सरगुजा संभाग के चयनित शिक्षकों की जल्द से जल्द भर्ती की जाए।

खबरें और भी हैं...