यही ठीक है / पलायन से लौटे लोग सीधे अस्पताल पहुंचकर जांच करवाने के बाद अपने गांव जा रहे

The people who returned from the migration are going straight to their village after getting the hospital checked
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The people who returned from the migration are going straight to their village after getting the hospital checked

  • सोमवार काे 2200 लोग पलायन से आए, विदेश से लौटे 7 लोग होम आइसोलेशन में
  • गांवों, शहरों में मेडिकल जांच कराने, बाहरी व्यक्तियों से दूरी बनाने की मुनादी हो रही

दैनिक भास्कर

Mar 31, 2020, 02:17 PM IST

पलारी.  कोरोना वाइरस के कारण हुए लॉकडाउन के बाद बड़े शहरों व अन्य प्रदेश में जीने खाने एवं पढ़ाई करने गए लोग भारी संख्या में गांव लौटने लगें है जिन्हें मेडिकल परीक्षण के बाद ही गांवों में रहने की अनुमति ग्रामीण दे रहे हैं। यही वजह है कि लोग गांव लौटने के पहले पलारी सरकारी अस्पताल पहुंच जांच कराकर मेडिकल पर्ची के साथ गांव जा रहे हैं तभी उन्हें  गांव में रहने की अनुमति दी जा रही है। 


सोमवार तक कुल 2200 लोग पलायन से लौटे हैं। ये आंकड़े रोज बढ़ रहे हैं, जनकी प्रशासन रोज लिस्टिंग कर रहा है। इसमें जिले के बाहर से लौटने वालों की संख्या 1589 तो अन्य राज्यों से लौटने वालों की संख्या 598 जबकि विदेश यात्रा से लौटने वालों (अप्रवासी)की संख्या ब्लॉक में मात्र 7 है।  ये सभी लोग होम क्वारेंटाइन में हैं। 7 विदेशियों में 5 पलारी सेक्टर तो 2 लक्षनपुर सेक्टर में होम आइसोलेशन में है‌ं।

ज्ञात हो कि कोरोना वाइरस के कारण लगातार गांवों और शहरों में मुनादी कराकर बाहरी व्यक्तियों से दूरी बनाने एवं घर लौटने वाले परिवार के सदस्यों की अनिवार्य रूप से मेडिकल जांच कराने की मुनादी कराई जा रही है। इसमें जांच में संदिग्ध पाए जाने पर होम आइसोलेशन में रहने की हिदायत दी जा रही है। पलायन या बाहर से  घर लौटने वालों पर दबाव बनाकर ग्रामीण उन्हें सरकारी अस्पताल में पूरी तरह चेकअप कराने के बाद ही गांव में रखने की अनुमति दे रहे हैं। पलारी ब्लाक में अब तक लगभग 2200 लोग  अस्पताल में जांच कराने पहुच चुके हैं जिन्हें जांच के बाद डॉक्टरों ने 14 दिनों तक होम क्वारेंटाइन में रहने कहा है और बाकायदा इनके घरों में पर्ची चिपकाकर स्वास्थ विभाग के कर्मचारी, आंगनबाड़ी शिक्षक उन पर सतत निगरानी रख रहे हैं।

सोच में बदलाव: परिजन रास्ते में फोन पर ही हिदायत दे रहे कि पहले अस्पताल जाओ

वहीं अस्पताल में जांच के लिए आए महेंद्र, सरिता, मेनका, दिलीप, संतोष, सावित्री, सुमित्रा, सुजाता, सुरजीत, मनोज, पवन, हेमंत, भूषण, सुखदेव आदि ग्रामीणों ने बताया कि जैसे ही वे लोग वापस गांव लौटने लगे तभी रास्ते में ही परिजन ने फोन करके कहा कि पहले वे अस्पताल जाकर जांच कराएं फिर घर आएं। घर लौटें तो अस्पताल की जांच की पर्ची भी साथ में होना चाहिए। यही वजह है कि परिजन की हिदायत मिलने पर वे सीधे अस्पताल पहुंच रहे हैं जिससे पलारी अस्पताल में भी भीड़ को मेंटेन करना मुश्किल हो रहा है। 

लक्षण मिले तो जिला अस्पताल भेजेंगे : बीएमओ
बीएमओ डॉ. एफआर निराला का कहना है कि गांवों में मुनादी कराने और शासन द्वारा व्यापक प्रचार प्रसार करने का फायदा ये हुआ कि गांव के लोग जागरूक होकर सीधे अस्पताल पहुंच रहे हैं।  हम भी उनकी सामान्य जांच कर रहे हैं, किसी में अगर कोई  लक्षण दिखाई दे तो उन्हें सीधा जिला अस्पताल रेफर करेंगे नहीं तो सबको होम क्वारेंटाइन में रख उनकी नियमित जांच करेंगे। 

6 सेक्टरों में मोबाइल टीम बता रही-14 दिनों तक घरों में ही रहें

शासन द्वारा जारी निर्देश के बाद एक-एक व्यक्ति पर निगरानी रखने व उनके स्वास्थ्य जांच की लिए अस्पताल प्रबंधन ने ब्लॉक को 6 सेक्टरों में बांट दिया है । इसमें पलारी, लक्षनपुर, ओडान, खरतोरा, सिसदेवरी, दतान-प शामिल हैं। वहीं मोबाइल वर्कर में भूपेश कश्यप, भूपेंद्र साहू, सुरेंद्र यादव शामिल हैं। इऩके साथ स्वास्थ कर्मी, शिक्षक,मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत कर्मियों की ड्यूटी लगाकर नियमित रूप से बाहर से लौटे लोगों के घरों की दीवार पर सूचना चस्पा की जा रही है जिसमें कोरोना वायरस के संबंध में और इलाज की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। उन्हें बताया जा रहा है 14 दिनों तक घर से बाहर नहीं निकलना है, जब तक आवश्यक न हो। यह भी बताया जा रहा है जो लोग इसका उल्लंघन करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। 

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