पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

खेती-किसानी:धान खरीदी 1 नवंबर से करने की मांग, कटी फसल को एक माह सुरक्षित रखना मुश्किल

पलारीएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • पलारी तहसील में 1009 नए किसानों ने कराया पंजीयन, रिकार्ड दुरुस्त न होने से पंजीयन में देरी

तहसील में 1009 नए किसानों सहित 30 हजार किसानों समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए पंजीयन कराया है जबकि 7 हजार किसानों का पंजीयन अब भी बाकी है। पंजीयन के लिए 31 अक्टूबर अंतिम तारीख है। इस बीच अलावा किसान 1 दिसंबर से धान खरीदी की बजाए 1 नवंबर से खरीदी की मांग कर रहे हैं, क्योंकि अधिकांश किसानों का धन कट चुका है। इस कटे हुए धान को एक माह तक सुरक्षित रखना मुश्किल होगा, फिर इसकी सुरक्षा पर अतिरिक्त खर्च भी करना पड़ेगा। इधर खराब सर्वर और रिकार्ड दुरुस्त नहीं होने से पंजीयन में देरी भी हो रही है। समर्थन मूल्य 2500 रुपए प्रति क्विंटल पर धान बेचने के लिए किसानों को 31 अक्टूबर तक पंजीयन कराने की अंतिम तारीख है। पलारी तहसील में 37,000 किसान समर्थन मूल्य पर धान बेचते हैं। इस साल 1009 नए किसानों ने पंजीयन कराने तहसील कार्यालय में आवेदन लगाया है जबकि पलारी तहसील के करीब 80 प्रतिशत किसानों का पंजीयन हो चुका है, यानी 30,000 लोगों का पंजीयन 25 अक्टूबर तक पूरा हो गया है जबकि 7000 किसानों का पंजीयन होना बाकी है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तारीख 1 दिसंबर तय की गई है, किसान परेशान हैं क्योंकि हरहुना धान कट गया है और मिंजाई भी प्रांरभ हो चुकी है। ऐसे में जिन किसानों का धान कट गया है, उनको इतने लंबे समय तक फसल की रखवाली करने में दिक्कत हो रही है। धान खरीदी एक माह बाद होने से उतने दिनों तक धान को सुरक्षित रखने के टेंशन के साथ उसकी रखवाली का खर्च का अतिरिक्त भार भी किसानों पर पड़ेगा। देवलाल यादव, बोधी, मुकेश साहू, जगदीश साहू, पवन, तुकाराम आदि किसानों ने कहा कि सरकार धान खरीदी की तारीख बदले और 1 नवंबर से खरीदी करे। पलारी तहसीलदार श्यामा पटेल का कहना है कि 31 अक्टूबर पंजीयन की अंतिम तिथि है और सर्वर एवं रिकार्ड दुरुस्त नहीं होने से पंजीयन में कुछ विलंब जरूर हो रहा है मगर तय तिथि पर पंजीयन पूरा हो जाने की उम्मीद है ।

7 हजार किसानों का पंजीयन बाकी
इधर पंजीयन के लिए भी समय कम बचा है क्योंकि जिन किसानों का पंजीयन नहीं हो रहा है उसका कारण रिकार्ड दुरुस्त नहीं होना और दूसरा नेटवर्क की बड़ी समस्या है। अगर ये समस्या बनी रही तो 7000 किसानों का समय पर पंजीयन हो पाना मुश्किल होगा। सर्वर डाउन होने और रिकार्ड अपडेट नहीं होने के कारण किसानों को पटवारी कार्यालय और तहसील आफिस के चक्कर काटना पड़ रहा है। अगर समय पर पंजीयन नहीं हो पाया तो किसानों का धान बेचना मुश्किल होगा। इस साल वही 1009 नए किसानों ने भी धान बेचने के लिए आवेदन तहसील कार्यालय में जमा किया है, जिसमें 600 किसानों का पंजीयन हो चुका है जबकि 409 किसानों का पंजीयन अभी शेष है।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- घर-परिवार से संबंधित कार्यों में व्यस्तता बनी रहेगी। तथा आप अपने बुद्धि चातुर्य द्वारा महत्वपूर्ण कार्यों को संपन्न करने में सक्षम भी रहेंगे। आध्यात्मिक तथा ज्ञानवर्धक साहित्य को पढ़ने में भी ...

और पढ़ें