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18 प्लस के केवल 990 टीके बचे:राजधानी में आज सिर्फ 4 केंद्रों पर टीके, बुधवार से टोटल ब्रेक

रायपुर18 दिन पहले
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  • ऑडिटोरियम, बीटीआई, डिग्री गर्ल्स, मोवा स्कूल सेंटरों में

राजधानी में 18 प्लस के 34 केंद्रों में से सोमवार को सिर्फ 4 केंद्रों में ही टीके लगाए जा सकेंगे। आउटर में इस वर्ग का टीकाकरण पूरी तरह बंद कर दिया गया है। रविवार की रात तक केवल 990 टीके बच गए हैं। 120 के हिसाब से पं. दीनदयाल ऑडिटोरियम, बीटीआई, गर्ल्स कॉलेज कालीबाड़ी और हाईस्कूल मोवा सेंटरों को ही 480 टीके बांटे गए हैं, जो सोमवार को लगेंगे। बचे-खुचे टीकों से मंगलवार को इन्हीं में वैक्सीनेशन होगा और बुधवार से रायपुर में 18 प्लस वालों का टीकाकरण बंद हो जाएगा। नए टीके आने के बाद ही प्रदेशभर में युवाओं का टीकाकरण रविवार या सोमवार से ही जोर पकड़ सकेगा।

रायपुर जिला वैक्सीन स्टोर से रविवार रात 8 बजे चार सेंटरों को टीके बांटे गए। सोमवार शाम जितने टीके बचेंगे, वह मंगलवार को सेंटरों में भेज दिए जाएंगे। बुधवार से टीकाकरण पर जैसा ब्रेक लगेगा, वैसा राजधानी में अब तक नहीं हुआ है। पड़ताल के मुताबिक इस वर्ग के लिए राजधानी को पिछले एक माह में केवल 85540 टीके मिले, जिसमें अधिकांश लग चुके हैं। रायपुर के केंद्रों में रोजाना 20 हजार टीके लगाने की क्षमता है, लेकिन सीएमओ डॉ. मीरा बघेल के मुताबिक जब तक टीके मिल नहीं जाते, यह नहीं कहा जा सकता कि 34 केंद्रों में टीकाकरण शुरू हो पाएगा या नहीं।

भास्कर लाइव; पहला डोज लेने के बाद समय पर नहीं मिल रही दूसरी डोज
राजधानी में युवाओं के वर्ग में कोवैक्सीन का पहला डोज लगाने वाले बहुत सारे युवा इसके दूसरे डोज के लिए एक बूथ से दूसरे बूथ भटक रहे हैं। रायपुर में कोवैक्सीन का स्टॉक पहले डोज में ही खत्म हो गया। 1 मई से अब तक युवाओं के लिए कोवैक्सीन की खेप ही नहीं। शहर में 18 प्लस के वर्ग में पहला टीका लगवाने वाली मीना रविवार के दिन पांच से भी ज्यादा बूथ में गई। लेकिन कहीं भी कोवैक्सीन नहीं मिला।

ऐसे में लग जाएंगे 15 महीने
रायपुर में 13 लाख से ज्यादा युवाओं का टीकाकरण किया जाना है, जबकि टीके 85 हजार ही मिले हैं। रायपुर को अब तक चार बार टीके की सप्लाई मिली है। शहर के लिए 78 सौ से अधिक को-वैक्सीन डोज और कोविशील्ड के तीन बार में 30 हजार, 45800 और 1940 को मिलाकर करीब 77 हजार डोज मिले हैं। यही रफ्तार रही तो सभी युवाओं को टीके लगाने में 15 महीने लग जाएंगे।

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