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लापरवाही:नगर के तालाबों की स्थिति खराब, राशि स्वीकृत होने के बाद भी नहीं हुए कार्य

पंडरियाएक महीने पहले
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नगर में स्थित तालाबों में गंदगी है व पानी गंदा हो गया है। इसके लिए मुख्य रूप से नगर पंचायत व जनप्रतिनिधि ही जिम्मेदार हैं, जो शासन द्वारा राशि देने के बाद भी कार्य नहीं कर पा रहे हैं। वर्ष 2014 -15 में नगर के कुशालबंद तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए करीब 15 लाख रुपए की स्वीकृति शासन ने दी थी। लेकिन 6 लाख रुपए का ही कार्य किया गया था। उक्त तालाब में कुछ जगह पिचिंग का कार्य किया गया था, जिसमें लाल घुलनशील पत्थर का इस्तेमाल किया गया। गुणवत्तायुक्त कार्य नहीं होने की शिकायत होने पर कार्य बंद करवा दिया गया, जिसके बाद नगर पंचायत व नगर के प्रतिनिधियों ने उक्त तालाब की ओर मुड़ कर नहीं देखा। कचरे से पटा हुआ है: कुशालबंद तालाब वर्तमान में खरपतवार व कचरे से पटा हुआ है। नगर का यह प्रमुख तालाब है, जहां आधे नगर का निस्तार कार्य निर्भर है। तालाब में कचरों व तालाब की गहराई नहीं होने के कारण पानी भी पर्याप्त नहीं रहता है। इस कारण तालाब का उपयोग नहीं हो पा रहा है। उक्त तालाब के अलावा नगर के सभी तालाबों की यही हालत है। बांधा तालाब व दुर्जाबन्द तालाब दोनों में दो वार्ड के शौचालयों का गंदा पानी आता है। नाली नहीं होने के कारण इन तालाबों का पानी गंदा रहता है। इसी प्रकार दो-तीन वार्डों का पानी नगर के गदही तालाब में जाता है। जिसके बदबू से लोग परेशान रहते हैं।

सौंदर्यीकरण के लिए प्रस्ताव भेजे हैं - सीएमओ
इस संबंध में पंडरिया सीएमओ लालजी चन्द्राकर ने बताया कि नगर के कुशालबंद व गणेशाबंद तालाब के सौदर्यीकरण के लिए 50-50 लाख रुपए का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, जल्द ही स्वीकृति मिलने की संभावना है। इसके बाद कार्य शुरू हाेगा।

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