डॉक्टर्स डे पर विशेष / बीएमओ स्वस्थ, कहा- हिम्मत हारता तो लोगों का मेरे पेशे से विश्वास उठ जाता

BMO healthy, said- If I lost courage, people would lose faith in my profession
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BMO healthy, said- If I lost courage, people would lose faith in my profession

  • पलारी बीएमओ और उनके बेटे का स्वस्थ होकर लौटने पर आत्मीय स्वागत किया गया, कोरोना संक्रमित पत्नी और एक बेटे का अब भी अस्पताल में चल रहा इलाज

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

पलारी. बैगा का उपचार करते समय कोरोना संक्रमित हुए बीएमओ डॉ. एफआर निराला एवं उनके छोटे कोरोना को मंगलवार को हराकर घर लौट गए। संयोगवश बुधवार को डॉक्टर्स डे भी है। दो दिन बाद पत्नी और बड़े पुत्र की भी छुट्टी हो जाएगी। वे 12 दिन और छोटा पुत्र 9 दिन में स्वस्थ हो गए। उनके संपर्क वालों की जांच हुई तो उनकी धर्मपत्नी और दोनों पुत्र भी संक्रमित पाए गए। डॉ. निराला ने कहा कि उनके संक्रमित होते ही वे समझ चुके थे कि परिवार भी प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि वे डॉक्टर हैं इस नाते उनको पता था कि संक्रमित व्यक्ति का उपचार करते करते वे भी संक्रमित हो सकते हैं, उसके बाद भी डॉक्टर का धर्म नहीं छोड़ा। मैं हिम्मत हारा जाता तो लोगों का विश्वास डॉक्टर पर से उठ जाता। डॉक्टर्स डे के एक दिन पहले उनका यह आत्मविश्वास लोगों में विश्वास पैदा करता है। उन्होंने कहा जैसे ही होम आइसोलेशन की अवधि पूरी हो जाएगी जनता की सेवा के लिए फिर अस्पताल जाएंगे।
दोनों का घर लौटने पर पलारी में जोरदार स्वागत किया गया क्योंकि डॉ. निराला ही एकमात्र ऐसे कोरोना योध्दा थे जो संक्रमित होने से पहले साढ़े तीन माह से कोरोना संक्रमितों की सेवा में जुटे थे। रात-आधी रात मजदूरों के लौटने पर वे अस्पताल में ही मिलते थे। संक्रमित होने के बाद भी वे स्टाफ का मनोबल फोन पर बढ़ा ते रहे। उनके स्वस्थ होकर लौटने पर स्टाफ व नगर के गणमान्य लोगों ने उनका आत्मीय स्वागत किया।  उनका व उनके पुत्र का स्वागत करने नगर पंचायत अध्यक्ष यशवर्धन मोनू वर्मा, सुमित्रा धृतलहरे, खुशबू बंजारे,  नीतू भूषण यादव, गोपी साहू, झड़ीराम कनौजे, संतोष देवांगन, मनीष चन्द्राकर, देवेंद्र डंडी गुरुजी, मनोज वर्मा, इंद्रकुमार, महेश सरसिहा, डॉ. बीएस ध्रुव, डॉ. योगेंद्र वर्मा , डॉ. अंकुर मुखर्जी, पंचू वर्मा, थानेश्वर पटेल, उर्षा, खूबी, शिखा, सुभान, प्रेमदास बघेल, पुष्पराज, बिल्लू धीवर, सुमित तिवारी, लाला वर्मा सहित गणमान्य नागरिक व स्टाफ के लोग भारी संख्या में मौजूद थे।  डॉक्टर और उनके पुत्र का पुष्पगुच्छ भेंटकर व पटाखा फोड़कर जोरदार स्वागत किया गया। 
पत्नी बाेलीं- एक ही वार्ड में एडमिट थे इसलिए तसल्ली थी
वही अस्पताल में भर्ती डॉक्टर की पत्नी ने कहा कि पति और दोनों पुत्र के संक्रमित होने के बाद मन थोड़ा सा चिंतित हो गया था, मगर हम तीनों मां बेटा एक ही वार्ड में उपचार करा रहे थे तो एक दूसरे का हौसला बढ़ाते रहे। मेरे पति डॉक्टर साहब आईसीयू में होने के कारण उन्हें देख भी नहीं पाती थी तो वीडियो कॉलिंग से सब लोग एक दूसरे से बात कर तसल्ली कर लेते थे। जिंदगी में पहली बार इस तरह का संकट आया जिसे आत्मविश्वास और लोगों की दुआओं से हमसे ने जीत लिया। आज पति और छोटे बेटे की छुट्टी हो गई और वे घर लौट गए। वहीं डॉक्टर के दोनों पुत्रों ने कहा कि वे लोग तो यंग थे तो उनको अपनी चिंता नहीं थी मगर मम्मी पापा भी संक्रमित होने से थोड़ा तनाव जरूर था। 
घर पर दो बहुएं ही रह गई थीं, फोन पर उनका हौसला बढ़ाते रहे
डॉ. निराला ने भास्कर से कहा कि कोरोना सामान्य बीमारी है, इससे घबराने की जरूरत नहीं है, बस सावधानी बहुत जरूरी है।  जब मैं संक्रमित हुआ तब मुझे एहसास हो चुका था कि मेरा परिवार भी इस संक्रमण काल से गुजरेगा, चिंता सिर्फ पत्नी की ही रही क्योंकि उनको और अन्य शारीरिक परेशानियां भी थीं। मेरे पूरे परिवार ने तकलीफ को महसूस किया, घर पर एक छोटा बच्चा और दोनों बहुएं ही रह गई थीं। हम सब रोज फोन से बात कर उनका हौसला बढ़ाते रहे।    

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