स्कूल भवन कमजोर:पेड़ के नीचे और रसोई में बैठकर पढ़ते हैं बच्चे, नहीं हो रही मरम्मत

पखांजूरएक महीने पहले
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स्कूल भवन कंडम होने से पेड़ के नीचे बैठ पढ़ाई करने मजबूर हैं बच्चे। - Dainik Bhaskar
स्कूल भवन कंडम होने से पेड़ के नीचे बैठ पढ़ाई करने मजबूर हैं बच्चे।

ग्राम बड़े कापसी स्थित प्राथमिक शाला स्कूल भवन कई सालों से कमजोर होने के चलते छात्र स्कूल परिसर के पेड़ के नीचे पढ़ने मजबूर है। वर्षा के दौरान इन छात्रों को किचन में धुएं के बीच बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। तीन वर्ष पूर्व शाला मरम्मत के लिए पंचायत को राशि भी जारी की गई, लेकिन भवन इतना कंडम है कि इसकी मरम्मत नहीं हो पाई।

तीन सालों से छात्रों के पेड़ के नीचे बैठ पढ़ाई करने की समस्या के बाद भी विभाग कोई ध्यान ही नहीं दे रहा। पहले तो इस भवन में समस्या सिर्फ बारिश के दौरान ही हुआ करती थी, लेकिन भवन में मरम्मत के नाम पर आई राशि से भवन की ऐसी मरम्मत हुई कि अब तो वर्ष भर कक्षा पेड़ के नीचे लग रही है। तीन वर्ष पूर्व इस भवन की मरम्मत के लिए पंचायत को 1.15 लाख की राशि जारी की गई। सरंपच द्वारा काम भी शुरू कराया गया, लेकिन स्कूल भवन की टपकती हुई छत के सुधार के लिए छत के ऊपरी हिस्से को तोड़ कर निकाल दिया गया। इसके बाद भवन इतना कंडम हो चुका था कि इस भवन पर नई छत ढलाई से इस पुराने भवन के गिरने की आशंका को देखते हुए काम अधूरा ही छोड़ दिया गया। इसके बाद से तो इस स्कूल भवन की स्थिति और भी खराब हो गई है। तीन साल से ऊपर से खोदी गई छत के चलते वर्षा के दौरान पूरा पानी स्कूल भवन के अंदर ही आता है।

पहले से ही जर्जर
भवन की स्थिति अब इतनी खराब हो गई है कि सालभर छात्रों को पेड़ की नीचे ही बैठ पढ़ाई करनी पड़ रही है। वर्षा होने पर बच्चों को शाला भवन के लिए बने किचन में धुएं में बैठ पढ़ना होता है।

भवन इतना कमजोर कि मरम्मत नहीं हो सकती
ग्राम पंचायत बड़े कापसी की सरपंच सरिता नाग ने बताया कि इस भवन की मरम्मत नहीं हो सकती। पूर्व में इसके लिए पंचायत को जो राशि आई थी, उससे कुछ काम कराया भी गया। लेकिन भवन की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई है, जिससे छत डालने से भवन ही गिर सकता है। ऐसे में पंचायत ने मरम्मत काम अधूरा ही छोड़ दिया है। यहां नए शाला भवन की आवश्यकता है। इस संबंध में विधायक को भी अवगत कराया गया है। विधायक स्वयं स्कूल भवन भी देख चुके हैं, ताकि शासन की ओर से नया शाला भवन मिल सके। शाला की प्रधान पाठिका आरती मंडल ने बताया शाला भवन कंडम होने के चलते अधिकारियों ने बच्चों को भवन के भीतर नहीं बैठाने का निर्देश दिया है।

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