घर वापसी / 1400 रुपए खर्च कर पहुंचे श्रमिक

Labor reached 1400 rupees
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Labor reached 1400 rupees

  • दूसरे प्रदेशों से आने वाले मजदूरों को क्वारेंटाइन सेंटर तक छोड़ने के लिए वाहन की व्यवस्था नहीं

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

सहसपुर लोहारा. जिला प्रशासन दूसरे प्रदेश में फंसे जिले के श्रमिक व प्रवासी लोगों को जिले में ला रहा है। लेकिन इन्हें गांव तक लाने लापरवाही बरती जा रही है। शनिवार को कुछ ऐसा ही मामला सामने आया। दरअसल ब्लॉक के 18 श्रमिक गुजरात के अहमदाबाद में काम करने गए थे। श्रमिकों की मानें तो शनिवार को बिलासपुर रेलवे स्टेशन से उन्हे जिले में लाया गया। लेकिन दोपहर 11 बजे लोहारा बस स्टैंड में छोड़ दिया गया। 4 श्रमिक लोहारा के पास के एक गांव के थे। वहीं 14 श्रमिक ग्राम भटकूंडेरा के थे, जो लोहारा से करीब 17 किलोमीटर दूर है। एेसे में श्रमिकों ने अपने ग्राम पंचायत के क्वारेंटाइन सेंटर से वाहन भेजने की मांग की। लेकिन पंचायत ने वाहन व्यवस्था नहीं की। 
अहमदाबाद से लौटे श्रमिक चेतन मंडावी ने बताया कि उनके साथ कुल 7-7 महिला पुरुष व दो छोटे बच्चे हैं। वाहन की सुविधा नहीं होने के चलते लोहारा में ही 1400 रुपए में वाहन किराया कर अपने गांव भटकूंडेरा के क्वारेंटाइन सेंटर तक पहुंचे।
रेड जोन से लौटे लोग संक्रमण का खतरा
अहमदाबाद जिला रेड जोन में आता है और इसी जिले से सभी श्रमिक अपने गांव लौटे हैं। रेड जोन से आने के कारण संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। लोहारा तहसीलदार व प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर रेखा चन्द्रा ने बताया कि शनिवार 11 बजे तक ऐसे कोई भी बस नहीं आई है,जो श्रमिकों को लोहारा में छोड़कर गई है। श्रमिकों को रेलवे स्टेशन में लाने के बाद उन्हें तहसील के ग्राम नरौधी व ग्राम ठाठापुर में रखा जाता है। यहां स्वास्थ्य जांच के बाद ही उनके गांव तक छोड़ा जाता है।

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