भास्कर एक्सक्लूसिव:लॉकडाउन में भी मजदूरों को रोजगार मिले, इसलिए 13 शहरों में 150 करोड़ के काम

रायपुर6 महीने पहले
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  • लाॅकडाउन में एक तबके को अार्थिक राहत तथा बाकी को सड़क-नाली जैसी सहूलियत देने के लिए जारी हुआ फंड
  • कस्बों-पंचायतों में भी पौने 4 सौ करोड़ का निर्माण ताकि मिलती रहे मजदूरी

काेराेना संक्रमण के दौरान सभी नगरीय निकायों को कोविड मरीजों की देखभाल करने तथा उन्हें मूलभूत सुविधाओं के साथ ही राशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन सरकार ने एक पहल यह की है कि प्रदेश के सभी शहरों-कस्बों और बड़ी पंचायतों में नाली, सड़क और गलियों के काम शुरू करवा दिए हैं।

इसके पीछे दो कारण हैं। पहला, कोरोना लाॅकडाउन के बावजूद मजदूरों को मजदूरी मिलती रहे और उनकी हालत न बिगड़े तथा दूसरा, बाकी लोगों के लिए भी लॅाकडाउन की अवधि में मूलभूत सुविधाओं में बढ़ोतरी की जा सकी। इस वक्त प्रदेश के 13 शहरों (नगर निगमों) में 138 करोड़ रुपए से ऐसे ही सड़क, नाली, पाइपलाइन वगैरह के काम चालू कर दिए गए हैं। वहीं, नगरपालिकाओं यानी छोटे शहर-कस्बों और पंचायतों को मिलाकर कुल 374 रुपए के काम चालू करवाए गए हैं। प्रदेश के नगरीय निकायों में होने वाले विकास कार्यों पर भी कोरोना संकट का असर पड़ा है।

पिछले साल से लगातार संक्रमण बने रहने के कारण निकाय अपने मूलभूत कामकाज भी नहीं कर पा रहे थे। कुछ फंड का अभाव तो कुछ अन्य तकनीकी दिक्कतों के कारण काम नहीं हो पा रहे थे। लेकिन इस बार नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही सभी 169 नगरीय निकायों ने अपनी आवश्यक्ताओं के आधार पर अपनी डिमांड राज्य सरकार के पास भेजी थी। डिमांड नोट के आधार पर नगरीय प्रशासन विभाग के अफसरों ने बैठक के बाद विकास कार्यों के लिए 374 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्रदान की है। इसके तहत 13 नगर निगमों को कुल 138 करोड़ रूपए जारी किए गए हैं जबकि 43 नगर पालिका परिषदों को 82 करोड़ रूपए तथा 112 नगर पंचायतों को 77 करोड़ रूपए भेजे गए हैं।

ऐसे काम को प्राथमिकता

बताया गया है कि गर्मी में पेयजल संकट को देखते हुए सभी निकायों को पेयजल आपूर्ति के काम के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। इसी तरह रपटा-पुलिया निर्माण, बाउंड्रीवॉल निर्माण, पंचायत भवन, कब्रिस्तान, श्मशान घाट, आंगनवाड़ी केंद्र, कांजी हाउस, पुस्तकालय भवन निर्माण, यात्री प्रतीक्षालय, ग्राम चौपाल, बाजार चबूतरे आदि का निर्माण जरूरत के मुताबिक करने के लिए कहा गया है।

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