खराब धान पर भिड़े राइस मिलर और अफसर:प्रदेश में कस्टम मिलिंग बंद करने की चेतावनी

रायपुर18 दिन पहले
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खराब धान को लेकर राज्यभर के राइस मिलर और अफसर आपस में भिड़ गए हैं। मिलरों का आरोप है कि अफसर दबाव बनाकर सड़ा और खराब धान उठाने के लिए कह रहे हैं। इस मामले में मंगलवार को मिलरों ने नूतन राइस मिल स्थित विपणन अधिकारी के दफ्तर का घेराव किया। वहां दिनभर हंगामे के बाद बुधवार को मिलरों ने कलेक्टर को भी इसी मामले में घेरा।

कलेक्टर से दो टूक कहा गया है कि इस तरह की मनमानी हुई तो सभी मिलों में काम बंद कर दिया जाएगा। राइस मिलरों का कहना है कि मिलरों की ओर से खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 के अंतर्गत कस्टम मिलिंग का काम किया जा रहा है। इसमेंं विपणन संघ की ओर से बिना किसी आवेदन के डीओ जारी कर दिया गया है। कस्टम मिलिंग अनुबंध के अनुसार मिलरों की बैंक गारंटी शासन के पास अमानत होती है। इसका उपयोग मिलर ऑनलाइन आवेदन कर धान उठाव के लिए करता है। लेकिन अभी मिलरों की बैंक गारंटी को जब्त करने की चेतावनी देकर डीओ को पूरा करने का आदेश दिया जा रहा है। मंडियों में रखा धान बारिश में खराब हो चुका है अब उसे ही उठाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। जो धान दिया जा रहा है उसकी क्वालिटी बेहद खराब है। कई क्षेत्र के धान में बेहद नमी आने की वजह से उसकी मिलिंग करना भी बेहद मुश्किल है, लेकिन उसे जबरिया मिलर को थमाया जा रहा है। राइस मिलर्स संघ के अध्यक्ष योगेश अग्रवाल का कहना है कि पहले ही मिलिंग को लेकर कई समस्याएं सामने आ रही थी, अब सड़ा धान उठाव की परेशानी ने मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। मिलरों ने चेतावनी दी है कि अभी भी ऑटो डीओ जारी किया जाएगा तो इसके खिलाफ प्रदेशभर के राइस मिलर सड़क पर उतरेंगे और कस्टम मिलिंग का काम बंद कर दिया जाएगा।

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