कालाबाजारी:हटा दिए थे नकली बीज, टीम ने पड़ोस से 43 पैकेट किया जब्त

पखांजूर25 दिन पहले
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  • रंगे हाथ पकड़ने के बाद किसानों ने दी थी सूचना, दो दुकान सील करते हुए प्रशासन ने लाइसेंस निरस्त करने की शुरू की कार्रवाई

ग्राम पीव्ही 39 में प्रशासन और कृषि विभाग की टीम ने दुकानदार को मक्के के नकली हाइब्रिड बीज बेचते शनिवार को रंगे हाथ पकड़ा। ग्रामीणों को उक्त दुकान पर पहले से नकली बीज बेचने का शक था। सुबह जैसे ही भारी मात्रा में मक्का बीज उक्त दुकान पर पहुंचा, ग्रामीणों ने उसे पिकअप से उतारने के पहले ही घेर लिया। इसकी जानकारी तहसीलदार पखांजूर को दी। इस पर प्रशासन व कृषि विभाग की टीम मौके पर पहुंची।

जांच में उक्त बीज नकली पाया गया, जिसके बाद दुकानदार देवाशीष भौमिक के साथ पखांजूर के दुकानदार तपन मंडल जिसके द्वारा बीज भेजा गया था, दोनों दुकानों को सील कर दिया गया। दरअसल, ग्राम पीव्ही 39 में भौमिक कृषि केंद्र के मालिक देवाशीष भौमिक अरसे से नकली मक्के का बीज बेच रहा था। किसानों को उक्त दुकान पर शक था पर सबूत नहीं होने के कारण कभी इसके खिलाफ कुछ नहीं कर पाए।

शनिवार को ग्रामीणों को मौका मिल ही गया। सुबह जैसे ही दुकान में नकली मक्का बीज पहुंचा वैसे ही ग्रामीणों ने घेर लिया और इसकी सूचना प्रशासन को दी। इसके बाद तहसीलदार पखांजूर शेखर मिश्रा कृषि विभाग के कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे और चार-चार किलो के 113 पैकेट वायर कंपनी का डीकेसी 9081 मक्के का बीज जब्त किया। इस दौरान प्रशासन को जानकारी हो गई थी कि उक्त बीज पखांजूर के सुजाता कृषि केंद्र से लाया गया है।

प्रशासन ने सुजाता कृषि केंद्र पखांजूर की दुकान के पास अपना एक कर्मचारी पहले ही बैठा दिया। नकली बीज पकड़े जाने की जानकारी जैसे ही सुजाता कृषि केंद्र के मालिक तपन मंडल को मिली तो वे दुकान पहुंचे और वहां रखा नकली मक्का बीज पड़ोस की मनिकारी दुकान में रखवा दिया। पीव्ही 39 में कार्यवाही पूरी कर जब प्रशासन का दल सुजाता कृषि केंद्र पहुंचा तो दुकान में कोई बीज नहीं मिला। वहां पहले से ही मौजूद कर्मचारी की निशानदेही पर बगल की से 43 पैकेट नकली बीज पकड़ा।

हैदराबाद से मंगाया था नकली बीज
सुजाता कृषि केंद्र ने 490 पैकेट नकली मक्का बीज मंगाए थे, जिसमें से 113 पैकेट ही टीम को मिले हैं। बाकी बीज स्थानीय किसानों को 1600 की दर पर बेचा जा चुका है। इसे हैदराबाद से मंगाया गया था। बड़ी कंपनी के नाम के पैकेट में भर कर चोरी-छिपे यहां लाया जाता है। दुकानदार इसे असली बीज के दाम पर बेच मोटा मुनाफा कमाते हैं। वर्तमान में धान कटाई के बाद क्षेत्र में कई हजार एकड़ में मक्का खेती होती है। नकली मक्का बीज इसी दौरान खपाने की तैयारी थी।

फर्जी निकला पैकेट पर छपा क्यूआर कोड
नकली और असली बीज की पहचान करना किसानों के लिए बड़ी समस्या है। बड़ी कंपनी भी इस समस्या से परेशान हैं। अधिकांश कंपनियों ने सभी पैकेटों में एक कोड नंबर दिया है। इस नंबर पर किसान अपने मोबाईल नंबर से एसएमएस करते है तो उसे कम्पनी की ओर से तुरंत रिप्लाई आता है जिससे पुष्टि होती है यह हाइब्रिड बीज असली है। जब्त पैकेटों पर ऐसा कोई नंबर नहीं है। वहीं इस पर दिया गया क्यूआर कोड भी फर्जी निकला।

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